बंशु लोहार के नाम करोड़ों की सरकारी जमीन! भूमाफियाओं ने पटवारी के साथ मिलकर किया कमाल, अब FIR की तैयारी, पढ़िए पटवारी ने कैसे किया खेला?

सरगुजा। 05 अक्टूबर 2026| एक पटवारी ने अपनी कलम की ताकत का ऐसा नमूना पेश किया है, जिसे देख कर अफसर भी हैरान रह गए हैे। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर शहर से लगे ग्राम लालमाटी की 2.39 एकड़ सरकारी भूमि, जिसकी वर्तमान बाजार भाव करोड़ों रुपये में आंकी जा रही है, एक ऐसे आदमी के नाम कर दिया जो उस गांव का निवासी ही नहीं है, और ना ही उसे इस बात की जानकारी है। नाम चढ़ाया और फिर भूमाफियों के साथ मिलकर इसे करोड़ो का बना दिया।
कलेक्टर के आदेश के बाद जब राजस्व अधिकारियों ने इसकी जांच शुरू की और दस्तावेजों को खंगाला तो यह देखकर सन्न रह गए, बेशकीमती शासकीय भूमि खंड को बड़ी चालाकी और बेरहमी के साथ राजस्व दस्तावेजों में निजी बना दिया था। शासकीय भूखंड का मालिक बंशु लोहार को बना दिया था।
भूमाफियाओं ने तत्कालीन पटवारी से मिलीभगत कर एक ऐसे व्यक्ति के नाम पर शासकीय जमीन चढ़ा दी, जो उस गांव में रहता ही नहीं है। बाद में इस जमीन का सौदा कर दिया गया। वर्तमान में जमीन पर काबिज व्यक्ति की शिकायत पर जांच हुई तो पूरी गड़बड़ी सामने आई।
एसडीएम धौरपुर ने ग्राम लालमाटी स्थित रकबा 0.967 हेक्टेयर, 2.39 एकड़ भूमि से अनावेदकों का नाम विलोपित कर संपूर्ण भूमि को शासकीय मद में दर्ज करने का आदेश दिया है। साथ ही इससे संबंधित क्रय-विक्रय को शून्य घोषित कर दिया है।
जानिए क्या है मामला?
प्रकरण में प्रस्तुत दस्तावेजों, पटवारी प्रतिवेदन एवं राजस्व अभिलेखों के परीक्षण में पाया गया कि संबंधित भूमि पूर्व में शासकीय मद में दर्ज थी। तत्कालीन पटवारी ने साजिश के तहत ग्राम परसा निवासी बंशु लोहार पिता भुटकूल के नाम शासकीय जमीन पर चढ़ा दिया, जबकि वह लालमाटी में रहता ही नहीं है।
फर्जी भू-स्वामी के नाम से भूमाफियाओं ने जमीन का सौदा मोमिनपुरा अंबिकापुर निवासी मिस्हाबुल इस्लाम पिता सफी अहमद और सोस, जिला रांची (झारखंड) निवासी मो सलीम पिता मो कमालुद्दीन से कर दिया। वर्तमान कब्जाधारी रामचन्द्र की शिकायत पर जांच शुरू हुई। न्यायालय ने भूमि से संबंधित दस्तावेज एवं पटवारी प्रतिवेदन को संदिग्ध एवं कूटरचित पाया।
अब एफआईआर की तैयारी
एसडीएम कोर्ट ने भूमि के विक्रेता बंशु लोहार तथा क्रेतागण मिस्हाबुल इस्लाम और मो सलीम के विरुद्ध संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया है। शिकायतकर्ता रामचन्द्र लकड़ा आदि के विरुद्ध अतिक्रमण का प्रकरण दर्ज कर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का आदेश दिया है।
संबंधित पटवारी के खिलाफ विभागीय जांच के लिए कलेक्टर को लिखा पत्र
आदेश के परिपालन के लिए नायब तहसीलदार, उप तहसील रघुनाथपुर को भूमि से अनावेदकों का नाम हटाकर शासकीय मद में दर्ज करने,केस दर्ज कराकर न्यायालय को सूचित करने तथा छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 248 के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिया है। त्रुटिपूर्ण प्रतिवेदन एवं पंचनामा प्रस्तुत करने पर तत्कालीन हल्का पटवारी सुरेश कुमार दाहिरे के विरुद्ध विभागीय जांच के लिए कलेक्टर (भू-अभिलेख) को पत्र भेजा गया है। कलेक्टर अजीत बसंत ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए फर्जी भू-स्वामी और खरीददारों पर FIR दर्ज करने और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का निर्देश जारी कर दिया है।
बंशु लोहार के नाम पर एक बार और हो चुकी है हेराफेरी
सरकारी जमीन फर्जीवाड़ा के मामले में जिस बंशु लोहार का नाम सामने आया है, वह पहले भी भूमाफियाओं का हथियार बन चुका है। इसके नाम पर अंबिकापुर शहर में राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे की शासकीय जमीन को भी फर्जी तरीके से दर्ज कराकर करोड़ों में खरीदी-बिक्री की गई थी। तब तत्कालीन कलेक्टर विलास भोसकर ने जांच के बाद जमीन की खरीदी-बिक्री को शून्य कर दिया था।

