IAS Mukund Thakur Biography: 22 की उम्र, पहला प्रयास और UPSC में 54वीं रैंक! पढ़िए किसान के बेटे IAS मुकुंद ठाकुर की जीवनी

IAS Mukund Thakur Biography: 22 की उम्र, पहला प्रयास और UPSC में 54वीं रैंक! पढ़िए किसान के बेटे IAS मुकुंद ठाकुर की जीवनी

IAS Mukund Thakur Biography: देश की सबसे कठिन परीक्षा UPSC क्रैक करने का सपना लाखों युवा देखते हैं, लेकिन सफलता की कहानी वही लिखते हैं जो सीमित संसाधनों के बीच भी हार नहीं मानते। ऐसे ही एक युवा और होनहार अफसर हैं 2020 बैच के आईएएस अधिकारी मुकुंद ठाकुर (IAS Mukund Thakur)। बिहार के मधुबनी जिले के एक छोटे से गांव से निकलकर, एक साधारण किसान के बेटे ने महज 22 साल की उम्र में अपने पहले ही प्रयास में यह मुकाम हासिल किया। आज मुकुंद छत्तीसगढ़ के सुकमा जैसे संवेदनशील और आदिवासी बहुल जिले में मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO Zila Panchayat) के रूप में विकास की कमान संभाल रहे हैं। आइए जानते हैं उनके इस प्रेरणादायक सफर के बारे में।

IAS मुकुंद ठाकुर का प्रोफाइल

  • पूरा नाम: मुकुंद कुमार ठाकुर
  • जन्म तिथि: 18 नवंबर 1997
  • गृह राज्य/जिला: बरूआर गांव, मधुबनी (बिहार)
  • UPSC बैच: 2020
  • UPSC सिविल सेवा रैंक (2019): ऑल इंडिया रैंक (AIR) 54
  • उम्र (UPSC क्रैक करते समय): 22 वर्ष (पहले प्रयास में)
  • शिक्षा: बीए इंग्लिश ऑनर्स (हंसराज कॉलेज, दिल्ली यूनिवर्सिटी)
  • वर्तमान कैडर: छत्तीसगढ़ (पूर्व में केरल कैडर)
  • वर्तमान पद (Current Posting): जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO ZP), सुकमा।(छत्तीसगढ़ सरकार)
  • पत्नी का नाम: नम्रता चौबे (IAS, 2022 बैच – छत्तीसगढ़ कैडर)
  • पिता का नाम: मनोज ठाकुर (किसान)

बिहार के गांव से निकलकर ऐसे तय किया दिल्ली तक का सफर

आईएएस मुकुंद ठाकुर का जन्म 18 नवंबर 1997 को बिहार के मधुबनी जिले के बरूआर गांव में हुआ था। उनके पिता मनोज ठाकुर एक साधारण किसान हैं जो परिवार चलाने के लिए खेती के साथ एक मिल्क पार्लर भी चलाते थे। ग्रामीण बैकग्राउंड और सीमित पारिवारिक आय के बावजूद उनके पिता ने मुकुंद की पढ़ाई-लिखाई में कभी कोई कमी नहीं आने दी।

मुकुंद ने अपनी शुरुआती शिक्षा राजनगर के एक आवासीय स्कूल से ली और फिर सैनिक स्कूल गोलपारा (असम) की प्रवेश परीक्षा पास कर वहां से 12वीं पूरी की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली का रुख किया और दिल्ली यूनिवर्सिटी के हंसराज कॉलेज से इंग्लिश ऑनर्स में ग्रेजुएशन की डिग्री पूरी की। उन्होंने पब्लिक मैनेजमेंट में मास्टर डिग्री भी हासिल की है।

बिना किसी महंगी कोचिंग के पहले ही प्रयास में हासिल की AIR 54

आजकल जहां देश के लाखों युवा यूपीएससी पास करने के लिए सालों-साल दिल्ली की महंगी और बड़ी कोचिंग संस्थाओं के चक्कर काटते हैं वहीं मुकुंद ने एक बिल्कुल अलग रास्ता चुना। उन्होंने बड़ी कोचिंग पर भारी-भरकम पैसे खर्च करने के बजाय सेल्फ स्टडी और ऑनलाइन डिजिटल रिसोर्सेज की मदद से अपनी खुद की एक मजबूत रणनीति तैयार की।

साल 2019 की सिविल सेवा परीक्षा उनका पहला प्रयास था। उन्होंने राजनीति विज्ञान (Political Science) को अपना वैकल्पिक विषय चुना था। मुकुंद ने अपनी निरंतर मेहनत के दम पर पहले ही अटेंप्ट में पूरे देश में 54वीं रैंक हासिल कर सबको चौंका दिया। जिस उम्र में ज्यादातर युवा अपने करियर का सिर्फ रास्ता खोज रहे होते हैं उस उम्र में मुकुंद एक आईएएस अधिकारी बन चुके थे।

केरल से छत्तीसगढ़ क्यों और कैसे ट्रांसफर हुआ मुकुंद ठाकुर का कैडर?

