CG इनसाइड स्टोरी: छत्तीसगढ़ भाजपा का 'साइलेंट स्ट्राइक', सात दिग्गजों को कमान सौंपकर चौंकाया!

छत्तीसगढ़ भाजपा का ‘साइलेंट स्ट्राइक’
CG Inside Story: रायपुर। सत्ता में आने के बावजूद आराम फरमाने के बजाय, भाजपा ने इस नई सांगठनिक सर्जरी के जरिए विपक्ष की हर संभावित घेराबंदी को ध्वस्त करने और 2028 के चुनावी समीकरणों को अभी से अपने पक्ष में मोड़ने का अचूक मास्टरप्लांट तैयार कर लिया है।
पिछड़ा वर्ग का बड़ा कार्ड: बिलासपुर से लखनलाल साहू को कमान
छत्तीसगढ़ की राजनीति में ओबीसी (पिछड़ा वर्ग) वोट बैंक सबसे निर्णायक माना जाता है, जिसकी आबादी लगभग 45 से 50 प्रतिशत के बीच है। बिलासपुर क्षेत्र के कद्दावर पूर्व सांसद लखनलाल साहू को पिछड़ा वर्ग मोर्चा की जिम्मेदारी सौंपकर भाजपा ने अपने सबसे बड़े वोट बैंक को सहेजने का दांव खेला है। लखनलाल साहू की साहू समाज और संपूर्ण ओबीसी वर्ग में मजबूत पकड़ है, जिससे भाजपा न केवल बिलासपुर और आसपास के इलाकों में अपनी जड़ें मजबूत रखेगी, बल्कि विपक्ष के जातिगत जनगणना वाले नैरेटिव की हवा भी निकालेगी।
कृषि प्रधान प्रदेश का दारोमदार: धमतरी-रायपुर बेल्ट से पूनम चंद्राकर
छत्तीसगढ़ की सत्ता का रास्ता गाँवों और खेतों से होकर गुजरता है। धमतरी-रायपुर क्षेत्र के कुशल रणनीतिकार पूनम चंद्राकर को किसान मोर्चा का प्रभारी बनाया गया है। पूर्व मंत्री पूनम चंद्राकर की ग्रामीण क्षेत्रों में गहरी पैठ है। साय सरकार की धान खरीदी, प्रति एकड़ 3100 रुपये मूल्य और कृषक उन्नति योजना जैसे फैसलों को सीधे किसानों के घर तक पहुँचाने का जिम्मा इनके कंधों पर होगा। यह नियुक्ति कांग्रेस के किसान केंद्रित अभियानों को बेअसर करने के लिए काफी अहम मानी जा रही है।
युवाओं को साधने का आक्रामक प्लान: दुर्ग-भिलाई से वैभव बैस
राज्य की 60 प्रतिशत से अधिक आबादी युवाओं की है। दुर्ग संभाग के ऊर्जावान नेता वैभव बैस को भारतीय जनता युवा मोर्चा की कमान सौंपकर पार्टी ने साफ कर दिया है कि वह सड़कों पर आक्रामकता और सोशल मीडिया पर अपनी पकड़ ढीली नहीं होने देगी। वैभव बैस लंबे समय से संगठन में सक्रिय हैं और युवाओं, कॉलेज छात्रों व रोजगार के मुद्दों पर उनकी पकड़ काफी मजबूत मानी जाती है।
महतारी वंदन का सुरक्षा चक्र: रायपुर के वरिष्ठ नेता सुभाष तिवारी
भाजपा की सत्ता वापसी में ‘महतारी वंदन योजना’ सबसे बड़ा गेमचेंजर साबित हुई थी। रायपुर से आने वाले वरिष्ठ और अनुभवी नेता सुभाष तिवारी को महिला मोर्चा का प्रभारी बनाकर भाजपा ने अपने इस सबसे मजबूत वोट बैंक को सहेजने की जिम्मेदारी दी है। सुभाष तिवारी का विस्तृत सांगठनिक अनुभव महिलाओं से जुड़े अभियानों को गति देने और इस वर्ग के साथ सीधा संवाद कायम रखने में मदद करेगा।
आदिवासी समीकरण: जगदलपुर से शिरिष अग्रवाल
छत्तीसगढ़ में 31 प्रतिशत आबादी अनुसूचित जनजाति (अजजा) वर्ग की है। जगदलपुर (बस्तर) से आने वाले शिरिष अग्रवाल को अनुसूचित जनजाति मोर्चा का प्रभारी बनाया गया है। प्रदेशाध्यक्ष किरण सिंह देव (बस्तर) और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (सरगुजा) के बाद बस्तर के ही शिरिष अग्रवाल को यह जिम्मा सौंपकर भाजपा ने आदिवासी बहुल संभागों में अपनी मजबूत बढ़त को स्थायी बनाने का काम किया है।
मैदानी बेल्ट और दलित राजनीति: धमतरी से डॉ. गुलाब टिकरिहा
छत्तीसगढ़ की 10 अनुसूचित जाति (अजा) आरक्षित सीटों पर हमेशा कांटे की टक्कर देखने को मिलती है। मैदानी क्षेत्र और धमतरी-रायपुर प्रभाव वाले डॉ. गुलाब टिकरिहा को अनुसूचित जाति मोर्चा की कमान दी गई है। सतनामी समाज और एससी वर्ग के भीतर भाजपा का प्रभाव बढ़ाने तथा पार्टी की नीतियों को जमीनी स्तर पर उतारने में डॉ. टिकरिहा की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होगी।
अल्पसंख्यक संवाद का जिम्मा: रायपुर से मनोज जैन
शहरी व्यापारिक नेटवर्क और सांगठनिक अनुभव रखने वाले रायपुर के नेता मनोज जैन को अल्पसंख्यक मोर्चा का प्रभारी नियुक्त किया गया है। मनोज जैन का मुख्य काम अल्पसंख्यक समुदायों के बीच ‘सबका साथ, सबका विकास’ का भरोसा कायम करना और पार्टी व समुदाय के बीच संवादहीनता को खत्म करना होगा।
इन नियुक्तियों के पीछे की अंदरूनी सियासत
भाजपा के इस कदम के पीछे गहरी राजनीतिक सोच छिपी है। सबसे पहले, पार्टी ने इसमें क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन का पूरा ख्याल रखा है। बस्तर और सरगुजा से शीर्ष नेतृत्व होने के बाद, मोर्चों की कमान में बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग और धमतरी के नेताओं को तवज्जो देकर हर संभाग को साधा गया है। दूसरा बड़ा पहलू यह है कि इसमें अनुभव और युवा ऊर्जा का बेहतरीन तालमेल दिखता है। इस नई संरचना का सीधा संदेश यही है कि भाजपा द्वारा 2028 के भावी चुनाव का ढांचा तैयार किया जा रहा है।

