CG Crime News: वन माफिया पर सबसे बड़ा प्रहार! आधी रात IFS अफसर की सर्जिकल स्ट्राइक से सिंडिकेट में मचा हड़कंप!

सरगुजा। 23 अक्टूबर 2026| छत्तीसगढ़ सरगुजा के जंगलों में अवैध कटाई और परिवहन करने वाले वन तस्करों और अवैध लकड़ी माफियाओं के खिलाफ वन विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है।
IFS अधिकारी कुणाल मिश्रा की अगुवाई में वन विभाग की टीम ने लुंड्रा क्षेत्र में आधी रात दबिश देकर अवैध लकड़ी परिवहन के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करने के साथ ही मौके से भारी-भरकम मशीनों समेत तीन बड़े वाहनों को जब्ती बनाई है। वन विभाग के इस ताबड़तोड़ एक्शन के साथ राजस्व विभाग की टीम ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए अवैध कटाई कर डंप किए गए भारी मात्रा में लट्ठों को अपने कब्जे में ले लिया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद पूरे इलाके के तस्करों और बिचौलियों में भारी हड़कंप मच गया है।
मामला सिर्फ अवैध लकड़ी परिवहन तक सीमित नहीं है, जिस संगठित और हाई-टेक तरीके से इस काले कारोबार को अंजाम दिया जा रहा था, उसके खिलाफ इस कार्रवाई को लेकर विभागीय अधिकारी भी दंग रह गए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, लुंड्रा के गुप्त ठिकाने पर सामान्य तरीकों को दरकिनार कर भारी क्षमता वाले विशेष जॉन डियर ट्रैक्टर-लोडर (माइन 5310), जिसमें बड़े-बड़े हाइड्रोलिक क्रेन और लोहे के भारी ग्रैबर (Grabber) लगे हुए थे, उसकी मदद से लकड़ी के भीमकाय लगट्ठों को उठाकर गाड़ियों में भरा जा रहा था। माफिया रातों-रात पूरी लकड़ी को भारी-भरकम ट्रक में भरकर ठिकाने लगाने की तैयारी कर चुके थे। लकड़ी से लदा काफिला रवाना हो पाता, IFS अधिकारी के निर्देश पर वन अमले ने चारों तरफ से घेराबंदी कर मौके पर ही रंगेहाथों पकड़ लिया।
कार्रवाई; अपडेट
वन विभाग ने मौके से लोडिंग और अवैध परिवहन में लगे इन वाहनों को जब्त कर सील कर दिया है।
12 चक्का भारी ट्रकः क्रमांक CG 15 AC 5272 (जिसमें लकड़ी की अवैध खेप लोड थी)
स्वराज ट्रैक्टर: पंजीयन क्रमांक CG 14 ME 9903
जॉन डियर ट्रैक्टर लोडर (माइन 5310): भारी हाइड्रोलिक क्रेन व ग्रैबर जबड़े से लैस स्पेशल लोडिंग मशीन
आरोपियों और वाहनों पर छत्तीसगढ़ अभिवहन (वनोपज) नियम, 2001 की धारा 3, छत्तीसगढ़ अभिवहन नियम की धारा 22 (2) (अवैध रात्रिकालीन परिवहन का उल्लंघन), भारतीय वन अधिनियम की धारा 52 (1) (अवैध वनोपज एवं प्रयुक्त समस्त वाहनों व औजारों की राजसात/जब्ती की सख्त धारा) के तहत गैर-जमानती कानूनी शिकंजा कसा गया है।
इनकी भूमिका रही बेहद खास
दबिश और जब्ती की कार्रवाई में रेंजर बीना पटेल परिक्षेत्र सहायक संजय तिर्की अलवीन कुजूर सतीश यादव, दिनेश तिवारी, मूलचंद, राम पंडो अवधेश कुमार, सोमनाथ बड़ा, प्रवीण सिंह, कुबेर सिंह, राजन गुप्ता सहित लुंड्रा रेंज का समस्त वन स्टाफ रातभर मुस्तैद रहा।
सिंडिकेट की ओर लगी नजर
इतनी भारी तादाद में बेशकीमती लकड़ी किस जंगल या संरक्षित क्षेत्र से काटी गई? इतनी बड़ी मशीनों और 12 चक्का ट्रक को सरगुजा की सीमा में बेधड़क उतारने की हिम्मत के पीछे कौन-कौन शामिल हैं, अब इनकी भूमिका को लेकर पड़ताल होगी।
विभाग ने वाहनों को जब्त कर डिपो में सुरक्षित खड़ा करा दिया है। लकड़ी के स्रोत, वाहन मालिकों और इस संगठित गिरोह के तार खंगालने में जुट गया है।
वनमाफियों पर शिकंजा कसना जरुरी: आलोक दुबे
भाजपा नेता व पार्षद आलोक दुबे ने इसके पहले वन माफियाओं पर अंकुश लगाने और सरगुजा के जंगलों में बेतहाशा हो रही लकड़ी की कटाई और तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने की मांग की थी। आईएफएस अफसर की इस कार्रवाई के बाद भाजपा नेता ने सरगुजा के जंगलों को सिंडिकेट बनाकर विरान करने की साजिश करने वाले वन माफियाओं को सलाखों के पीछे भेजने और इस पर रोक लगाने की मांग की है। आईएफएस अफसर की इस कार्रवाई की सराहना की है।