सफलता के बाद मुकुंद ठाकुर को शुरुआत में केरल कैडर आवंटित किया गया था जहां उन्होंने कोल्लम में सब कलेक्टर के तौर पर बेहतरीन प्रशासनिक काम किया। हालांकि बाद में उनका कैडर बदलकर छत्तीसगढ़ कर दिया गया। दरअसल डीओपीटी (DoPT) के नियमों के मुताबिक यदि दो ऑल इंडिया सर्विस के अधिकारी आपस में शादी करते हैं तो वे इंटर-कैडर ट्रांसफर के तहत एक राज्य में पोस्टिंग ले सकते हैं।

मुकुंद ठाकुर ने साल 2022 बैच की आईएएस अधिकारी नम्रता चौबे से शादी की है जिसके बाद मैरिज ग्राउंड पर उन्हें छत्तीसगढ़ कैडर में ट्रांसफर मिल गया। वर्तमान में आईएएस मुकुंद ठाकुर छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO ZP) के पद पर तैनात हैं।

सुकमा में नई और बड़ी जिम्मेदारी: CEO जिला पंचायत

वर्तमान में आईएएस मुकुंद ठाकुर छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO ZP) के पद पर तैनात हैं। बस्तर संभाग का सुकमा जिला अपनी भौगोलिक और नक्सल चुनौतियों के लिए जाना जाता है। ऐसे संवेदनशील और आदिवासी बहुल इलाके में ग्रामीण विकास, पंचायत राज की योजनाओं को जमीन पर उतारना और रोजगार के अवसर पैदा करना एक बेहद चुनौतीपूर्ण काम है, जिसे यह युवा अफसर बाखूबी निभा रहा है।

पब्लिक यूटिलिटी और संपर्क

सुकमा जिले के ग्रामीण विकास और पंचायत से जुड़ी योजनाओं की जानकारी या विभागीय काम के लिए आम नागरिक सीधे जिला पंचायत कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं:

  • पद: CEO, जिला पंचायत (सुकमा)
  • ईमेल आईडी: zp-sukma.cg@gov.in
  • कार्यालय का फोन नंबर: 7050892210

मुकुंद ठाकुर की यह कहानी साबित करती है कि अगर इरादे मजबूत हों और सही दिशा में मेहनत की जाए तो संसाधनों की कमी कभी आपके सपनों के आड़े नहीं आ सकती। एक छोटे से गांव से निकलकर मंत्रालयों के गलियारों तक पहुंचने का उनका यह सफर हर उस युवा को प्रेरित करता है जो अभावों में रहकर बड़े सपने देखता है।

FAQ:

Q1: आईएएस मुकुंद ठाकुर की यूपीएससी रैंक और बैच क्या है?

A1: मुकुंद ठाकुर ने साल 2019 की यूपीएससी परीक्षा में 54वीं रैंक (AIR 54) हासिल की थी और वे 2020 बैच के आईएएस अधिकारी हैं।

Q2: मुकुंद ठाकुर का होम स्टेट और पैतृक गांव कौन सा है?

A2: वे मूल रूप से बिहार के मधुबनी जिले की भटचौरा पंचायत के बरूआर गांव के रहने वाले हैं।

Q3: आईएएस मुकुंद ठाकुर का कैडर केरल से छत्तीसगढ़ क्यों बदला गया?

A3: उन्होंने 2022 बैच की आईएएस अधिकारी नम्रता चौबे से शादी की है, जिसके बाद इंटर-कैडर ट्रांसफर नियमों के तहत उनका तबादला छत्तीसगढ़ हुआ।

Q4: वर्तमान में मुकुंद ठाकुर छत्तीसगढ़ में किस पद पर कार्यरत हैं?

A4: वर्तमान में आईएएस मुकुंद ठाकुर छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO ZP) के पद पर तैनात हैं।

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