मंत्रियों का सामूहिक इस्तीफा? सीएम हाउस में इमरजेंसी मीटिंग, मंत्रिमंडल सर्जरी की अटकलें तेज, पवन साय भी रहेंगे…

रायपुर। छत्तीसगढ़ में आज शाम मंत्रिमंडल में बदलाव की चर्चाएं एकदम से तेज हो गई। दरअसल, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज रात मंत्रियों को बुलाया है। इस खबर के वायरल होने के बाद ही मंत्रिमंडल में फेरबदल के दावे और कयासों का दौर शुरू हो गया। सोशल मीडिया में उसे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला के रायपुर प्रवास से भी जोड़ा जाने लगा। बता दें, लोकसभा अध्यक्ष रायपुर में हैं और राजभवन में रुके हुए हैं।
आज दोपहर में मुख्यमंत्री निवास में ओम बिड़ला ने लंच किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ0 रमन सिंह मौजूद थे। ओम बिड़ला के साथ लंच में सिर्फ तीन लोग ही थे। अलबत्ता, ओम बिड़ला माहेश्वरी समाम के कार्यक्रम में शामिल होने रायपुर आए हैं। मगर सोशल मीडिया ने उनके दौरे को मंत्रिमंडल सर्जरी से जोड़़ दिया।
पता चला है, मंत्रियों को रात नौ बजे सीएम हाउस पहुंचने कहा गया है। मंत्रियों को सिर्फ एक लाइन का संदेश मिला है। उसके अलावे कुछ और नहीं। मंत्रियों की बैठक का एजेंडा क्या है, इस बारे में भी कुछ और जानकारी नहीं है। मंत्रियों के साथ बैठक में मुख्यमंत्री के साथ संगठन महामंत्री पवन साय भी मौजूद रहेंगे। बैठक को पवन साय ही कोअर्डिनेट कर रहे हैं। मंत्रियों को बताया गया है कि पवन साय मंत्रियों की बैठक लेंगे।
हालांकि, एनपीजी के सूत्रों ने इसे सामान्य बैठक बताया है। बीजेपी के एक शीर्ष नेता ने कहा कि बीजेपी में इस तरह की बैठकें होती रहती हैं। चूकि मंत्रिमंडल में सर्जरी होने की चर्चाएं काफी पहले से चल रही है, इसलिए सीएम हाउस में मंत्रियों को बुलाने की खबर को मंत्रिमंडल में फेरबदल से जोड़ा जा रहा है।
मंत्रियों को फटकार
सूत्रों का कहना है, कई मंत्रियों का परफार्मेंस बहुत खराब चल रहा है तो कई विभागों में करप्शन के मामले बढ़ते जा रहे र्हैं। फिर असम और पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद मंेत्रियों की कोई बैठक नहीं हुई है। संगठन मंत्री पवन साय पुअर रिपोर्ट कार्ड और करप्शन पर मंत्रियों की क्लास लेंगे। मुख्यमंत्री और संगठन मंत्री द्वारा रिजल्ट न देने वाले मंत्रियों की खिंचाई की जाएगी।
13 में से पांच पर तलवार
जाहिर है, विष्णुदेव कैबिनेट के 13 मे से पांच मंत्रियों पर तलवार लटकी हुई है। इन पांचों मंत्रियों का परफार्मेंस जीरो है। न इनका विभाग में पकड़ है और न खुद सक्रिय हैं। पार्टी के बचाव जैसे विषयों पर भी ये खुलकर नहीं बोलते। विधानसभा के सत्रों में भी इनका प्रदर्शन बहुत खराब है।

