CG News: नया मोबाइल फोन लेना पड़ेगा महंगा, जानें क्यों सस्ते फोन भी हो गए पांच हजार रुपये तक महंगे

CG News: नया मोबाइल फोन लेना पड़ेगा महंगा, जानें क्यों सस्ते फोन भी हो गए पांच हजार रुपये तक महंगे

बिलासपुर। 16 जून 2026| मोबाइल फोन कंपनियों ने लागत कम करने का तरीका तो तलाश लिया, मगर इसके साथ ही फोन का रेट भी बढ़ा दिया है। बीते कुछ दिनों में बाजार में महंगे सेट ही नजर आ रहे हैं और सस्ते मोबाइल फोन, नाम सुनते ही दुकानदार हाथ खड़े कर रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि मोबाइल बाजार में पिछले कुछ महीनों के दौरान स्मार्टफोन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि जहां फोन महंगे हो रहे हैं, वहीं कई कंपनियां अपने नए मॉडलों में रैम और स्टोरेज जैसे फीचर्स भी कम कर रही हैं। मोबाइल बाजार से जुड़े कारोबारियों का यह भी कहना है कि छह महीने पहले जिस स्मार्टफोन की कीमत 12 से 15 हजार रुपए के बीच थी, उसकी कीमत अब 2000 से 5000 रुपए तक बढ़ चुकी है। जबकि कई कंपनियां पहले की तुलना में कम मेमोरी वाले बेस वेरिएंट बाजार में उतार रही हैं।

मेमोरी चिप्स की दुनियाभर में कमी

स्मार्टफोन महंगे होने की सबसे बड़ी वजह वैश्विक स्तर पर मेमोरी चिप्स की कमी है। दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित डेटा सेंटरों और सर्वरों की मांग तेजी से बढ़ी है। बड़ी टेक कंपनियां एआई मॉडल चलाने के लिए भारी मात्रा में हाई-बैंडविड्थ मेमोरी HBM का उपयोग कर रही हैं। इस बढ़ती मांग के कारण चिप निर्माता कंपनियां अब स्मार्टफोन में इस्तेमाल होने वाली DRAM और NAND स्टोरेज चिप्स के बजाय एआई सर्वरों के लिए मेमोरी उत्पादन पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं। परिणामस्वरूप स्मार्टफोन कंपनियों को मेमोरी चिप्स पहले की तुलना में काफी महंगी कीमत पर खरीदनी पड़ रही हैं। बीते एक साल में मेमोरी चिप्स की लागत में 50 से 100 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है, जिसका सीधा असर मोबाइल फोन की कीमतों पर पड़ रहा है।

ज्यादा दाम बढ़ोतरी को टाला

दुकानदारों का मानना है कि मोबाइल कंपनियां कीमतों में अत्यधिक वृद्धि कर ग्राहकों को खोना नहीं चाहतीं। ऐसे में कई कंपनियां अब फोन की कीमत को नियंत्रित रखने के लिए उसके फीचर्स में कटौती कर रही है। जहां कुछ समय पहले तक 8 जीबी रैम और 256 जीबी स्टोरेज वाले स्मार्टफोन तेजी से सामान्य हो रहे थे, वहीं अब कई कंपनियां 6 जीबी रैम या कम स्टोरेज वाले वेरिएंट को बाजार में उतार रही हैं। इससे ग्राहकों को पहले जैसी कीमत में कम सुविधाएं मिल रही हैं। आज की तारीख में मेमोरी स्मार्टफोन का सबसे महंगा हिस्सा बनती जा रही है। कई मामलों में इसकी लागत, प्रोसेसर और डिस्प्ले से भी ज्यादा हो गई है।

मध्यम परिवार होगा ज्यादा प्रभावित

खास बात यह है कि कीमतों में बढ़ोतरी का सबसे अधिक प्रभाव मीडियम रेंज के मोबाइल पर पड़ा है। जो पहले 10000 में स्मार्टफोन मिलता था वही अब 16000 में मिल रहा है। पहले 10 हजार से 20 हजार रुपए के बजट में बेहतर रैम और स्टोरेज वाले कई विकल्प उपलब्ध रहते थे, लेकिन अब ग्राहकों को या तो अतिरिक्त पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं या कम स्पेसिफिकेशन वाले मॉडल चुनने पड़ रहे हैं। कई ग्राहक अब नया फोन खरीदने के बजाय अपने पुराने स्मार्टफोन की मरम्मत करवाना ज्यादा उचित समझ रहे हैं। इसके चलते रिपेयरिंग सेंटरों और सेकेंड हैंड मोबाइल बाजार में भी मांग बढ़ी है।

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