1348 शिक्षकों के ट्रांसफर पर ऐसे लगा प्रशासनिक ब्रेक, सेटिंग और जुगाड़ वाले शिक्षकों में भारी मायूसी…

1348 शिक्षकों के ट्रांसफर पर ऐसे लगा प्रशासनिक ब्रेक, सेटिंग और जुगाड़ वाले शिक्षकों में भारी मायूसी…

1348 Teacher Transfer (Photo: Edit)

Chhattisgarh Teacher Transfer News Hindi: रायपुर। छत्तीसगढ़ में पिछले छह-सात महीनों में एक भी शिक्षक का ट्रांसफर नहीं हुआ है। पिछले साल सितंबर के बाद से स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने इस पर अघोषित बैन लगा दिया है। हालांकि, छत्तीसगढ़ में पहले से ही सरकार ने सभी विभागों के ट्रांसपर पर रोक लगा रखी है। मगर बीच-बीच में समन्वय से परमिशन लेकर तबादले होते रहते हैं। स्कूल शिक्षा चूकि प्रदेश का सबसे बड़ा विभाग है। इसमें दो लाख के आसपास शिक्षक हैं। लिहाजा, महीने में ट्रांसफर की एकाध लिस्ट निकल ही जाती है। कहने का आशय यह है कि शिक्षकों के छिट पुट तबादले होते रहते हैं। मगर इस बार लंबे समय से कोई लिस्ट नहीं निकली है।

असल में, तबादलों के लिए मारामारी को देखते स्कूल शिक्षा विभाग ने कह दिया था कि अब फरवरी 2026 के पहले कोई ट्रांसफर नहीं होगा। इसलिए, लोगों ने एप्रोच लगाना बंद कर दिया था। फरवरी के बाद विधानसभा का बजट सत्र और मार्च भी समाप्त हो गया तो लोग ट्रांसफर के लिए लगे प्रेशर बनाने। खबर है कि दबावों के बाद स्कूल शिक्षा मंत्री ने ट्रांसफर के लिए नोटशीट तैयार करने के लिए कह दिया। लिस्ट तैयार हुई तो पता चला करीब 1400 लोग लाइन में हैं। विभाग के अधिकारियों ने काट पिटकर 1348 शिक्षकों की लिस्ट तैयार की। इनमें साढ़े सात सौ से अधिक संघ और संगठन की सिफारिश वाले आवेदन थे। स्कूल शिक्षा मंत्री ने किसी से बुरा क्यों बने, इसलिए सभी के तबादले के लिए प्रस्तावित कर उपर भेज दिया।

विशेष परिस्थितियों में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाले समन्वय के अनुमोदन से तबादले किए जाते हैं। मगर शिक्षकों की संख्या इतनी अधिक थी कि इसे अनुमोदन करना संभव नहीं था। समन्वय का नियम इसलिए बनाया गया है कि तबादले पर प्रतिबंध के बीच अगर किसी को अत्यंत इमरजेंसी हो या कोई गंभीर बीमारी हो जाए तो समन्वय से उसका ट्रांसफर किया जा सके। हालांकि, कई बार 100-100 कर्मचारियों के भी ट्रांसफर हो जाते हैं। मगर एक साथ 1348 शिक्षकों का समन्वय में तबादला कुछ ज्यादा ही हो जाता। खामोख्वाह विपक्ष को इस पर हल्ला करने का मौका मिलता।

इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने जनगणना का हवाला देते हुए सभी तबादलों पर रोक लगा दिया। जीएडी के आदेश के बाद अब 1348 शिक्षकों के तबादलों पर भी रोक लग गई है।

प्राचार्यो और व्याख्याता के ट्रांसफर

स्कूल शिक्षा विभाग में जल्द ही 450 के करीब प्राचार्य और व्याख्याताओं को राज्य सरकार एक से दूसरे स्कूल में तबादला हो सकता है। चूंकि प्राचार्य और लेक्चसर्स की ड्यूटी जनगणना कार्य में नहीं लगाई जाती है और इस बार भी नहीं लगी है, यही कारण है कि जल्द ही इन दोनों कैडर में स्थानांतरण आदेश सरकार की ओर से जारी होने की संभावना जताई जा रही है। बता दें कि स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने अपनी समहति के साथ समन्वय में फाइल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को भेजी थी। चर्चा है, सीएम ने तबादले को लेकर अपनी सहमति दे दी है। सीएम की सहमति के बाद इस बात की संभावना जताई जा रही है, स्कूल शिक्षा विभाग किसी भी दिन प्रिंसिपल और लेक्चसर्स का स्थानांतरण आदेश जारी कर सकता है। तबादला सूची में तकरीबन 450 प्रिंसिपल और लेक्चसर्स के नाम शामिल बताए जा रहे हैं।

ये आदेश जल्द होंगे जारी

समन्वय से अनुमोदन के बाद मुख्य सचिव विकास शील ने अधिसूचित क्षेत्रो में होने वाले तबादलों को लेकर जरूरी निर्देश जारी किया है। लिहाजा आपसी सहमति के आधार पर जिन प्राचार्य और लेक्चरर्स के तबादले होने है, सूची तकरीबन फाइनल हो गई है। परस्पर सहमति के आधार पर करीब 70 प्राचार्य और व्याख्याताओं के नाम शामिल हैं। अधिसूचित क्षेत्र में जिन प्राचार्य और लेक्चरर्स के तबादले होने है, उसका डिटेल अभी तैयार किया जा रहा है।      

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