विष्णुदेव सरकार के ढाई साल आवास के: छत्तीसगढ़ में सर्वाधिक 10.60 लाख बने गरीबों का आशियाना, 27 हजार करोड़ हुआ खर्च, CM बोले

विष्णुदेव सरकार के ढाई साल आवास के: छत्तीसगढ़ में सर्वाधिक 10.60 लाख बने गरीबों का आशियाना, 27 हजार करोड़ हुआ खर्च, CM बोले

रायपुर। ‘हमने बनाया है हम ही संवारेंगे’ के सूत्र वाक्य के साथ छत्तीसगढ़ के चहुंमुखी विकास में लगी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार अपनी पहली कैबिनेट के संकल्प को तेजी से पूरा करने में लगी है। राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत पिछले ढाई वर्षों में 10 लाख 60 हजार आवासों के निर्माण पूर्ण किए गए हैं। बीते वित्तीय वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ ने देश में सबसे अधिक 6 लाख से अधिक आवास पूर्ण किए हैं। प्रतिदिन पूर्ण किए जा रहे आवासों की संख्या में भी छत्तीसगढ़ देश में शीर्ष स्थान पर है। राज्य में अभी रोज 1600 से अधिक मकानों के निर्माण पूरे किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य की कमान संभालने के अगले ही दिन मंत्रालय में अपनी कैबिनेट की पहली बैठक में गरीबों के लिए 18 लाख आवासों के निर्माण का संकल्प लिया था। राज्य शासन अपने इस संकल्प को तेजी से पूरा करने में लगी है। सरकार ने उस वक्त जिन 18 लाख 12 हजार 742 आवासों के निर्माण का संकल्प लिया था, उनमें 2 लाख 46 हजार 215 अपूर्ण आवास, वर्ष 2011 की स्थायी प्रतीक्षा सूची के 6 लाख 33 हजार 438 आवास, आवास प्लस की सूची के सभी 8 लाख 19 हजार 999 आवास और मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण आवास न्याय योजना) के सभी 47 हजार 090 आवास शामिल थे।

सरकार इनके साथ ही वनांचलों में पीएम जनमन योजना के 33 हजार 601 और नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों में विशेष परियोजना के तहत 15 हजार अतिरिक्त आवास भी बना रही है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विकास ने “आवास प्लस 2.0-2024” के अंतर्गत ऐसे गरीब जिनके आवास कच्चे हैं, उनका सर्वे किया है। उनके लिए भी आवास निर्माण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार ने पहले दिन से ही 18 लाख आवासों के निर्माण के संकल्प को पूरा करने पूरी गंभीरता, सक्रियता और प्रतिबद्धता से काम करना शुरू कर दिया था। इन आवासों को तेजी से पूरा कर गरीबों के पक्के मकान के सपनों को साकार करने सरकार ने 26 हजार 908 करोड़ रुपए उपलब्ध कराए हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने पिछली सरकार से विरासत में मिले अपूर्ण मकानों के साथ ही जरूरतमंदों के लिए तेजी से नए आवास स्वीकृत कर युद्ध स्तर पर उन्हें पूरा किया है। सरकार अपने इस संकल्प को पूरा करने किस रफ्तार से काम कर रही है, इसका प्रमाण है कि पिछले वर्ष (2025 में) अप्रैल से अक्टूबर तक राज्य में प्रतिदिन करीब 2000 आवासों के निर्माण पूर्ण किए गए हैं। अभी भी रोज 1600 मकानों को पूरा किया जा रहा है। देश में छत्तीसगढ़ में रोजाना सबसे अधिक संख्या में प्रधानमंत्री आवासों को पूर्ण किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ की सरकार ने अपनी इस महती संकल्प को पूरा करने और इसे पर्याप्त गति देने महिला स्वसहायता समूहों को भी जोड़ा है। स्वसहायता समूहों की दीदियां डीलर दीदी और रानी मिस्त्री बनकर इस महाभियान में हाथ बटा रही हैं। हजारों महिलाएं इससे लखपति दीदी बनी हैं। गांव-गांव में स्थापित अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों ने छोटे-छोटे लेन-देन को गांव में ही सुलभ बनाया, जिससे आवास निर्माण के संकल्प को धरातल पर उतारने में बड़ी मदद मिल रही है।

