CG News: बिजली विभाग के पेंशनभोगियों ने क्यों दिया झटका? क्यों दी सरकार को दी सीधी चेतावनी!

बिलासपुर। 24 अक्टूबर 2026| अपनी जायज मांगों की लगातार हो रही अनदेखी से तंग आकर विद्युत सेवानिवृत्त कर्मचारी-अधिकारी महासंघ ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बिलासपुर में प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम एक कड़ा ज्ञापन सौंपकर महासंघ ने साफ कर दिया है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान जल्द नहीं हुआ, तो यह असंतोष एक बड़े और आक्रामक आंदोलन का रूप ले सकता है।
11 सूत्रीय मांगों को लेकर गरमाया माहौल, प्रबंधन पर बरसे पेंशनभोगी
बिलासपुर स्थित क्षेत्रीय मुख्यालय में सेवानिवृत्त कर्मियों का हुजूम उमड़ पड़ा, जहां सभी ने एक स्वर में पावर कंपनी प्रबंधन की कार्यशैली के खिलाफ जमकर रोष जताया। महासंघ के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में यह बात खुलकर सामने आई कि लंबे समय से 11 सूत्रीय मांगों को लेकर अधिकारी और कर्मचारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है। बुजुर्ग कर्मचारियों का कहना है कि सेवाकाल के दौरान बिजली व्यवस्था को रोशन करने वाले ये लोग आज खुद अंधेरे में जीवन जीने को मजबूर हैं, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जीवन रक्षक दवाओं की भारी किल्लत और पेपर प्रमोशन में भेदभाव से बढ़ा आक्रोश
उग्र प्रदर्शन का सबसे बड़ा केंद्र सेवानिवृत्त वर्ग के लिए जरूरी चिकित्सा सुविधाओं का अभाव रहा। आंदोलनकारियों का आरोप है कि इस उम्र में जहां नियमित और गुणवत्तापूर्ण दवाइयों की सबसे ज्यादा आवश्यकता होती है, वहीं पावर कंपनी द्वारा समय पर दवाइयां और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। इसके साथ ही, तकनीकी संवर्ग के कर्मचारियों के साथ पेपर प्रमोशन के नाम पर हो रहे पक्षपात और छलावा ने आग में घी का काम किया है। वर्षों तक अपनी सेवाएं देने के बाद भी हक से वंचित रहना कर्मचारियों के लिए असहनीय हो गया है।
अनदेखी पर चेतावनी: अब मुख्यमंत्री से आमने-सामने होगी सीधी मुलाकात
महासंघ के पदाधिकारियों ने बताया कि यह आंदोलन अचानक नहीं भड़का है, बल्कि इसके पहले भी प्रशासनिक स्तर पर कई बार गुहार लगाई जा चुकी है। बीते 9 अक्टूबर को प्रथम चरण के तहत क्षेत्रीय मुख्यालय में कार्यपालक निदेशक के मार्फत चेयरमैन को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन प्रबंधन के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। अधिकारियों की इस टालमटोल नीति से क्षुब्ध होकर ही अब दूसरे चरण के तहत मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजने का कदम उठाया गया है। महासंघ ने खुली चेतावनी दी है कि यदि अब भी न्याय नहीं मिला, तो एक प्रतिनिधिमंडल सीधे मुख्यमंत्री से मिलकर पावर कंपनी के इस तानाशाही और उपेक्षापूर्ण रवैये की पोल खोलेगा।
प्रदर्शन में उमड़ी दिग्गजों की भीड़, एकजुटता का दिखाया दम
इस विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों से आए बिजली विभाग के तमाम वरिष्ठ सेवानिवृत्त चेहरे मौजूद रहे। कार्यक्रम की अगुवाई करने वालों में क्षेत्रीय इकाई के अध्यक्ष दिनेश बाजपेयी, सचिव संतोष कुमार शर्मा, और कोषाध्यक्ष ए. ईश्वर राव ने प्रमुख भूमिका निभाई। इनके अलावा केके. शुक्ला, सलीम बेग, सतीश कुमार गुप्ता, राजेंद्र शर्मा, अनिल शेवालकर और अनुराग श्रीवास्तव समेत सैकड़ों की संख्या में पेंशनभोगी उपस्थित होकर अपनी अटूट एकजुटता का परिचय दिया।

