CG Crime News: पहले ‘बेटा’ बनकर जीता भरोसा, फिर मांगता रहा पैसे… जब खुला राज तो महिला के उड़ गए होश!

बिलासपुर। 06 अक्टूबर 2026| छत्तीसगढ़ बिलासपुर सरकंडा थाना क्षेत्र के जबड़ापारा में ठगी का अनोखा मामला सामने आया है। एक युवक ने महिला से भावनात्मक रिश्ता बनाकर खुद को अकेला बताया और बेटा बनने का प्रस्ताव रखा। इसके बाद उसने अपने सोने-चांदी के जेवर दूसरे व्यक्ति के पास गिरवी रखे होने और उन्हें छुड़ाने के लिए पैसों की जरूरत बताई।
महिला उसके झांसे में आ गई और अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करती रही। करीब 1.30 लाख रुपये गंवाने के बाद महिला को ठगी का अहसास हुआ। शिकायत पर सरकंडा पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
0 पढ़िए क्या है मामला?
सरकंडा के जबड़ापारा निवासी पूजा पंजवानी के पास करीब एक सप्ताह पहले एक युवक पहुंचा था। बातचीत के दौरान उसने महिला के सामने अपनी परेशानी बताते हुए खुद को अकेला बताया। उसने महिला से भावनात्मक जुड़ाव बढ़ाया और उसे बेटा मानने की बात कही।
महिला ने भी उस पर भरोसा कर लिया। इसके बाद युवक ने जेवर छुड़ाने के नाम पर आर्थिक मदद मांगी। उसकी बातों में आकर महिला ने अलग-अलग बैंक खातों में रुपये भेजना शुरू कर दिया। युवक हर बार नए बहाने बनाकर रकम मांगता रहा।
महिला ने अपने दोनों बेटों की जमा पूंजी भी उसे दे दी। इसके बाद भी युवक ने 25 हजार रुपये और मांगे, तब महिला को संदेह हुआ। उसने पूरे मामले की जानकारी अपने परिजन को दी तो ठगी का पता चला। पुलिस मोबाइल नंबर और जिन बैंक खातों में रकम भेजी गई है, उनके आधार पर आरोपित की पहचान करने में जुटी है।
0 मकान मालिक से भी 30 हजार उधार लिए
महिला ने बेटों की जमा पूंजी देने के बाद भी युवक पर भरोसा नहीं छोड़ा। रकम की जरूरत बताने पर उसने अपने मकान मालिक से 30 हजार रुपये उधार लिए। यह रकम भी युवक के बताए बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी। इसके बाद महिला अन्य लोगों से भी रुपये जुटाने के लिए संपर्क कर रही थी। इसी दौरान युवक की लगातार मांगों पर उसे संदेह हुआ और उसने परिजनों को जानकारी दी।
0 बैंक खातों और मोबाइल नंबर से तलाश
पुलिस के मुताबिक ठगी में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जानकारी जुटाई जा रही है। महिला ने जिन खातों में रकम ट्रांसफर की है, उनकी जांच के साथ लेनदेन का विवरण भी खंगाला जा रहा है। पुलिस को उम्मीद है कि बैंकिंग ट्रांजेक्शन और मोबाइल नंबर के आधार पर आरोपित की पहचान हो सकेगी। मामले में आरोपित की गिरफ्तारी के लिए पुलिस तकनीकी जांच भी कर रही है।

