Raipur News: शैतान का डर दिखाकर छाती पर चढ़कर करती थी इलाज, युवती की मौत, धर्म स्वातंत्र्य कानून पर कोर्ट का बड़ा फैसला, आजीवन करावास…

Raipur News: शैतान का डर दिखाकर छाती पर चढ़कर करती थी इलाज, युवती की मौत, धर्म स्वातंत्र्य कानून पर कोर्ट का बड़ा फैसला, आजीवन करावास…

Raipur News: रायपुर। छत्तीसगढ़ में चमत्कारी तेल, गर्म पानी और छाती पर चढ़कर उपचार करने वाली महिला को रायपुर जिला कोर्ट ने कड़ी सजा सुनाई है। कोर्ट ने महिला को आजीवन कारावास से दंडित किया है। आरोपी महिला शैतान का डर दिखाकर छाती पर चढ़कर उपचार करती थी। महिला के उपचार से रायपुर निवासी युवती की मौत हो गई थी, जिसके बाद युवती के परिजनों ने महिला के खिलाफ गरियाबंद के राजिम थाने में अपराध दर्ज कराया था।

मृतक युवती योगिता सोनवानी की मां ने रिपोर्ट में बताया था कि गरियाबंद के सुरसाबांधा गांव की महिला ईश्वरी साहू इलाज के नाम पर उनकी बेटी को तीन माह तक बंधक बनाकर रखी थी और उससे जबरन बाइबिल पढ़वाकर प्रार्थना करवाती थी। उपचार के दौरान बेटी की मौत हो गई। कोर्ट मने मामले में 

जानिए पूरा मामला

दरअसल, राजिम थाना खेत्र के ग्राम सुरसाबांधा में एक महिला चमत्कारी तेल, गर्म पानी से इलाज कर शैतान भगाने का दावा करती थी। महिला लोगों को धर्मांतरण के लिए भी प्रेरित करती थी। इसी बीच उपचार कराने पहुंची युवती योगिता सोनवानी की संदिग्ध हालत में मौत हो गई।

मृतिका योगिता सोनवानी की मां सुनीता सोनवानी ने राजिम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उसने बताया था कि वो रायपुर में रहती है और उसकी बेटी योगिता मानसिक रूप से बीमार थी, जिसका उपचार कराने के लिए 1 जनवरी 2025 से 22 मई 2025 तक ग्राम सुरसाबांधा निवासी ईश्वरी साहू के पास चल रहा था। ईश्वरी दावा करती थी कि चमत्कारी तेल और गरम पानी से वो लोगों के स्वास्थ्य को ठीक कर देती है।

ईश्वरी साहू ने उन्हें बताया था कि योगिता के शरीर में शैतान है। उसके इलाज के नाम पर वो छाती पर चढ़कर शैतान भगाने का नाटक करती थी और गर्म तेल लगाती थी। इतना ही नहीं मरीज द्वारा विरोध करने पर वो मारती थी। मां सुनीता का आरोप है कि ईश्वरी साहू ने उन्हें शैतान का भय दिखाकर किसी से संपर्क न करने, बाहर न निकलने की हिदायत दी थी। योगिता की हालत लगातार बिगड़ती गई और उसकी मौत हो गई।

मामले में रायपुर कोर्ट ने सुनवाई के बाद आरोपी को दोषी करार देते हुए हत्या के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही धर्म स्वतंत्रता अधिनियम के तहत 1 वर्ष की सजा और टोनही प्रताड़ना के मामले में 1 वर्ष की सजा सुनाई गई।

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