CG Politics: मंत्री OP चौधरी क्यों बोले, जय-वीरू के झगड़े के कारण अटका मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल का निर्माण

CG Politics: मंत्री OP चौधरी क्यों बोले, जय-वीरू के झगड़े के कारण अटका मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल का निर्माण

इमेज सोर्स- NPG News

सरगुजा। 08 जून 2026| वित्त मंत्री ओपी चौधरी सरगुजा प्रवास पर थे। पत्रकारों से चर्चा करते हुए मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल निर्माण में हो रहे विलंब को लेकर कहा है, विलंब के पीछे ना तो प्रशासकीय स्वीकृति रही और ना ही फंड। यह तो जय-वीरू के झगड़े के कारण अटक गया। दोनों के झगड़े के कारण हॉस्पिटल के निर्माण में बाधा आई।

सरगुजा प्रवास पर पहुंचे वित्तमंत्री ओपी चौधरी ने एक सवाल के जवाब में कहा, पूर्ववर्ती सरकार में भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव के झगड़े के कारण मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल का काम पूरा नहीं हो सका। हमने राशि जारी कर दी है। निर्माण एजेंसी को जल्द काम पूरा करने ताकीद कर रहे हैं।

सरगुजा में वर्ष 2014 से शुरू हुए मेडिकल कॉलेज से संबद्ध मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के निर्माण की स्वीकृति पूर्ववर्ती कांग्रेस शासन काल में दी गई थी। मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल का निर्माण तकरीबन दो साल तक लटका रहा। अब तक मेडिकल कॉलेज के निर्माण में 366 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। हॉस्पिटल बिल्डिंग को पूरा करने के लिए 119 करोड़ रुपये पूर्ववर्ती भूपेश सरकार में स्वीकृत नहीं हो सके।

ओपी चौधरी बोले, बतौर वित्त मंत्री हमने कर दिया है अपना काम

वित्तमंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि बतौर वित्तमंत्री मैने अपना काम कर दिया है। 100 करोड़ से ज्यादा की राशि स्वीकृत कर दी गई है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्राथमिकता में राशि स्वीकृत की गई है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा, पूर्ववर्ती कांग्रेस शासनकाल में टीएस सिंहदेव स्वास्थ्य मंत्री थे। वित्तमंत्री भूपेश बघेल थे। जय-वीरू के झगड़े में अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल का काम पूरा नहीं हो सका। मंत्री चौधरी ने कहा कि बतौर प्रभारी मंत्री निर्माण एजेंसी को जल्द काम पूरा करने की ताकीद की जा रही है। जल्द ही हॉस्पिटल का काम पूरा हो जाएगा।

दो बार जीरो ईयर, NMC का गाइड लाइन पूरा करना जरुरी

निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज भवन के अधूरा रहने से अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज की मान्यता के लिए NMC के गाइडलाइन को पूरा करने में भी दिक्कत हो रही है। वर्तमान में जिला अस्पताल को संबद्ध कर मेडिकल कॉलेज का काम चल रहा है। जिला अस्पताल की व्यवस्था एनएमसी के अनुरूप नहीं है।

इसके चलते MBBS के विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। पहले ही मेडिकल कालेज में इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी के कारण दो बार जीरो ईयर घोषित हो चुका है। मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के भवन की निर्माण एजेंसी पीडब्लूडी है।

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