उप मुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने राज्य में आवास निर्माण की इस उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को बधाई देते हुए पत्र लिखा है। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि राज्य शासन के पूर्ण सहयोग एवं उदारता से दिए गए बजट से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग सरकार के इस संकल्प को तेजी से पूरा कर रही है।

“हमारी सरकार ने पहली कैबिनेट में प्रदेश के गरीब परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने का जो संकल्प लिया था, उसे पूरी प्रतिबद्धता से धरातल पर उतार रहे हैं। हमारी सरकार के ढाई वर्ष के कार्यकाल में 10 लाख 60 हजार से अधिक ग्रामीण आवास पूर्ण होना इसी संकल्प और जनविश्वास का परिणाम है। हमारा लक्ष्य हर गरीब और जरूरतमंद परिवार के घर के सपने को साकार करना है और इसके लिए सरकार निरंतर संवेदनशीलता और तेज गति से कार्य कर रही है। यह केवल मकानों का निर्माण नहीं, बल्कि गरीबों के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की नींव है। हम सब मिलकर समृद्ध, आत्मनिर्भर और खुशहाल छत्तीसगढ़ का निर्माण कर रहे हैं।” – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

प्रधानमंत्री आवास योजना से जशपुर जिले में बदली रही हजारों लोगों की जिंदगी

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सुशासन में प्रधानमंत्री आवास योजना से राज्य सहित जशपुर जिले में हजारों लोगों की जिंदगी बदली रही है। पक्की छत के नीचे लाखों लोग सुकून से रह रहे हैं।

प्रधानमंत्री आवास और पीएम जनमन योजना ने गरीब और विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों को पक्का मकान से लाभांवित कर उनके जीवन में बदलाव लाया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री के मंशानुरूप आवास प्लस 2.0 के तहत् सर्वे कर छूटे हुए लोगों को भी शत् प्रतिशत आवास देने का लक्ष्य निर्धारित है।

योजना के तहत पात्र परिवारों को पक्का घर प्रदान करना, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल, बिजली, शौचालय और एलपीजी जैसी बुनियादी सुविधाओं से युक्त पक्का मकान का लाभ देने है। जिन लोगों को जीवन वर्षों तक संघर्ष और अभाव की छाया में बीता। कच्चे मकान की टूटी-फूटी दीवारें और छत उनके परिवार की मुश्किलों की गवाह थीं। बरसात के मौसम में तो हालत और भी विकट हो जाती थी। घर के भीतर पानी भर जाना, सामान भीग जाता और रातें जागते हुए काटनी पड़ती थीं। खुद के लिए एक पक्का घर बनाने का सपना, सपना ही बना रहता था।

छत्तीसगढ़ शासन की संवेदनशील सोच का परिणाम जिले के हजारो लोग लाभान्वित

प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत अब तक 1 लाख 26 हजार 18 जशपुर जिले में आवास स्वीकृत हुए हैं। इनमें 93 हजार 506 आवास पूर्ण हो चुके हैं। इन घरों में अपनों के साथ सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं।

इसी प्रकार पीएम जन मन के तहत जिले में 2023 से 2025 तक 2040 आवास स्वीकृत हुए हैं इनमें 1494 से अधिक आवास पूर्ण किया गया है।

विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा के परिवार सभी सुविधाओं के साथ निवास कर रहें हैं।

पीएम-जनमन एक ऐसी योजना है जिसका उद्देश्य जनजातीय समुदायों को मुख्यधारा में लाना है। इसमें पीएम-आवास योजना के तहत सुरक्षित आवास, स्वच्छ पेयजल तक पहुँच, बेहतर स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा, पोषण, सड़क एवं दूरसंचार कनेक्टिविटी के साथ-साथ स्थायी आजीविका के अवसर सहित विभिन्न क्षेत्र शामिल हैं।

