अफसरों को बनाया बंधक: VIDEO फुटेज से कर रहे उपद्रवियों की पहचान: गांव में अब भी तनाव की स्थिति, छावनी में तब्दील हुआ गांव

सूरजपुर। 19 अक्टूबर 2026| छत्तीसगढ़ सूरजपुर जिले के कुबेरपुर में ओवरलोड ट्रैक्टर से कुचलकर महिला की मौत के बाद भड़क हिंसा के बीच गांव में अब भी तनाव की स्थिति बनी हुई है। गांव को पुलिस ने छावनी बना दिया है। रविवार को मृतका चंद्रावती जायसवाल का पीएम कराने के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में चंद्रावती का अंतिम संस्कार किया गया।
शनिवार को एक्सीडेंट और मौत के बाद जमकर बवाल मचा। हिंसा भड़क उठी। इसी बीच ग्रामीणों ने एसडीओपी, तहसीलदार और पुलिस टीम से दुर्व्यवहार करते हुए बंधक बना लिया। ग्रामीणों का गुस्सा नहीं शांत हुआ, अफसरों को बंधक बनाने के बाद क्रशर प्लांट को आग के हवाले कर दिया। एक वाहन जलकर पूरी तरह खाक हो गया। भड़की हिंसा के बीच पुलिस ने मोर्चा संभाला और अब कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने इलाके में दबिश देकर 4 से 5 संदिग्ध ग्रामीणों को पूछताछ के लिए उठाया है।
इसलिए बढ़ रही ग्रामीणों की नाराजगी
दरअसल, बस्ती के बीच संचालित क्रशर से उड़ने वाली धूल और भारी वाहनों की अंधाधुंध आवाजाही से ग्रामीणों का गुस्सा पहले से ही फूट रहा था। शनिवार को जब चंद्रावती पूजा का सामान लेकर मोपेड से लौट रही थीं, तो गिट्टी लदे ट्रैक्टर ने उन्हें कुचल दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि हादसे के बाद आरोपी चालक फरार हो गया और क्रशर प्रबंधन ने हादसे वाले वास्तविक ट्रैक्टर को छिपाकर उसकी जगह दूसरा ट्रैक्टर खड़ा करने की कोशिश की। मौत के बाद हुई इसी हेराफेरी को देखकर भीड़ का गुस्सा बेकाबू हो गया और आक्रोशित लोगों ने क्रशर प्लांट को आग के हवाले कर दिया। घटना के बाद आक्रोशित भीड़ ने मकान और ट्रैक्टर को आग के हवाले कर दिया था।
वीडियो फुटेज से उपद्रवियों की कर रहे पहचान
थाना प्रभारी लक्ष्मी गुप्ता का कहना है, घटना की तस्वीरें और वीडियो फुटेज से हिंसा भड़काने वाले ग्रामीणों की पतासाजी की जा रही है।। इसी आधार पर उपद्रवियों की शिनाख्त कर एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया की जा रही है।
निर्दोषों पर कार्रवाई हुई तो करेंगे थाने का घेराव
पुलिस की धरपकड़ के बीच ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है, आगजनी और मारपीट करने वाले असली उपद्रवियों पर कानूनी कार्रवाई हो, लेकिन इसकी आड़ में किसी बेकसूर ग्रामीण को प्रताड़ित किया और एकतरफा कार्रवाई हुई, तो गांव वाले थाने का घेराव कर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। फिलहाल गांव में शांति है, लेकिन पुलिस बल लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

