Mahadev Satta App: दो बड़ी मछली के जाल में फंसने के बाद अब अतुल और विकास पर CBI की टेढ़ी नजर

Mahadev Satta App: दो बड़ी मछली के जाल में फंसने के बाद अब अतुल और विकास पर CBI की टेढ़ी नजर

फाइल फोटो क्रिएट – npg

रायपुर। महादेव सट्टा एप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के पकड़े जाने के बाद केंद्रीय जांच एजेंसी की नजर दो और लोगों पर है। एप के संचालन और अवैध कमाई को सुरक्षित जगहों पर ठिकाने लगाने में इन दोनों की अहम भूमिका बताई जा रही है। जांच एजेंसी की नजरें इन पर टिकी हुई है।

दो बड़ी मछलियों के जाल में फंसने के बाद सीबीआई की नजर अनिल अग्रवाल उर्फ अतुल और विकास छापरिया पर है। दोनों के दुबई में छिपे होने का पुख्ता इनपुट जांच एजेंसी को मिला है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, एप संचालन और अवैध कमाई को ठिकाने लगाने में इन दोनों की अहम भूमिका है। अतुल बेटिंग आईडी और पैनलों के संचालन का काम देखता है। विकास हवाला नेटवर्क से सट्टे की कमाई को वैध बनाता है। बता दें, दोनों के खिलाफ ED के स्पेशल कोर्ट ने गैरजमानती वारंट जारी कर दिया है।

जांच एजेंसियों को आशंका है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए दोनों वानुआतु भाग सकते हैं। इनकी गिरफ्तारी से महादेव एप के आर्थिक नेटवर्क और संचालन से जुड़े कई बड़े खुलासे की संभावना भी देखी जा रही है। बहरहाल इनकी गतिविधियों पर जांच एजेंसियों की नजरें लगी हुई है।

एक ऐसा भी नेटवर्क
जांच एजेंसियों के मुताबिक, विकास छापरिया ने सट्टेबाजी का कारोबार बढ़ाने के लिए रेस्टोरेंट और क्लबों का एक बड़ा नेटवर्क तैयार किया है। आरोप है कि मैच की लाइव स्ट्रीमिंग और कॉकटेल पार्टियों के दौरान लोगों को सट्टा लगाने के लिए उकसाया जाता था। सबसे अधिक रकम जीतने वालों को रेस्टोरेंट की ओर से अलग पुरस्कार दिए जाते थे। राजधानी रायपुर के एक दर्जन से अधिक रेस्टोरेंट के इस नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। हाल के दिनों में पुलिस ने सट्टेबाजी से जुड़े नितिन मोटवानी उर्फ चीकू को गिरफ्तार किया है। वह सिमर्स क्लब का संचालक बताया जा रहा है।

पैनल ऑपरेटरों का दुबई कनेक्शन
छत्तीसगढ़ के दो हजार से ज्यादा पैनल ऑपरेटरों का सीधेतौर पर दुबई कनेक्शन की जानकारी मिली है। दुबई में बैठे प्रमोटर को जांच एजेंसियों की कार्रवाई के संबंध में लगातार अपडेट दे रहे हैं। कई युवक रवि के संपर्क में थे। ये भी चर्चा है कि सौरभ व रवि के पकड़े जाने के बाद अब सट्टेबाजी का नेटवर्क भिलाई के अनिल छापरिया के साथ शुभम सोनी और अन्य लोग संभाल रहे हैं।अनिल रायगढ़ और जांजगीर-चांपा के कई सटोरियों के संपर्क में है। इनके माध्यम से एजेंसियों की कार्रवाई की जानकारी जुटाई जा रही है। रायपुर के क्लब संचालकों के अलावा दुर्ग-भिलाई के कई कारोबारी और नेता भी उनके संपर्क में हैं।

बता दें, महादेव सट्टा मामले में प्रदेश में 80 से ज्यादा एफआईआर दर्ज हैं। सीबीआई ने इनमें से 12 मामलों में जांच कर चार्जशीट पेश की है।

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