CG News: सुशासन की ऐसी चमकदार तस्वीर, मन को करता है उत्साहित, नशामुक्ति का संकल्प और गांव में तिहार जैसा माहौल

रायपुर।16 मई 2026| सरकार की योजनाएं दफ्तर से निकलकर जरुरतमंदों के बीच पहुंचे, योजनाओं का लाभ उठाकर लोगों की तकदीर बदले, जीवन स्तर में बड़ा बदलाव आए तो फिर कहने ही क्या। कुछ इसी अंदाज में सुशासन तिहार के मौजूदा दौर में छत्तीसगढ़ कें ग्रामीण इलाकों की तस्वीर सामने आने लगी है। गांव की महिलाएं और बच्चों के लिए असली मायने में सुशासन तिहार का मायने भी सामने आ रहा है। छत्तीसगढ़ में एक ऐसा भी गांव है जहां नशामुक्ति के लिए पुरुषों ने संकल्प लिया है। असली मायने में इस गांव के लिए इससे बड़ा तिहार और कोई हो ही नहीं सकता। यह सब सुशासन तिहार के मौजूदा दौर में ही संभव हो पाया है।
सुशासन तिहार के मौजूदा दौर में जब ग्रामीण इलाकों से इस तरह की तस्वीर सामने आती है तब यह तो कहना ही पड़ेगा, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेशभर में आयोजित हो रहा सुशासन तिहार आम नागरिकों के जीवन में खुशहाली का नया सवेरा लेकर आ रहा है। ऐसा भी कह सकते हैं, एक ऐसा नया सबेरा जिसमें सब-कुछ अच्छा ही होगा। गांव की बदल रही तस्वीर इस बात का गवाह है, राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं अब फाइलों से निकलकर सीधे जरूरतमंदों के दरवाजे तक पहुंच रही हैं। कुछ ऐसी ही चमकदार तस्वीर, सुशासन तिहार के दौरान सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ब्लॉक सारंगढ़ के ग्राम पंचायत फरसवानी में आयोजित सुशासन तिहार के मौके पर आयाेजित जनसमस्या निवारण में नजर आया। जब नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत एक हजार से ज्यादा ग्रामीणों ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मौजूदगी में नशामुक्ति के लिए शपथ ली। ग्रामीणों ने नशे से दूर रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया।
एक योजना जिसने बदली भारती के जीवन की दिशा
छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के ग्राम दमदम से कुछ इसी तरह की चमकदार तस्वीर सामने आई है। भारती और उनका परिवार वर्षों से एक जर्जर कच्चे मकान में रहने को मजबूर था। हर मानसून उनके लिए आफत बनकर आता था, छत से टपकता पानी और आंधी-तूफान के डर के बीच पूरा परिवार रातें जागकर काटता था। आर्थिक तंगी के कारण पक्का घर बनाना भारती के लिए एक अधूरा सपना था, जिसे प्रदेश सरकार की संवेदनशीलता ने हकीकत में बदल दिया है। सुशासन तिहार के मौके पर ग्राम देवरीकला में आयोजित समाधान शिविर, भारती के जीवन के लिए एक ऐसा अवसर लेकर आया, जहां उनका सपना साकार होने को था। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नवनिर्मित पक्के मकान की चाबी और प्रमाण पत्र मिला। चाबी हाथ में लेते ही भारती की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े।
महतारी वंदन योजना से मिला आर्थिक संबल
छत ही नहीं, बल्कि भारती को महतारी वंदन योजना की 27वीं किश्त भी मिली। हर महीने मिल रही आर्थिक सहायता ने उन्हें आत्मनिर्भर बनाया है। भारती बताती हैं, इन पैसों से वे घर की छोटी-मोटी जरूरतों को आसानी से पूरा कर पा रही हैं, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है।

