छत्तीसगढ़ में बिगड़ेगा मौसम: इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

CG Weather Update Today (13 September 2026): छत्तीसगढ़ में फिर एक बार मौसम ने अचानक करवट बदल ली है। मौसम केंद्र का अनुमान है कि आज प्रदेश के कई इलाकों में आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश हो सकती है।
अगर सबसे ज्यादा असर की बात करें तो कांकेर, बालोद, राजनांदगांव, दुर्ग, बेमेतरा और कबीरधाम जिले इसकी चपेट में आ सकते हैं। यहां हवा 40 से 60 किलोमीटर की रफ्तार से दौड़ सकती है, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी पर सीधा असर पड़ना तय है।
बिजली गिरने का खतरा
मौसम जानकारों की मानें तो इन जिलों में आंधी-तूफान मध्यम दर्जे का रूप ले सकता है। जब हवा 60 की स्पीड पकड़ती है, तो पेड़ की टहनियां टूटना, बिजली के तार गिरना और टीन की छतें उड़ना बहुत आम बात हो जाती है। सिर्फ हवा ही नहीं, आसमान में बादलों की तेज गड़गड़ाहट और आकाशीय बिजली गिरने की भी पूरी आशंका है। ऐसे में किसी भी काम से खुले मैदान में निकलना या वहां रुकना सीधे-सीधे खतरे को दावत देना होगा।
राजधानी रायपुर समेत इन जिलों में हल्की बारिश के आसार
ऐसा नहीं है कि सिर्फ बस्तर या दुर्ग संभाग में ही मौसम खराब रहेगा, प्रदेश के बाकी हिस्सों में भी बारिश की संभावना जताई गई है। रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़, जांजगीर-चांपा, बलौदा बाजार, महासमुंद, गरियाबंद, धमतरी, कोंडागांव, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा में भी बादलों का डेरा रहेगा। इन जिलों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की हवाओं के साथ ठीक-ठाक बारिश हो सकती है। पिछले कुछ दिनों से जो भारी उमस परेशान कर रही थी, उससे राहत तो मिलेगी, लेकिन चौकन्ना रहना बेहद जरूरी है।
IMD की सुरक्षा सलाह
इस बदलाव को देखते हुए मौसम विभाग (IMD) ने सीधे तौर पर लोगों को सतर्क रहने को कहा है। साफ हिदायत है कि जब भी हवा तेज चले या बिजली कड़कने लगे, तो किसी भी हाल में बाहर न रुकें। आंधी के वक्त बड़े और पुराने पेड़ों के नीचे, बिजली के खंभों के पास या किसी कमजोर दीवार के सहारे खड़े होने की गलती बिल्कुल मत कीजिएगा। ऐसे वक्त में किसी पक्के मकान के अंदर ही खुद को महफूज रखें।
किसानों और पशुपालकों के लिए जरूरी सावधानियां
गांव-देहात में जो किसान भाई खेतों में काम कर रहे हैं, वो आसमान में काली घटा देखते ही तुरंत काम रोककर सुरक्षित जगह चले जाएं। इसके अलावा, मवेशियों को भी किसी खुले पेड़ या लोहे के खंभे से बांधने की बजाय किसी पक्के शेड में बांधना सही रहेगा। बिजली हमेशा खुली जगहों और धातु की चीजों की तरफ जल्दी खींचती है, इसलिए जब तक मौसम साफ न हो जाए, तब तक मोबाइल या किसी भी बिजली के सामान का इस्तेमाल करने से बचें।