जिले में आवास प्लस 2.0 सर्वे के तहत् छूट हुए 102371 परिवारों को पुनः सर्वे किया गया है और इन्हें पात्रतानुसार योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा।

साकार हुआ सुदेल राम यादव का पक्के घर का सपना

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ग्रामीण क्षेत्रों के जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। जांजगीर-चांपा जिले के जनपद पंचायत बम्हनीडीह अंतर्गत ग्राम पंचायत कुम्हारी कला निवासी सुदेल राम यादव इसकी एक प्रेरक मिसाल हैं, जिनका वर्षों पुराना पक्के घर का सपना अब साकार हो चुका है।

सीमित आय के कारण सुदेल राम यादव और उनकी पत्नी लंबे समय तक कच्चे मकान में रहने को मजबूर थे। बरसात, गर्मी और अन्य मौसम संबंधी कठिनाइयों के बीच उनका जीवन संघर्षपूर्ण था। आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण स्वयं पक्का मकान बनवाना उनके लिए संभव नहीं था।

ऐसे समय में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) उनके लिए आशा की नई किरण बनकर सामने आई। वर्ष 2025 में योजना के तहत उन्हें आवास निर्माण के लिए 1 लाख 20 हजार रुपये की स्वीकृति प्राप्त हुई। शासन की सहायता और अपनी मेहनत से उन्होंने अपना पक्का घर बनवाया। आज वे अपनी पत्नी के साथ नए घर में सुरक्षित, सम्मानपूर्वक और आत्मविश्वास के साथ जीवन यापन कर रहे हैं।

घर निर्माण के दौरान उन्हें महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत मजदूरी का लाभ भी मिला। इससे उन्हें अतिरिक्त आर्थिक संबल प्राप्त हुआ और आवास निर्माण का कार्य सुचारु रूप से पूरा हो सका। इस प्रकार उन्हें एक ओर रोजगार मिला, वहीं दूसरी ओर अपने सपनों का घर भी प्राप्त हुआ।

सुदेल राम यादव बताते हैं कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनका भी अपना पक्का घर होगा। अब सुरक्षित आवास मिलने से परिवार की भविष्य संबंधी चिंताएं काफी हद तक दूर हो गई हैं और उनके जीवन में नई खुशियां एवं आत्मविश्वास का संचार हुआ है।

उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) एवं मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन योजनाओं ने उनके परिवार को सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर प्रदान किया है।

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सुदेल राम यादव को मिला पक्का घर

जांजगीर-चांपा के जनपद पंचायत बम्हनीडीह के ग्राम पंचायत कुम्हारी कला निवासी सुदेल राम यादव के लिए अपना पक्का घर होना कभी एक अधूरा सपना था। वर्षों तक कच्चे मकान में जीवन बिताने वाले सुदेल राम यादव और उनकी पत्नी बारिश, गर्मी और अन्य कठिन परिस्थितियों के बीच अपने दिन गुजारते रहे। सीमित आय के कारण वे स्वयं पक्का घर बनवाने की कल्पना भी नहीं कर पाते थे। ऐसे समय में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) उनके जीवन में उम्मीद की नई किरण बनकर आई। वर्ष 2025 में योजना के तहत उन्हें 1 लाख 20 हजार रुपये की स्वीकृति से उनका पक्का घर बनकर तैयार हुआ। आज वे अपनी पत्नी के साथ अपने नए आशियाने में सुरक्षित और सम्मान पूर्वक जीवन बिता रहे हैं।

घर निर्माण के दौरान मनरेगा के तहत उन्हें मजदूरी का लाभ भी मिला, जिससे आर्थिक संबल प्राप्त हुआ और घर बनाने का कार्य सुचारू रूप से पूरा हो सका। एक ओर उन्हें रोजगार मिला, तो दूसरी ओर अपने सपनों का घर भी साकार हो गया। सुदेल राम यादव कहते हैं कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनका भी अपना पक्का घर होगा। अब उन्हें और उनके परिवार को भविष्य की चिंता नहीं सताती। सुरक्षित छत मिलने से उनके जीवन में आत्मविश्वास और खुशियां दोनों बढ़ी हैं। सुदेल राम यादव ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया है।   

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