CG News: महानदी बौराई: बस्तर से सरगुजा तक जनजीवन अस्त-व्यस्त, नदी नाले में बाढ़, कई जिलों में स्कूलों में छुट्टी, CM ने कलेक्टर्स को किया अलर्ट

CG News: रायपुर। गुरुवार देर रात और शुक्रवार को पूरे दिन हुई भारी बारिश के कारण महानदी का जल स्तर काफी तेजी के साथ बढ़ रहा है। महानदी के अलावा सहायक नदियों में शिवनाथ,खारुन का जल स्तर भी काफी तेज के साथ बढ़ रहा है। सरगुजा जिले में भी कमोबेश यही हाल है। महानदी के जल स्तर बढ़ने और नदी नाले में बाढ़ की स्थिति के बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशभर के कलेक्टर्स को अलर्ट मोड पर रहने और स्थिति पर निगरानी रखने का निर्देश दिया है।
प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने सभी जिला कलेक्टरों को बारिश और संभावित बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा, “हमने प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट रखा है। सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि भारी बारिश के कारण कहीं भी किसी प्रकार की आवश्यकता उत्पन्न होती है तो तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं। आम जनता को किसी तरह की परेशानी न हो, यह सुनिश्चित किया जाए।”
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से भी भारी बारिश के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नागरिक अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता दें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। मुख्यमंत्री ने लोगों से नदी-नालों, जलप्रपातों और उफनते जलस्रोतों के पास नहीं जाने की अपील की है, क्योंकि पानी का बहाव अचानक बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि जलमग्न पुल-पुलियों एवं सड़कों को किसी भी स्थिति में पार करने का प्रयास न करें और जिन स्थानों पर सुरक्षा की दृष्टि से बैरियर लगाए गए हैं, वहां प्रशासन के निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारी बारिश के दौरान बिना आवश्यकता यात्रा करने से बचें, विशेषकर रात के समय अतिरिक्त सावधानी रखें। गिरे हुए बिजली के तारों अथवा विद्युत संबंधी किसी खतरे से दूर रहें और इसकी सूचना तत्काल संबंधित विभाग, स्थानीय प्रशासन अथवा पुलिस को दें। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने तथा उन्हें अकेले बाहर नहीं जाने देने की अपील की। पहाड़ी क्षेत्रों एवं भूस्खलन की आशंका वाले स्थानों पर भी विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में नागरिक डायल 112 अथवा स्थानीय प्रशासन से तत्काल संपर्क करें। मौसम और राहत संबंधी जानकारी के लिए केवल शासन-प्रशासन एवं अन्य अधिकृत स्रोतों से जारी सूचनाओं पर ही विश्वास करें और अफवाहों अथवा भ्रामक संदेशों को आगे न बढ़ाएं।
लगातार बारिश और गंगरेल-सिकासार बांधों से छोड़ा गया पानी
समूचे राजिम क्षेत्र में पिछले 72 घंटे से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगातार बारिश के चलते खेत-खलिहान, निचले इलाके और नदी-नालों में पानी भर गया है। चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है।
कुलेश्वर महादेव मंदिर के चबूतरे तक चढ़ा पानी
इसी बीच जलाशयों से छोड़े जा रहे पानी ने महानदी के जलस्तर को और बढ़ा दिया है। राजिम में महानदी की धार इस समय उफनती हुई दिखाई दे रही है और संगम क्षेत्र में पानी का फैलाव दूर तक नजर आ रहा है। महानदी की धार देर शाम को कुलेश्वर मंदिर के चबूतरे तक चढ़ गया है।
गंगरेल और सिकासार बांध से छोड़ा गया पानी
गंगरेल जलाशय से लगभग 3 लाख क्यूसेक पानी महानदी में छोड़ा गया है। सिकासार जलाशय से करीब 20 हजार क्यूसेक पानी पैरी नदी में छोड़ा गया है। सोंढूर क्षेत्र से भी 42 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने की जानकारी है। विभिन्न जलस्रोतों से निकल रहा यह पानी राजिम पहुंचकर महानदी में समाहित हो रहा है। इससे राजिम में पानी की आवक बेहद तेज बनी हुई है और नदी का प्रवाह लगातार बढ़ता नजर आ रहा है।
आधे से ज्यादा मंदिर डूबा
महानदी के ऊफान का सबसे स्पष्ट असर त्रिवेणी संगम क्षेत्र में दिखाई दे रहा है। भगवान कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर चारों तरफ से पानी से घिर गया है। मंदिर के आसपास का बड़ा हिस्सा जलमग्न हो चुका है और मंदिर का आधे से अधिक हिस्सा पानी में डूबा नजर आ रहा है। सामान्य दिनों में जहां श्रद्धालुओं की आवाजाही और धार्मिक गतिविधियां दिखाई देती हैं, वहीं इस समय वहां चारों ओर पानी की विशाल धार दिखाई दे रही है। संगम क्षेत्र का नजारा समुद्र की तरह दिखाई देने लगा है।
नदी-घाट किनारे जाने से बचें लोग
बारिश और नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच सबसे जरूरी सावधानी यही है कि लोग नदी, घाट और जलमग्न क्षेत्रों के नजदीक जाने से बचें। खासकर संगम क्षेत्र में तेज बहाव को देखते हुए अनावश्यक रूप से नदी किनारे पहुंचना खतरे से खाली नहीं है। फिलहाल राजिम में महानदी की उफनती धार और पानी से घिरा कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर पूरे क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश और बढ़े जलस्तर की गंभीर तस्वीर पेश कर रहा है।
शिवनाथ भी उफान पर
महानदी के जल स्तर में बढ़ोतरी का असर सीधेतौर पर शिवनाथ नदी में देखा जा रहा है। भारी बारिश के साथ महानदी का जल स्तर बढ़ने शिवनाथ के जल स्तर तेजी के साथ बढ़ रहा है। गंगरेल बांध से पानी छोड़े जाने का असर भी शिवनाथ और महानदी में दिखाई दे रहा है।

