बस्तर में CRPF जवानों के साथ पीएम मोदी ने मनाई दिवाली, कहा- हथियारी नक्सल खत्म, अब दिमागी नक्सलियों से मुकाबला को हराने की बारी

बस्तर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर साल की तरह इस बार भी देश के सुरक्षाबलों के साथ दिवाली का त्योहार मनाया। पीएम मोदी इस बार छत्तीसगढ़ के बस्तर पहुंचे, जहां उन्होंने सीआरपीएफ (CRPF) के जवानों के बीच दिवाली मनाई। कभी नक्सलियों के गढ़ के तौर पर पहचाने जाने वाले बस्तर की धरती से जवानों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने सुरक्षाबलों के शौर्य को सलाम किया और साथ ही विपक्ष व ‘दिमागी नक्सलियों’ पर तीखा प्रहार किया।
’47 साल में पहली बार एक साल में किसी CRPF जवान की जान नहीं गई’
जवानों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह पहली ऐसी दिवाली है, जब देश का हर जिला नक्सलवाद से मुक्त है। उन्होंने इसका पूरा श्रेय सुरक्षाकर्मियों के बलिदान और समर्पण को दिया।
पीएम मोदी ने कहा, “हमारी सरकार ने नक्सलियों और अलगाववादियों की फंडिंग पर करारा प्रहार करने वाले फैसले लिए। इन कदमों से जाली नोटों का नेटवर्क ध्वस्त हुआ और उनकी सप्लाई चेन टूट गई। यही वजह है कि पिछले 47 वर्षों में पहली बार, बीते एक साल के दौरान ड्यूटी पर सीआरपीएफ के किसी भी जवान की जान नहीं गई।”
एक दौर में 20 राज्यों के 230 से ज्यादा जिले थे चपेट में
प्रधानमंत्री ने पुराने दौर को याद करते हुए कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ यह लड़ाई बिल्कुल आसान नहीं थी। एक समय ऐसा था जब बिहार, महाराष्ट्र, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत देश के करीब 20 राज्यों के 230 से ज्यादा जिले वामपंथी उग्रवाद की चपेट में थे।
उन्होंने कहा कि तब शाम ढलते ही जिंदगी ठहर जाती थी और लोगों का घरों से निकलना नामुमकिन हो जाता था। नक्सलियों ने लोगों से वोट डालने का अधिकार छीन लिया था और बच्चों के स्कूलों को आग के हवाले कर दिया जाता था। हजारों गांव और करोड़ों लोग हर साल दो-दो हजार तक नक्सली हमले झेलने को मजबूर थे।
दंतेवाड़ा के 76 शहीदों को किया याद, कांग्रेस पर हमला
पीएम मोदी ने साल 2010 की घटनाओं का जिक्र करते हुए विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “2010 में यहीं पास में दंतेवाड़ा में नक्सली मुठभेड़ में सीआरपीएफ के हमारे 76 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे। उसी साल दंतेवाड़ा की एक और घटना में 44 निर्दोष नागरिकों की हत्या कर दी गई थी। यह धरती हमारे वीरों के लहू से सींची गई है, लेकिन उस वक्त महलों में रहने वाले किसी भी नामदार की सिसकी नहीं सुनाई दी और न ही उनकी आंखों से एक आंसू गिरा।”
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने आगे कहा कि दशकों तक ‘गरीबी हटाओ’ के नारों से जो काम नहीं हो सका, वह बीते 12 सालों में करके दिखाया गया है। नक्सलियों का पहला एजेंडा ही विकास को रोकना और आम लोगों की जिंदगी पर चोट करना होता था।
‘हथियारी नक्सली मिटे, अब दिमागी नक्सलियों को पहचानना है’
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में ‘दिमागी नक्सलियों’ को लेकर देश को आगाह किया। पीएम मोदी ने कहा, “नक्सली हिंसा का अंत हुआ है और जंगलों से हथियारी नक्सली तो मिट गए हैं, लेकिन दिमागी नक्सलियों ने कई संगठनों पर कब्जा कर रखा है। कई राजनीतिक दलों और संगठनों में इन दिमागी नक्सलियों ने घुसपैठ कर ली है। ये लोग आज भी देश के संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ लोगों को उकसा रहे हैं। अब हमें इन्हें पहचानना है, परास्त करना है और देश को सुरक्षित रखना है।”

