प्रिंटिंग लॉबी पर शिकंजा कस दिया इस आईएएस अफसर ने, संवाद में एक मई से हफ्ता भर पहले ही सुशासन तिहार शुरू

प्रिंटिंग लॉबी पर शिकंजा कस दिया इस आईएएस अफसर ने, संवाद में एक मई से हफ्ता भर पहले ही सुशासन तिहार शुरू

इमेज सोर्स- NPG News

रायपुर।29 अप्रैल 2026| मुख्यमंत्री का विभाग होने के बाद भी संवाद प्रिंटरों का चारागाह बना हुआ था। राज्य बनने के बाद से रायपुर के प्रिटर्स लॉबी संवाद को अपने हिसाब से चलाती थी। इस दौरान मई जनसंपर्क कमिश्नर सह सीईओ संवाद आए और चले गए मगर किसी ने प्रिंटरों के काले कामों को हाथ लगाने की जुर्रत नहीं की। तभी कहा जाता है कि संवाद के कारनामों की अगर जांच हो जाए, तो राज्य बनने के बाद सबसे बड़ा स्कैम निकलेगा।

संवाद में विभिन्न विभागों के करीब 100 करोड़ से उपर के प्रिंटिंग के काम निकलते हैं। इसके लिए बड़े प्रिंटरों ने कार्टेल बना लिया था। संवाद के अफसरों के सांठ-गांठ के उन्हीं प्रिंटरों को काम मिलता था, जिन्हें संवाद के अफसर खुशामद करते थे। संवाद के काम को लेकर सभी प्रिंटरों का जीभ इसलिए लपलपाता था, क्योंकि संवाद में काम देने के बाद आंख मूंद लिया जाता था कि प्रिंटर ने निर्धारित जीएसएम का पेपर लगाया या नहीं, या जितना आर्डर है, उसमें कितना छापा, कितना बिना छापे बिल पेश कर दिया। कहने का आशय यह कि कई प्रिंटर्स आर्डर का 20 परसेंट भी प्रिंटिंग नहीं करते थे और पैसा पूरा ले लेते थे। नियमानुसार संवाद में पूरी प्रकाशन सामग्री आनी चााहिए मगर वहां सिर्फ बिल जमा किया जाता था, प्रिंटेड सामग्री बंटा या नहीं, इसका कोई माई-बाप नहीं था।

इस साल भी प्रिंटिंग लॉबी ने खेल करने का पूरा प्रयास किया। होटल में किराये का रुम लेकर वहां हफ्ता भर तक कार्टेल बनाकर 29 प्रिंटरों ने टेंडर भरने का काम किया। मगर प्रिंटरों में ही खटपट हो गई और मय दस्तावेजों के साथ मुख्यमंत्री के यहां शिकायत पहुंच गई।

तब तक नए जनसंपर्क आयुक्त और सीईओ संवाद के तौर पर 2012 बैच के आईएएस रजत बंसल ने ज्वाईन कर लिया। रजत ने आते ही सबसे पहला काम यह किया कि टेंडर को निरस्त कर दिया। रजत ने संवाद के प्रकाशन विभाग के मेन किरदार अधिकारी को भी किनारे कर दिया। यही नहीं, पिछले चार-पांच दिन से रजत का संवाद को ठीक करने में लगे हुए हैं। उन्होंने संवाद की गड़बड़ियों को जड़-मूल से समाप्त करने का जैसे बीड़ा उठा लिया हो। संवाद के एक-एक बाबू और कंप्यूटर ऑपरेटर तक से बात कर रहे हैं। उन्होंने संवाद के अधिकारियों, कर्मचारियों को ताकीद की है कि मेरे आने के बाद संवाद में कोई गड़बड़ी मिली तो अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहें। उन्होंने पूरे सिस्टम को ऑनलाइन करवा दिया है। संवाद का कोई मुलाजिम भी अब कुछ इधर-उधर नहीं कर पाएगा।

होर्डिग्स पर भी नकेल

प्रिंटिंग का टेंडर निरस्त होने के बाद रायपुर के प्रिंटर्स तिलमिला गए हैं। इसमें कई बड़े कद्दावर लोग भी हैं। मगर रजत बंसल ने उनसे दो टूक कह दिया है कि साफ-सुथरे ढंग से अगर काम करना है तो उनका स्वागत है, वरना कहीं और देंखें। उधर, संवाद सीईओ ने होर्डिग्स के खेल पर भी अब शिकंजा कस दिया है। अभी तक सरकारी होर्डिग्सों में बड़ा खेल किया जाता थां। एक तो सही गिनती के होर्डिग्स लगते नहीं थे। आदेश दिया जाता था 100 होर्डिग्स का तो लगता आधा भी नहीं था। उपर से सरकारी योजनाओं के प्रचार का होर्डिंग्स महीने भर लगाने दिया जाता था, तो उसी अवधि में वे प्रायवेट विज्ञापन लगा कर होर्डिं्रग्स वाले सरकार को जमकर चूना लगा रहे थे। रजत बंसल ने उन्हें स्पष्ट कह दिया है कि अब हर रोज होर्डिग्स की फोटो खींचकर संवाद के ऐप्प में अपलोड करना होगा। अगर ऐसा नहीं हुआ तो पैसा कट जाएगा। रजत बंसल के इस निर्देश के बाद होर्डिग्स के खिलाड़ियों में सन्नाटा छा गया है।

जनसंपर्क में भी रिफार्म

संवाद में सुधार कार्य करने के साथ रजत बंसल जनसंपर्क के सिस्टम को भी पटरी पर लाने में जुट गए हैं। सुबह आठ बजे से उनकी वर्किंग शुरू हो जाती है। आठ बजे से नौ बजे तक वे जनसंपर्क अधिकारियों की ऑनलाइन मीटिंग कर दिन भर के कामकाज की रुपरेखा तैयार कर लेते हैं। रजत रिजल्ट ओरियेंटेड काम पर जोर दे रहे हैं।

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