CG Janganana News: जनगणना के दौरान शिक्षक की मौत: 1 करोड़ दुर्घटना बीमा देने की एसोसिएशन ने सरकार से की मांग, *निर्वाचन की तर्ज पर हो बीमा सुरक्षा

CG Janganana News: रायपुर। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने सरकार से जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों के लिए दुर्घटना बीमा 1 करोड़ की मांग की है। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन, आयुक्त जनगणना व सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग को पत्र सौंपकर शिक्षकों व कर्मचारियों के लिए 1 करोड़ की विशेष बीमा सुरक्षा की मांग की है।
जानकारी के मुताबिक, विकासखंड खरसिया के अंतर्गत शासकीय कन्या आश्रम तेन्दुमुड़ी में पदस्थ शिक्षक हेमसागर कमलवंशी की 20 अप्रैल 2026 को एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। बताया गया कि वे जनगणना प्रशिक्षण से लौट रहे थे, इसी दौरान कार दुर्घटना का शिकार हो गए।
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रांतीय पदाधिकारी गुरुदेव राठौर, खरसिया ब्लॉक अध्यक्ष खगेश्वर प्रसाद पटेल, ब्लॉक उपाध्यक्ष नरेंद्र पटेल ब्लॉक उपाध्यक्ष महेंद्र सिदार, संगठन मंत्री हेम सिंह राठिया बारभौना संकुल के CAC नरसिंह राठिया के पहल पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी खरसिया द्वारा तत्काल अनुग्रह राशि का भुगतान किया गया।
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा, प्रदेश संयोजक सुधीर प्रधान, वाजिद खान, प्रदेश उपाध्यक्ष देवनाथ साहू, बसंत चतुर्वेदी, प्रवीण श्रीवास्तव, शैलेन्द्र यदु, कोमल वैष्णव, मुकेश मुदलियार, प्रदेश सचिव मनोज सनाढ्य, प्रदेश कोषाध्यक्ष शैलेन्द्र परिक ने मांग की है कि जनगणना ड्यूटी के दौरान किसी भी अनहोनी की स्थिति में कर्मियों को निर्वाचन कार्य की तर्ज पर अनिवार्य बीमा लाभ प्रदान किया जाए।
प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा कि समान जोखिम, समान सुरक्षा- जनगणना का कार्य एक वृहद और चुनौतीपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है। इसमें शिक्षक दुर्गम क्षेत्रों, पहाड़ों और अंदरूनी इलाकों में घर-घर जाकर डेटा एकत्र करते हैं। निर्वाचन ड्यूटी की तरह ही इसमें भी जोखिम की संभावना बनी रहती है, अतः सुरक्षा प्रावधान भी समान होने चाहिए।
आर्थिक सुरक्षा का प्रावधान- ड्यूटी के दौरान दुर्घटना, गंभीर बीमारी या असामयिक मृत्यु की स्थिति में संबंधित कर्मचारी के परिवार को संबल प्रदान करने के लिए बीमा राशि का स्पष्ट प्रावधान किया जाना आवश्यक है।
संजय शर्मा ने कहा कि मानसिक निश्चिंतता-यदि शासन बीमा का कवच प्रदान करता है, तो कर्मचारी पूर्णतः निर्भीक होकर और समर्पित भाव से इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य को संपन्न कर सकेंगे।
जब जिम्मेदारी राष्ट्रीय स्तर की है और परिश्रम निर्वाचन जैसा ही है, तो सुरक्षा मानकों में भेदभाव क्यों? हम शासन से मांग करते हैं कि जनगणना में तैनात हर शिक्षक और कर्मचारी को 1 करोड़ की बीमा सुरक्षा का वैधानिक अधिकार दिया जाए।
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने शासन से अपील की है कि जनगणना कार्य की अधिसूचना के साथ ही बीमा संबंधी दिशा-निर्देश भी जारी किए जाएं, ताकि जमीनी स्तर पर काम कर रहे हजारों शिक्षकों को उचित संरक्षण मिल सके।

