कर्मचारियों की खबर: हाई कोर्ट का फैसला, डेपुटेशन पर भेजने से पहले कर्मचारी की सहमति लेना जरूरी, राज्य सरकार के आदेश पर रोक

कर्मचारियों की खबर: हाई कोर्ट का फैसला, डेपुटेशन पर भेजने से पहले कर्मचारी की सहमति लेना जरूरी, राज्य सरकार के आदेश पर रोक

बिलासपुर।19 अप्रैल 2026| छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट का यह फैसला कर्मचारियों के राहत वाली है। कोर्ट ने कहा है, अधिकारी या कर्मचारी को डेपुटेशन पर भेजने से पहले उनकी सहमति लेना अनिवार्य है। बगैर सहमति या स्वीकृति के जबरिया प्रतिनियुक्ति पर नहीं भेजा जा सकता। कोर्ट ने राज्य शासन के आदेश पर रोक लगा दिया है।

पढ़िए क्या है मामला?

विवेक त्रिपाठी, उपनिदेशक, अभियोजन कार्यालय, कोरबा में डिप्टी डॉयरेक्टर के पद पर पदस्थ थे। 24 मार्च, 2026 को सचिव, छ.ग. शासन, रायपुर ने विवेक त्रिपाठी का स्थानांतरण उपनिदेशक कार्यालय कोरबा से EOW/ACB, रायपुर कर दिया गया।

स्थानांतरण आदेश को चुनोती देते हुए विवेक त्रिपाठी ने अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय एवं सुन्दरा साहू के माध्यम से छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट में रिट याचिका दायर की।

अधिवक्ता पांडेय ने दी ये दलील

याचिका की सुनवाई जस्टिस पीपी साहू के सिंगल बेंच में हुई। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय एवं सुन्दरा साहू ने कोर्ट के समक्ष तर्क प्रस्तुत करते हुए कहा, याचिकाकर्ता अभियोजन गृह विभाग में डिप्टी डॉयरेक्टर के पद पर पदस्थ है एवं EOW, ACB एक अन्य विभाग, कैडर है। किसी भी अधिकारी को एक विभाग से दूसरे विभाग में स्थानांतरण कर नहीं भेजा जा सकता। जब किसी कर्मचारी, अधिकारी को एक विभाग से दूसरे विभाग में डेपुटेशन पर भेजा जाता है, डेपुटेशन पर भेजने से पहले सहमति लिया जाना अनिवार्य है।

डिप्टी डॉयरेक्टर के पद पर पहले से हैं कार्यरत

अधिवक्ता पांडेय ने कहा, याचिकाकर्ता को अन्य विभाग, कैडर EOW, ACB में डेपुटेशन पर न भेजकर उनका स्थानांतरण कर दिया गया, उक्त अधिकारी की सहमति भी नहीं ली गई। EOW, ACB में डिप्टी डॉयरेक्टर का सिर्फ एक ही पद रिक्त है एवं उक्त पद पर सुमन एक्का कार्य कर रहे है। EOW, ACB में डिप्टी डॉयरेक्टर का एक भी पद रिक्त नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का दिया हवाला

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अभिषेक पांडेय ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित न्यायदृष्टांत प्रसार भारती एवं अन्य विरूद्ध अमरजीत सिंह एवं अन्य, सरिता सिंह विरूद्ध श्री इन्फोसाफ्ट प्रायवेट लिमिटेड मामले का हवाला दिया, जिसमें सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्णय दिया गया है, किसी भी शासकीय अधिकारी कर्मचारी की सहमति के बिना उसे डेपुटेशन पर नहीं भेजा जा सकता है।

हाई कोर्ट ने तबादला आदेश पर लगाई रोक

याचिका की सुनवाई जस्टिस पीपी साहू के सिंगल बेंच में हुई। कोर्ट ने सुनवाई के पश्चात् रिट याचिका को स्वीकार कर याचिकाकर्ता का जिला कोरबा से EOW, ACB, रायपुर में जारी स्थानांतरण आदेश पर रोक लगा दी है।

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