शिक्षकों और पदोन्नति के बीच TET का रोड़ा: शिक्षक नेताओं ने उठाए बड़ा सवाल, स्कूल शिक्षा विभाग से स्पष्ट नीति की मांग..

शिक्षकों और पदोन्नति के बीच TET का रोड़ा: शिक्षक नेताओं ने उठाए बड़ा सवाल, स्कूल शिक्षा विभाग से स्पष्ट नीति की मांग..

रायपुर। 11अगस्त 2026| सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन और छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी इस मुद्दे पर अब मुखर होने लगे हैं। पदोन्नति के बीच टेट की अनिवार्यता की शर्तें सामने आने के बाद शिक्षक संघ के पदाधिकारी मुखर होकर अपनी बातें रखने लगे हैं। पदोन्नति को लेकर साफ नीति बनाने के साथ ही वरिष्ठता के आधार पद पदोन्नति की मांग उठने लगी है।

सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन ने कार्यरत शिक्षकों की पदोन्नति में TET की अनिवार्यता को लेकर शिक्षा विभाग से स्पष्टता की मांग की है। फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र राठौर ने कहा कि यदि TET उस समय आवश्यक योग्यता थी, तो वर्ष 2018 एवं उसके बाद शिक्षकों के शासकीय सेवा में संविलियन के दौरान इसकी जांच क्यों नहीं की गई।

रविंद्र राठौर ने कहा कि संविलियन के समय शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच कर उन्हें शासकीय सेवा में शामिल किया गया। ऐसे में वर्षों तक सेवा देने के बाद पदोन्नति के समय TET को लेकर नई स्थिति उत्पन्न होना शिक्षकों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। विभाग को इस संबंध में स्पष्ट नियम और नीति सामने रखनी चाहिए, ताकि शिक्षकों में असमंजस की स्थिति समाप्त हो।

अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा शिक्षक क्यों भुगतें?

फेडरेशन ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा आरटीई अधिनियम में वर्ष 2017 में किए गए संशोधन के बाद कार्यरत शिक्षकों के संबंध में विभाग द्वारा समय रहते स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाने चाहिए थे। यदि विभाग ने उस अवधि में सेवारत शिक्षकों को टीईटी उत्तीर्ण करने के संबंध में कोई स्पष्ट आदेश या सूचना जारी नहीं की, तो वर्तमान में इसकी जिम्मेदारी शिक्षकों पर डालना उचित नहीं होगा।

रविंद्र राठौर ने कहा कि विभाग को इस पूरे मामले की तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट करते हुए यह बताना चाहिए कि कार्यरत शिक्षकों को टीईटी के संबंध में उस समय क्या दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। साथ ही, यदि कहीं प्रशासनिक स्तर पर चूक हुई है तो उसकी जिम्मेदारी भी तय की जानी चाहिए।

संविलियन के समय योग्य, पदोन्नति के समय अयोग्य कैसे?

फेडरेशन ने सवाल उठाया कि जिन शिक्षकों की योग्यता और दस्तावेजों की जांच के बाद उन्हें शासकीय सेवा में संविलियन दिया गया, उन्हीं शिक्षकों की पदोन्नति के समय टीईटी को लेकर अलग मापदंड क्यों अपनाया जा रहा है।

रविंद्र राठौर ने कहा कि प्रदेश के हजारों शिक्षक लंबे समय से ग्रामीण एवं सुदूर क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनकी वरिष्ठता, अनुभव और सेवा अवधि को ध्यान में रखते हुए पदोन्नति के संबंध में शासन को संवेदनशील और स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए।

फेडरेशन ने समाधान की मांग की

रविंद्र राठौर ने कहा कि फेडरेशन किसी भी नियम या न्यायालय के आदेश की अवहेलना नहीं चाहता, लेकिन शिक्षकों के हितों को प्रभावित करने वाले विषय पर शासन और विभाग को उचित कानूनी एवं प्रशासनिक समाधान तलाशना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि शिक्षकों की समस्याओं का संतोषजनक समाधान नहीं किया गया, तो सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से प्रदेश स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

संजय शर्मा ने कहा, पदोन्नति रोकने का प्रयास अनुचित, वर्तमान प्रचलित भर्ती व पदोन्नति नियम में टेट की बाध्यता नहीं

छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने शिक्षा विभाग द्वारा हाल ही में आयोजित विशेष बैठक के निर्णयों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया में टेट TET की अनिवार्यता को नियम विरुद्ध बताया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश भर के प्राथमिक स्कूलों में कार्यरत सहायक शिक्षक और मिडिल स्कूलों के शिक्षक इस उम्मीद में थे कि विभाग उनकी रुकी हुई पदोन्नति को पूर्ण करने के लिए विभागीय शिक्षक पात्रता परीक्षा TET आयोजित करने का ठोस निर्णय लेगा, लेकिन इसके विपरीत टेट की आड़ में पदोन्नति में नई बाधाएं उत्पन्न की जा रही हैं।

वर्तमान में प्रभावी शिक्षक भर्ती एवं पदोन्नति नियम में पदोन्नति के लिए टेट TET की कोई अनिवार्यता नहीं है। विभाग की बैठक में इसे अनिवार्य बताना और भर्ती नियमों से इतर निर्देश जारी करना परस्पर विरोधी और शिक्षकों के साथ अन्याय है।

2028 तक का समय सीमा प्रावधान- शिक्षकों को टेट TET उत्तीर्ण करने के लिए वर्ष 2028 तक की समय सीमा दी गई है, ऐसे में 2028 से पूर्व होने वाली पदोन्नति प्रक्रिया में टेट के नाम पर वरिष्ठ शिक्षकों को दरकिनार करना पूरी तरह अनुचित है, जिससे भविष्य में गंभीर न्यायिक जटिलताएं और कोर्ट केस की स्थिति बनेगी।

वरिष्ठता के आधार पर तत्काल हो पदोन्नति

एसोसिएशन मांग करता है कि वर्तमान में सेवा-वरिष्ठता सूची के आधार पर शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया तुरंत पूरी की जावे और उन्हें वर्ष 2028 तक टेट उत्तीर्ण करने का समय व निर्देश दिया जावे।

विभागीय टेट परीक्षा का हो आयोजन

शिक्षकों को अवसर प्रदान करने के लिए लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) द्वारा तत्काल विभागीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) का आयोजन किया जावे ताकि सभी पात्र शिक्षक इसमें शामिल हो सकें।

विरोध की दी चेतावनी

छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा, प्रदेश संयोजक सुधीर प्रधान, वाजिद खान, प्रदेश उपाध्यक्ष देवनाथ साहू, प्रवीण श्रीवास्तव, शैलेन्द्र यदु, मुकेश मुदलियार, डॉ कोमल वैष्णव, प्रदेश सचिव मनोज सनाढ्य, प्रदेश कोषाध्यक्ष शैलेन्द्र पारीक ने चेतावनी दी है कि यदि नियमों से परे जाकर शिक्षकों के पदोन्नति अधिकारों का हनन किया गया, तो प्रदेश भर के शिक्षक इसका कड़ा विरोध करेंगे, विभाग को चाहिए कि वह विसंगतियों को दूर कर वरिष्ठता क्रम में शीघ्र अति शीघ्र पदोन्नति आदेश जारी करे।

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