रायपुर में आवारा सांड का आतंक! बच्चे को गोद में लिए खड़े शख्स को उठाकर सड़क पर पटका, दौड़ा-दौड़ाकर मारी सिंग, 7 घायल… खौफनाक वीडियो देख रोंगटे खड़े हो जायेंगे

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Raipur Bull Attack: रायपुर l आवारा पशु लोगों के लिए एक बड़ी मुसीबत बन चुके हैं. जिससे लोगों की जान तक खतरा है. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से भी आवारा पशुओं के आतंक की एक डरा देने वाली घटना सामने आई है. एक सांड ने सड़क पर जा रहे 7 लोगों पर हमला कर दिया. इतना ही नहीं घर के बाहर बच्चे को गोद में लिए खड़े एक शख्स को उठाकर पटक दिया. गनीमत रही शख्स और बच्चा बाल बाल बच गए.
सांड ने बच्चे और शख्स पर किया हमला
घटना राजधानी के डीडी नगर इलाके के सेक्टर-2 की है. मंगलवार को हादसा हुआ है. एक बेकाबू सांड ने एक एक कर कई लोगों पर हमला कर दिया. घर के बाहर एक शख्स जो अपने बच्चे को गोद में लिया खड़ा था. तभी सांड आया और धकेल कर दोनों को गिरा दिया.
3 घायल, एक की हालत गंभीर
सांड यहीं नहीं रुका उसने बार बार युवक पर हमला किया. सांड ने युवक को जोरदार टक्कर मारते हुए जमीन पर पटक दिया. हमला करने के बाद सांड कुछ देर तक वहीं खड़ा रहा और उसे घूरता रहा. यह भयानक मंजर देखकर आसपास हड़कंप मच गया. घर के सदस्य शोर मचाते हुए बाहर आये. जिसे देख सांड वहां से निकल गया. शख्स को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बताया जा रहा है 7 लोगों पर हमला किया है. सांड के हमले में घायल और एक महिला को अस्पताल में भर्ती किया गया है.
दूसरी तरफ मामले की जानकारी वन विभाग को दी गयी. सूचना के बाद वन विभाग की पहुंची और सांड को ट्रैंक्विलाइजर डार्ट से बेहोश किया. घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है. जिसे देख किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएं.
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पूर्व विधायक ने उठाये सवाल
इस घटना पर कांग्रेस के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय की प्रतिक्रिया सामने आयी है. उन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट पर लिखा, “रायपुर पश्चिम विधानसभा में भाजपा विधायक राजेश मूणत जी के कार्यकाल में क्षेत्र की यह स्थिति बेहद चिंताजनक है. स्थानीय रहवासियों का कहना है कि पार्षद से करीब 50 बार शिकायत करने के बावजूद न नियमित सफाई हुई और न ही सड़कों पर घूम रहे मवेशियों की समस्या का समाधान हुआ.
स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि स्थानीय लोगों के अनुसार एक व्यक्ति की मौत हो गई है और एक अन्य व्यक्ति ICU में भर्ती है. नगर निगम के तमाम दावों के बीच जनता का सवाल है. आखिर कितनी शिकायतों और कितनी घटनाओं के बाद प्रशासन जागेगा? नगर निगम तत्काल जिम्मेदारी तय करे और सफाई व आवारा मवेशियों की समस्या का स्थायी समाधान करे.

