Seth Badrilal Khandelwal Shiksha College : शहर की ममता पांडे ने दुर्ग के महाविद्यालय में मौली से फ्रेंडशिप बेल्ट और राखी बनाने का प्रशिक्षण दिया

Seth Badrilal Khandelwal Shiksha College : दुर्ग। दुर्ग के सेठ बद्रीलाल खण्डेलवाल महाविद्यालय सभागार में आज दोपहर 12 बजे एक दिवसीय मौली धागा से राखी प्रशिक्षण की कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से की गई जिसमे हमारी मुख्य अतिथि ममता पाण्डेय, प्राचार्य उमा सिंह और अर्चना तिवारी ने दीप प्रज्वलित किया और छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना गयी गई। प्राचार्य उमा सिंह ने ब. एड. कॉलेज के बारे में विस्तार समझाया।
समाज सेविका ममता पांडे जो लगातार पिछले 9 वर्षों से मौली धागा से बनी हुई फ्रेंडशिप बेल्ट और राखियों को बनाने एवं इसके महत्व का प्रचार कर रही है। उनके द्वारा छात्राध्यापकों को मौली धागे से फ्रेंडशिप बेंड और राखी बनाने का प्रशिक्क्षण दिया मौली धागा लाल पीला व केसरिया रंग का होता है, जिसे हिन्दु धर्म में पवित्र माना जाता है।
पूजा, यज्ञ एवं व्रत संस्कारों में इसका प्रयोग किया जाता है। मौली धागे में यदि हरे रंग का प्रयोग होता है तो वह मुस्लिमों में मन्नती धागे के रूप में प्रयोग होता है रक्षा बंधन पर बांधी जाने वाली मौली धागा वाली राखी भाई की सुरक्षा, सुख व दीर्घायु की कामना रखती है। इसे रक्षा सूत्र के रूप में माना जाता है। अधिकतर सूती धागे से बने होने के कारण यह प्रकृति के लिए सुरक्षित है और त्वचा के लिए आरामदायक होती है।
हिन्दु धर्म में मान्यता है, कि मंत्रोच्चार के साथ बांधी गयी मौली राखी नकारात्मक शक्तियों से रक्षा करती है और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है और इसे कलाई में महीनों तक बांध सकते है इससे हमारा वात, पीत और कैफ़ संतुलित रहता है जिससे हमारा स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है। अभी तक 300 से अधिक स्कूल, कॉलेज और सामाजिक संस्थाओं में सीखा चुकी है बी.एड के छात्राध्यापकों के द्वारा मौली धागा से राखी बनाना सिखने के साथ-साथ राखी बनाया भी गया।
उपरोक्त जानकारी ममता पांडे जी के द्वारा दी गई। इस कार्यक्रम में समस्त बी.एड छात्राध्यापकों ने सहभागिता दी। संचालन छात्राध्यापकों के द्वारा किया गया। धन्यवाद ज्ञापन अर्चना षडंगी द्वारा किया गया, महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. उमाकान्ती सिंह एवं अध्यक्ष प्रवीण कुमार तिवारी ने कार्यक्रम के सफल आयोजन की सराहना की।

