CG Monsoon Rain: मानसून की पहली बारिश में डूबी रायपुर… कई कॉलोनियां, बस्ती, सड़क बनी तालाब, घरों में घुसा पानी…देखें वीडियो

CG Monsoon Rain: रायपुर। मानसून की पहली बारिश ने नगर निगम की व्यवस्थाओं की पोल खोल के रख दी। नगर निगम के तमाम दावों के बीच पहली बारिश में ही शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। रायपुर के अवंति विहार, घड़ी चौक, शास्त्री बाजार, कालीबाड़ी, तेलीबांधा, प्रोफेसर काॅलोनी, रिंग रोड, नया बस स्टैंड समेत निचली बस्तियों में जल भराव की समस्याओं से लोग परेशान है।
सड़कों में पानी भरने से दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को सावधानी के साथ आवागमन करना पड़ रहा है। पैदल चलने वालों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। पहली ही बारिश में जल निकासी व्यवस्था की कमियां साफ नजर आ रही है।
पानी निकासी की व्यवस्था नहीं होने के चलते शहर के कई प्रमुख रास्ते, व्यस्त बाजार, और रिहायशी मोहल्लों की गलियां पानी से लबालब भर गई। मानसून की पहली बारिश ने नगर निगम के बड़े-बड़े दावों की सच्चाई सामने रख दी हैं।
मौसम विभाग ने आज के लिए जारी किया ऑरेंज अलर्ट
छत्तीसगढ़ मौसम विभाग ने आज नारायणपुर, कांकेर, धमतरी, गरियाबंद जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान झमाझम बारिश होगी।
इन जिलों में हैवी रैन का अलर्ट
मौसम विभाग ने राजनांदगांव, बालोद, दुर्ग, रायपुर, कबीरधाम, बेमेतरा, महासमुंद, बलौदाबाजार, बिलासपुर, मुंगेली, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कोरबा, सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, रायगढ़ के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान भारी बारिश होगी।
जानिए मौसम विभाग ने क्या कहा
अगले 2 दिनों में मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई जगहों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा-पश्चिम बंगाल तटों पर बने सुस्पष्ट कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से अगले 3 दिनों तक पूरे प्रदेश में विस्तृत वर्षा की गतिविधि जारी रहने की संभावना है।
उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा-पश्चिम बंगाल तटों पर सुस्पष्ट निम्न दाब का क्षेत्र बना हुआ है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 9.4 किमी की ऊंचाई तक फैला है और ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुक रहा है। इसके अगले 3 दिनों के दौरान उत्तर ओडिशा और उत्तर छत्तीसगढ़ से होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने की बहुत संभावना है।
समुद्र तल पर मौसमी द्रोणिका अब दक्षिण-पश्चिम राजस्थान से मध्य प्रदेश, उत्तर छत्तीसगढ़ और उत्तर ओडिशा होते हुए उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा-पश्चिम बंगाल तटों पर सुस्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र के केंद्र तक जा रही है तथा समुद्र तल से 1.5 किमी की ऊंचाई तक फैली हुई है।

