Bilaspur High Court: काम के बाद भी नहीं हुआ भुगतान, ब्याज सहित 58.35 लाख के लंबित भुगतान के लिए ठेकेदार ने हाई कोर्ट में दायर की याचिका, कोर्ट ने कलेक्टर को जारी किया नोटिस…

Bilaspur High Court: काम के बाद भी नहीं हुआ भुगतान, ब्याज सहित 58.35 लाख के लंबित भुगतान के लिए ठेकेदार ने हाई कोर्ट में दायर की याचिका, कोर्ट ने कलेक्टर को जारी किया नोटिस…

बिलासपुर। ग्राम पंचायत क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों का 58.35 लाख रुपये से अधिक का भुगतान नहीं मिलने से परेशान ठेकेदार को छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट से राहत मिली है। कोर्ट ने छत्तीसगढ़ बिलासपुर जिले के कलेक्टर को याचिकाकर्ता के लंबित आवेदन पर नियमानुसार सुनवाई करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने भुगतान के दावे की वैधता पर कोई टिप्पणी करने से इंकार करते हुए मामले को प्रशासनिक स्तर पर तय करने का निर्देश दिया है।

पढ़िए क्या है मामला?

याचिकाकर्ता चंद्र प्रकाश सोनवानी ने छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट में याचिका दायर कर बताया है, ग्राम पंचायत क्षेत्र में विभिन्न निर्माण कार्यों को पूरा किया है, जिनका 58,35,629 रुपये का भुगतान अभी तक लंबित है। याचिकाकर्ता ने भुगतान के साथ ही विलंब अवधि का ब्याज और क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग की याचिकाकर्ता ने बताया, लंबित भुगतान की मांग करते हुए जनपद पंचायत मस्तूरी के सीईओ के समक्ष आवेदन पेश किया था। सीईओ ने आवश्यक कार्रवाई के लिए कलेक्टर बिलासपुर कार्यालय को प्रेषित कर दिया है। अब तक भुगतान के संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

याचिका की सुनवाई जस्टिस एके प्रसाद के सिंगल बेंच में हुई। याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता रमेश कुमार नायक ने कोर्ट को बताया कि कार्य पूर्ण होने के बावजूद भुगतान लंबित है। राज्य शासन की ओर से पैरवी करते हुए पैनल लॉयर ने याचिकाकर्ता की प्रार्थना पर कोई आपत्ति नहीं जताई। उन्होंने कहा कि यदि अदालत उचित समझे तो संबंधित प्राधिकारी को आवेदन पर निर्णय लेने का निर्देश दिया जा सकता है।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है, फिलहाल विवाद का मूल प्रश्न संबंधित प्रशासनिक प्राधिकारी के समक्ष विचाराधीन आवेदन से जुड़ा है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता के भुगतान संबंधी लंबित आवेदन पर नियमानुसार निर्णय लेने का निर्देश दिया है।

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