महादेव ऐप मामले में एक और बड़ी कार्रवाई, सौरभ चंद्राकर का पार्टनर रवि उप्पल भी गिरफ्तार, भारत लाने की तैयारी

रायपुर। महादेव सट्टा ऐप के सह संस्थापक रवि उप्पल को दुबई में गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा हैं कि जाँच एजेंसी रवि उप्पल को भी भारत लाने की तैयारी में है। रवि उप्पल महादेव ऐप सिंडिकेट में सौरभ चंद्राकर का खास सहयोगी है।
बता दें कि महादेव ऑनलाइन बैटिंग ऐप मामले में जांच एजेंसियों ने मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को गिरफ्तार कर भारत लाया था। अब उसके सहायोगी रवि उप्पल को संयुक्त अरब अमीरात से पकड़ा गया है। आरोप है कि रवि और सौरभ ने ही महादेव ऐप के जरिए कथित अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और वित्तीय लेनदेन का पूरा नेटवर्क खड़ा किया था। इस मामले में भारतीय जाँच एजेंसी दोनों आरोपियों की लंबे समय से तलाश कर रही थी।
भिलाई का ‘जूस वाला’ और सट्टेबाजी की राह पर पहला कदम
छत्तीसगढ़ के भिलाई में रहने वाले सौरभ चंद्राकर का पारिवारिक पृष्ठभूमि बहुत साधारण है; उसके पिता नगर निगम में पंप ऑपरेटर के पद पर कार्यरत थे। शुरुआत में सौरभ एक कपड़े की दुकान में महज 12 हजार रुपये की मामूली नौकरी करता था। इसके बाद उसने भिलाई के नेहरू नगर इलाके में ‘जूस फैक्ट्री’ नाम से सड़क किनारे जूस की एक छोटी सी दुकान खोली। इसी दौरान उसकी मुलाकात अपने से उम्र में काफी बड़े रवि उप्पल से हुई, जो सट्टेबाजी के काले कारोबार में पैर जमा रहा था। दोनों ने मिलकर 2018 के आसपास ‘महादेव ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क’ की नींव रखी।
दुबई पलायन और 6000 करोड़ के साम्राज्य का गठन
साल 2019 के आसपास भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की बढ़ती सख्ती को देखते हुए सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल दुबई भाग निकले। खाड़ी देश की धरती पर बैठकर दोनों ने ‘महादेव ऐप’, ‘टाइगर एक्सचेंज’, ‘गोल्ड365’ और ‘लेजर247’ जैसे दर्जनों अवैध बेटिंग डोमेन और ऐप्स तैयार किए। इस पूरे सिंडिकेट को फ्रेंचाइजी मॉडल पर फैलाया गया। देश के अलग- अलग राज्यों में ‘पैनल’ बांटे गए, जहां स्थानीय युवाओं को कमीशन का लालच देकर म्यूल (फर्जी) बैंक खातों के जरिए सट्टे का नेटवर्क चलाया गया। देखते ही देखते इस जूस बेचने वाले ने 6,000 करोड़ रुपये का काला साम्राज्य खड़ा कर दिया, जिसका पैसा हवाला चैनलों के जरिए विदेशों में ट्रांसफर किया जाने लगा।
दुबई की वो 200 करोड़ की रॉयल शादी, जिसने खोली पोल
सौरभ चंद्राकर की तकदीर और बर्बादी का टर्निंग पॉइंट फरवरी 2023 में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में हुई उसकी भव्य शादी बनी। इस शादी में पानी की तरह पैसा बहाया गया, लगभग 200 करोड़ रुपये नकद खर्च किए गए। भारत से अपने रिश्तेदारों और चुनिंदा मेहमानों को लाने के लिए सौरभ ने दर्जनों प्राइवेट जेट (चार्टर्ड प्लेन्स) बुक किए थे। इस शादी समारोह में बॉलीवुड के नामचीन सितारों, गायकों और अभिनेताओं को परफॉर्म करने के लिए बुलाया गया और उन्हें करोड़ों रुपये की फीस हवाला के जरिए दी गई। इसी 200 करोड़ की शादी के बाद ईडी और सीबीआई की नजर सौरभ चंद्राकर और उसके काले धन के स्रोतों पर टिक गई।
बुर्ज खलीफा में फ्लैट्स और सेलिब्रिटी नेटवर्क से रसूख
शादी के बाद सौरभ चंद्राकर की गिनती दुनिया के नामी सट्टेबाजों में होने लगी। उसने दुबई के आलीशान विला से लेकर दुनिया की सबसे ऊंची इमारत ‘बुर्ज खलीफा’ तक में करोड़ों की संपत्तियां (फ्लैट्स) खरीद डालीं। बॉलीवुड स्टार्स के साथ उसकी तस्वीरें और उनके साथ सीधी पहुंच उसकी हनक बयां करती थी। जांच में यह बात भी सामने आई कि उसने अपने सट्टेबाजी नेटवर्क को बेरोकटोक चलाने के लिए नौकरशाहों, पुलिस अफसरों और प्रभावशाली लोगों को करोड़ों रुपये की ‘प्रोटेक्शन मनी’ (संरक्षण राशि) पहुंचाई थी।
ओमान में गिरफ्तारी से रायपुर अदालत की दहलीज तक
दुबई में एजेंसियों का शिकंजा कसने के बाद सौरभ ने ठिकाना बदला, लेकिन भारतीय जांच एजेंसियों (सीबीआई और ईडी) ने इंटरपोल के जरिए उसके खिलाफ ‘रेड कॉर्नर नोटिस’ जारी करवाया। इसी नोटिस के आधार पर रॉयल ओमान पुलिस ने उसे ओमान में हिरासत में लिया। साक्ष्यों के पुख्ता पुलिंदे के आधार पर भारत सरकार ने प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी की और सीबीआई की टीम उसे मस्कट से गिरफ्तार कर सीधे भारत ले आई। अब रायपुर की सीबीआई विशेष अदालत में पेशी के साथ ही उसकी रिमांड ली गई। अब सट्टे के इस बड़े नेक्सस से जुड़े कई सफेदपोशों और सेलिब्रिटीज के राज फाश होने की उम्मीद है।

