CG Crime News: BSP स्क्रैप चोरी: भाजपा का पदाधिकारी गिरफ्तार, इधर पार्टी ने 6 साल से निकाल बाहर किया

भिलाई। 02 अगस्त 2026| भिलाई स्टील प्लांट से तकरीबन 250 टन लोहा चोरी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भाजपा के वैशाली नगर मंडल के कोषाध्यक्ष और स्क्रैप कारोबारी भास्कर मुदलियार उर्फ बाचू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर भाजपा में जमकर हलचल मची और प्रदेश भाजपा ने लोहा चोरी के आरोपी कोषाध्यक्ष को 6 साल के लिए पार्टी से बाहर निकाल दिया है।
पुलिस के अनुसार भाजपा का मंडल कोषाध्यक्ष मुदलियार स्क्रैप चोरी के नेटवर्क का अहम कड़ी था और स्क्रैप ट्रेडिंग के कारोबार की आड़ में प्लांट से चोरी हुआ लोहा खरीदकर आगे खपाता था। मुदलियार का नाम इस मामले में पहले दिन से सामने आ गया था। हथखोज स्थित जिस गोदाम पर पुलिस ने छापा मारकर प्लांट से चोरी का लोहा जब्त किया था, वहीं उसका ट्रक भी मिला था। गिरोह के मास्टर माइंड संजय सिंह और आरोपी आकाश ने भी अपने मेमोरेंडम बयान में उसका नाम लिया था। इसके बाद भी मुदलियार की गिरफ्तारी में पुलिस ने लंबा समय लगा दिया। उसकी गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज है, क्योंकि शहर के कई स्थानों पर उसके राजनीतिक पोस्टर लगे हुए हैं। पुलिस ने शनिवार सुबह उसे उसके घर के पास से हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी के कुछ घंटों के भीतर पार्टी ने लिया एक्शन
संजय सिंह और आकाश ने पूछताछ में बताया कि चोरी का लोहा भास्कर 34 से 38 रुपए में प्रति किलो की दर से खरीदता था। शुरुआत में संजय कुछ लोहा कथाड़ियों को और कुछ भास्कर को बेचता था, लेकिन बाद में बड़ी मात्रा में पूरा लोहा उसी को देने लगा। पूछताछ में जामुल स्थित उसकी स्क्रैप ट्रेडिंग कंपनी और गोदाम की जानकारी भी मिली। पुलिस का दावा है कि वह स्क्रैप कारोबार की आड़ में चोरी का लोहा रायपुर की एक बड़ी कंपनी तक पहुंचाता था। आशंका है कि उसने उसने दूसरे राज्यों में भी चोरी का माल खपाया है। इधर देर रात भाजपा के जिलाध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन ने मुदलियार को पार्टी से छह साल के लिए निकाल दिया।
चोरी के लोहे के परिवहन में मुदलियार की गाड़ी का उपयोग
पुलिस प्रवक्ता सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया मामले में मुख्य आरोपी संजय सिंह समेत पहले ही 16 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। भास्कर मुदलियार 17वां आरोपी है। उसके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। चोरी के लोहे के ट्रांसपोर्टेशन में मुदलियार की गाड़ियों का इस्तेमाल किया जाता था।

