साइबर क्राइम: शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर चिकित्सक से तीन करोड़ की ठगी!

बिलासपुर। 25 अक्टूबर 2026| शेयर ट्रेडिंग में कम समय में मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर साइबर ठगों ने छत्तीसगढ़ बिलासपुर शहर के एक प्रतिष्ठित रिटायर्ड डॉक्टर से करीब तीन करोड़ रुपए की ठगी कर ली। पीड़ित सिम्स से रिटायर्ड चिकित्सक हैं। महज डेढ़ महीने के भीतर ठगों ने उन्हें अपने जाल में फंसाया। शुरुआत में निवेश पर मुनाफा दिखाकर भरोसा जीता और इसके बाद लगातार अधिक कमाई का लालच देकर रकम निवेश कराते रहे।
ठग डॉक्टर को निवेश की रकम बढ़ने का भरोसा दिलाते रहे। जब उन्होंने अपना मुनाफा निकालने की कोशिश की तो उनसे इसके एवज में अलग से पैसे मांगे। मुनाफा मिलने की उम्मीद में उन्होंने कुछ रकम भी दे दी, लेकिन इसके बाद भी भुगतान नहीं हुआ। लगातार झांसा मिलने के बाद जब उन्होंने संपर्क करने की कोशिश की तो ठगों ने अपने मोबाइल नंबर बंद कर दिया। इसके बाद डॉक्टर को ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की। मामले में सिटी कोतवाली थाने में अपराध दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, पीड़ित की पहचान और मामले की विस्तृत जानकारी पुलिस की ओर से सार्वजनिक नहीं की गई है।
साइबर रेंज थाने में 7 लाख ठगी का आया मामला
शहर में शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ठगी का एक अन्य मामला भी सामने आया है। साइबर रेंज थाने में एक व्यक्ति से करीब सात लाख रुपए की धोखाधड़ी की शिकायत मिलने की जानकारी है। इस मामले में भी निवेश पर मोटा मुनाफा देने का झांसा दिए जाने की बात कही जा रही है।
प्रमुख मामले और घटनाएं
- रायपुर – शिक्षक से ₹18 लाख की ठगी: सड्डू (रायपुर) के एक शिक्षक को एटीएस ATS अधिकारी बनकर जम्मू-कश्मीर के मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने का डर दिखाया गया। उन्हें 3 दिन तक वीडियो कॉल पर डिजिटल अरेस्ट रखा गया।
- बिलासपुर – रिटायर्ड कर्मचारी से ₹35 लाख की ठगी: बिलासपुर में एक रिटायर्ड कर्मचारी को 17 दिन तक डिजिटल अरेस्ट की स्थिति में रखा गया और ₹35 लाख ट्रांसफर करा लिए गए।
- रायपुर – बुजुर्ग महिला से ₹7 लाख की ठगी: रायपुर में एनआईए NIA अधिकारी बनकर एक बुजुर्ग महिला को मनी लॉन्ड्रिंग केस में डराया गया। एफडी (FD) तुड़वाकर आरटीजीएस के जरिए ₹7 लाख ट्रांसफर कराए गए।
- रायपुर – 65 वर्षीय बुजुर्ग से ₹8 लाख की ठगी: आधार कार्ड के दुरुपयोग का डर दिखाकर एक अन्य 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला से ₹8 लाख की ठगी की गई।
- रायपुर – किराना कारोबारी से ₹8.5 लाख की ठगी: एक किराना कारोबारी को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फंसाने का डर दिखाकर डिजिटल अरेस्ट किया गया और अलग-अलग खातों में ₹8.5 लाख ट्रांसफर करवाए गए।
- खैरागढ़ – साइबर ठगी और गिरफ्तारी: खैरागढ़ जिले में ₹1.86 लाख की साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने उत्तराखंड और दिल्ली से जुड़े 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो एपीके APK फाइलों और मनी ट्रांसफर के जरिए ठगी को अंजाम देते थे।
- दुर्ग-भिलाई – ‘म्यूल अकाउंट्स’ (Mule Accounts) पर कार्रवाई: दुर्ग पुलिस ने साइबर ठगी की रकम अपने खातों में मंगाने वाले 13 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें इंडियन बैंक का एक एजेंट भी शामिल है।
साइबर ठगी से बचने के उपाय
• सरकारी एजेंसियां डिजिटल अरेस्ट नहीं करतीं: सीबीआई, ईडी, एनआईए या पुलिस कभी भी वीडियो कॉल या फोन पर किसी को ‘डिजिटल अरेस्ट’ नहीं करती हैं।
• तुरंत करें शिकायत: यदि आपके साथ कोई ऑनलाइन फ्रॉड होता है, तो तुरंत 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर कॉल करें या National Cyber Crime Reporting Portal पर अपनी शिकायत दर्ज करें।

