सुप्रीम कोर्ट में जवाब पेश करने से पहले कलेक्टर्स खंगाल रहे कोचिंग सेंटर्स की कुंडली, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव ने मांगी जरुरी जानकारी

बिलासपुर। 12 अगस्त 2026| सुप्रीम कोर्ट में 18 अगस्त को प्रस्तावित सुनवाई से पहले छत्तीसगढ़ में प्राइवेट कोचिंग सेंटरों की जांच और रिपोर्ट तैयार की जा रही है। उच्च शिक्षा विभाग के सचिव अविनाश चंपावत ने प्रदेशभर के कलेक्टर्स को पत्र भेजकर तीन दिन में जानकारी मांगी है।
उच्च शिक्षा विभाग के सचिव द्वारा कलेक्टर्स के नाम जारी पत्र में सुप्रीम कोर्ट के 25 जुलाई 2025 के आदेश का हवाला दिया गया है। कलेक्टर्स से प्रत्येक निजी कोचिंग संस्थान के संबंध में छह बिंदुओं पर जानकारी मांगी गई है। कोचिंग का नाम-पता, पंजीयन की तिथि एवं जानकारी, छात्र सुरक्षा संबंधी मापदंड, शिकायत निवारण तंत्र, मानसिक स्वास्थ्य परामर्श एवं सुरक्षा उपाय और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन की वर्तमान स्थिति शामिल है।
सुप्रीम कोर्ट ने ये दिया है निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने 25 जुलाई 2025 के फैसले में शैक्षणिक संस्थानों के लिए मानसिक स्वास्थ्य नीति लागू करने का निर्देश दिया है। 100 या उससे अधिक विद्यार्थियों वाले संस्थानों में कम से कम एक योग्य काउंसलर, मनोवैज्ञानिक या सोशल वर्कर की व्यवस्था करने को कहा गया है। कोर्ट ने छात्रों को उनकी क्षमता से अनुपातहीन शैक्षणिक लक्ष्य देने से बचने, प्रदर्शन के आधार पर बैच अलग करने और छात्रों को सार्वजनिक रूप से शर्मिंदा करने से बचने के निर्देश भी दिए हैं।

