इनसाइड स्टोरी: पुलिस तबादला: बस्तर अब सजा नहीं प्राइम पोस्टिंग, नक्सलियों के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले पुलिस अफसरों को मिली मनपसंद पोस्टिंग

इनसाइड स्टोरी: पुलिस तबादला: बस्तर अब सजा नहीं प्राइम पोस्टिंग, नक्सलियों के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले पुलिस अफसरों को मिली मनपसंद पोस्टिंग

रायपुर। गृह विभाग ने एक आदेश जारी कर पुलिस महकमे में बड़ा बदलाव कर दिया है। जारी तबादला आदेश पर नजर डालें तो पुलिस से लेकर सरकारी अधिकारी व कर्मचारियों के लिए कभी सजा रहा, बस्तर अब प्राइम पोस्टिंग बन गया है, नक्सलियों से लंबी लड़ाई लड़ने वाले पुलिस अफसरों की पसंद का गृह विभाग ने ख्याल रखा है। इन अफसरों को उनकी पसंदीदा जगह पर पोस्टिंग दी गई है।

एक वह भी दौर था, जब बस्तर में नक्सल गतिविधियां तेज थी तब सरकारी अधिकारी से लेकर कर्मचारी और पुलिस विभाग में तबादला आदेश जारी होता था, बस्तर के लिए तबादला कर दिया जाता था, तब इसे सजा के रूप में देखा जाता था। परिस्थितियां बदली और अब बस्तर के बारे में महकमे की सोच भी तेजी के साथ बदलने लगी है। बस्तर पर अब सजा नहीं है, प्राइम पोस्टिंग बन गई है। पुलिस विभाग में हुए मौजूदा तबादला आदेश में इस बात का साफ इशारा है। जानकारी के अनुसार बस्तर जाने के लिए कई अफसरों ने अपनी पसंद भी जाहिर की थी। उनकी पसंद का ख्याल भी रखा गया है। इस तबादला प्रक्रिया में भी कई अफसरों ने स्वयं विकल्प के रूप में बस्तर को चुना। अधिकारियों का मानना है कि नक्सली मोर्चे पर शांति और सामान्य अपराधों की कम दर के कारण बस्तर अब पुलिस बल के लिए एक ‘प्राइम पोस्टिंग’ के रूप में उभर रहा है।

सीनियर अफसरों को दिया फ्री हैंड, विभाग की नजर इस ओर

राज्य सरकार ने सोमवार को राज्य पुलिस सेवा (पीएस) के कैडर में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 36 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ASP और 92 DSP स्तर के अफसरों के तबादला आदेश जारी किया है। स्थानांतरण सूची की सबसे खास बात यह रही कि लंबे समय से एसपी रैंक का ग्रेड पे (8700) और वेतन पा रहे, लेकिन मैदानी स्तर पर एडिशनल एसपी का दायित्व ही संभाल रहे कई सीनियर अफसरों को स्वतंत्र प्रभार की कमान सौंप दी गई है। इन्हें विभिन्न पुलिस ट्रेनिंग स्कूलों PTS और छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (छसबल) की वाहिनी (बटालियन) में स्वतंत्र प्रभार दिया गया है। प्रशासनिक हलकों में इसे आगामी प्रमोशन और जिला पुलिस कप्तानी की तैयारी माना जा रहा है। माना जा रहा है कि अगली पदस्थापना में इन्हें जिलों में पुलिस अधीक्षक (एसपी) या समकक्ष स्वतंत्र प्रभार वाली जिम्मेदारियां मिल सकती हैं।

EOW-ACB से तीन अफसर हटे

प्रशासनिक फेरबदल में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो EOW और एंटी करप्शन ब्यूरो ACB में पदस्थ तीन अफसरों प्रशांत खाण्डे, लोकेश देवांगन और सुरेश ध्रुव का भी तबादला किया गया है। हालांकि, इनकी जगह फिलहाल किसी नए अधिकारी की नियुक्ति नहीं की गई है। स्थानांतरित अफसरों में से सुरेश ध्रुव को रायपुर नगरीय में डीसीपी की कमान सौंपी गई है।

नक्सलियों से लड़ाई लड़ने वाले अफसरों की पसंद का ख्याल

स्थानांतरण आदेश में शामिल अफसरों की सूची पर नजर डाले तो, बस्तर क्षेत्र में लंबे समय से तैनात अधिकारियों में 10 ASP और 26 DSP को बस्तर से निकालकर मैदानी और शहरी इलाकों में नई जिम्मेदारियां दी गई है। सूची में शामिल ज्यादातर अफसर तीन- साल से बस्तर में अपनी सेवाएं दे रहे थे। इन अफसरों को मनपसंद पोस्टिंग दी गई है। विभाग ने इनकी पसंद का ख्याल रखा है।

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