CG Teacher News: छात्राओं की शिकायत पर बड़ा एक्शन! प्राचार्य समेत 3 शिक्षक हटाए गए, DPI को भेजा प्रस्ताव

CG Teacher News: छात्राओं की शिकायत पर बड़ा एक्शन! प्राचार्य समेत 3 शिक्षक हटाए गए, DPI को भेजा प्रस्ताव

बिलासपुर। 11 अक्टूबर 2026| शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मल्हार में छात्र-छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार और विद्यालय की व्यवस्थाओं में अनियमितताओं की शिकायत पर डीईओ ने प्रिंसिपल सहित तीन शिक्षकों को हटा दिया गया है।

स्कूल की प्रशासनिक व्यवस्था, विद्यार्थियों के साथ दुर्व्यवहार और शैक्षणिक वातावरण से संबंधित शिकायतें जनप्रतिनिधियों और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त हुई थीं। इसके अलावा

1 अक्टूबर को विद्यालय की छात्राओं ने कलेक्टोरेट का घेराव कर प्राचार्य सहित शिक्षकों की गंभीर शिकायतें दर्ज कराई थी। परेशान छात्राओं ने प्रिंसिपल द्वारा गालीगलौच किए जाने व एक महिला शिक्षक द्वारा छात्राओं के साथ बदसुलूकी की शिकायत की थी।

छात्राओं ने प्राचार्य वेद प्रकाश शुक्ला, व्याख्याता रश्मि गुप्ता और व्याख्याता संजय दुबे के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। कलेक्टर के निर्देश पर डीईओ संदीप पांडेय ने 30 सितंबर को तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया था। जांच टीम ने 7 अक्टूबर को जांच प्रतिवेदन डीईओ को सौंपा। प्राचार्य से संबंधित जांच निष्कर्षों में विद्यार्थियों के साथ दुर्व्यवहार, छात्राओं को सेनेटरी पैड उपलब्ध कराने में अनियमितता, शाला शुल्क के नाम पर प्रति विद्यार्थी 500 रुपए अतिरिक्त राशि की वसूली और शैक्षणिक दायित्वों के निर्वहन में गंभीर अनियमितताओं की पुष्टि हुई।

व्याख्याता रश्मि गुप्ता और व्याख्याता संजय दुबे के संबंध में विद्यार्थियों के साथ दुर्व्यवहार और गंभीर अनियमितताओं की पुष्टि हुई। जांच दल ने विद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार और स्वच्छ शैक्षणिक वातावरण बनाने के लिए तीनों को अन्य संस्थाओं में स्थानांतरित करने की अनुशंसा की थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर डीईओ ने प्राचार्य वेद प्रकाश शुक्ला को मस्तूरी ब्लॉक के शासकीय हाई स्कूल कुकुर्दकिरा, व्याख्याता रश्मि गुप्ता को शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पचपेड़ी और व्याख्याता संजय दुबे को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ओखर में पदस्थ कर दिया है।

चपरासी लेता था क्लास, कॉपी भी जांचता था

व्याख्याता रश्मि गुप्ता के खिलाफ जांच में इस बात की भी पुष्टि हुई है, वह भृत्य से अध्यापन कार्य करवाती थी। उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन भी भृत्य करता था। ये दोनों महत्वपूर्ण कार्य भृत्य से कराने को गंभीर अनियमितता की श्रेणी में जांच टीम ने रखा है।

शासन को भेज रहे कार्रवाई के लिए प्रस्ताव

संदीप पांडेय, डीईओ बिलासपुर का कहना है, प्राचार्य सहित तीन शिक्षकों को अस्थायी रूप से दूसरे स्कूलों में कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि स्कूल में अध्यापन कार्य प्रभावित न हो। डीपीआई को इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रस्ताव भेजा जा रहा है। गंभीर अनियमितताओं में कार्रवाई का अधिकार डीपीआई को है।

कलेक्टोरेट घेराव अपडेट

कलेक्टोरेट पहुंचे विद्यार्थियों ने स्कूल के प्राचार्य शुक्ला और शिक्षिका पर लगातार प्रताड़ित करने और अभद्र व्यवहार करने के आरोप लगाया था। विद्यार्थियों का आरोप था कि प्राचार्य उनके साथ गाली-गलौज तक करते हैं। इतना ही नहीं, सरकारी तौर पर मिलने वाले सेनेटरी पैड के लिए भी उनसे पैसे मांगे जाने का आरोप लगाया गया है। विद्यार्थियों ने पूरे मामले की जांच कर प्राचार्य और जिम्मेदार शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

विद्यार्थियों की नाराजगी की जानकारी मिलते ही जिला शिक्षा अधिकारी संदीप पांडे मौके पर पहुंचे थे। विद्यार्थियों ने अधिकारी के सामने भी अपनी शिकायतें रखीं। काफी देर तक कलेक्टर परिसर में हंगामे की स्थिति बनी रही। बाद में डिप्टी कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी ने विद्यार्थियों से बातचीत कर उन्हें जांच और कार्रवाई का भरोसा दिलाया था।

तब जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया थाा कि स्कूल को लेकर कई शिकायतें प्राप्त हुई हैं। मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है। टीम की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारी ने कहा था कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी।

पढ़िए स्कूल की छात्राओं ने क्या कहा था?

  • 11 वीं कक्षा के बच्चों को धमकाया जा रहा है, शिकायत करने पर परीक्षा में फेल में करने धमकाते हैं शिक्षक। गुप्ता मैडम प्रिंसिपल से मिली हुई है। बाकी टीचरों से कुछ पूछा नहीं जाता है। बच्चों को मारती भी है। मैं 11 स्टैंडर्ड की बच्ची हूं, मैं उसी क्लास को कैसे पढ़ा सकती हूं, तब मैडम बोलती है यूट्यूब से पढ़कर आना और बच्चों को पढ़ाना।
  • प्रिंसिपल से लेकर टीचर से हमारी शिकायत है। हम लोगों से फीस ज्यादा लिया जाता है। एक-एक बच्चों से 1750 रुपये बतौर फीस लिया गया है। एक बच्चे से सिलिंग फेन लाने दबाव बनाया गया। प्रिंसिपल अभद्र व्यवहार करते हैं। गंदी-गंदी गाली बकते हैं।
  • सेनेटरी पैड को नहीं देते, पांच रुपये में खरीदने के लिए दबाव बनाते हैं। हमे पैड नहीं दिया जाता। हम लोग विरोध करते हैं तो प्रैक्टिल में नंबर नहीं देंगे धमकाते हैं।

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