CG Weather Today: छत्तीसगढ़ में कमजोर पड़ा मानसून, 29 सितंबर से शुष्क मौसम के आसार, जानें अपने जिले का हाल

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CG Weather Today (29 September 2026): छत्तीसगढ़ में मानसून का असर अब धीरे-धीरे कम होने लगा है। मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) के अनुसार 29 सितंबर को राज्य के गिने-चुने इलाकों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश देखने को मिल सकती है। हालांकि, राहत की बात यह है कि मौसम विभाग ने इस दौरान किसी भी जिले के लिए कोई चेतावनी या अलर्ट जारी नहीं किया है। मिली जानकारी के मुताबिक, आने वाले 4 से 5 दिनों के दौरान प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क बने रहने की संभावना है।
पिछले 24 घंटों के दौरान ऐसा रहा मौसम का मिजाज
बीते 24 घंटों के आंकड़े देखें तो छत्तीसगढ़ के अधिकांश जिलों में मौसम शुष्क ही दर्ज किया गया। केवल सरगुजा और बस्तर संभाग के एक-दो स्थानों पर ही नाममात्र या बेहद हल्की बूंदें पड़ी। इस दौरान मैदानी और पहाड़ी इलाकों के तापमान में भी अंतर देखा गया।
प्रदेश में सबसे ज्यादा तापमान दुर्ग में 31.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान गिरकर 18 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो राज्य में सबसे ठंडा रहा। जगदलपुर की बात करें तो वहां अधिकतम पारा 31.4 और न्यूनतम 21.9 डिग्री दर्ज हुआ, जबकि बारिश शून्य रही।
29 सितंबर को किन इलाकों में हो सकती है बूंदाबांदी?
मौसम विभाग के 7 दिनों के पूर्वानुमान के मुताबिक, 29 सितंबर को पूरे छत्तीसगढ़ में भारी बारिश के आसार नहीं हैं। केवल एक-दो स्थानों पर स्थानीय बादलों की आवाजाही की वजह से हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। किसी भी तरह की आपदा या तेज आंधी-तूफान की संभावना न होने के कारण IMD ने कोई चेतावनी जारी नहीं की है। किसान और आम नागरिक बिना किसी बड़े व्यवधान के अपने दैनिक काम निपटा सकते हैं।
अक्टूबर के शुरुआती दिनों में कैसा रहेगा मौसम?
आगामी दिनों के रुझान बताते हैं कि 30 सितंबर से लेकर 1 अक्टूबर के बीच भी राज्य में मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा। इन दिनों में भी गिने-चुने क्षेत्रों में हल्की फुहारें पड़ सकती हैं। इसके बाद 2 अक्टूबर से 4 अक्टूबर के दौरान भी छिटपुट हल्की बारिश की ही संभावना जताई गई है। पूरे हफ्ते मौसम सामान्य रहने का अनुमान है और किसी भी दिन के लिए चेतावनी जारी नहीं की गई है।
बारिश की कमी के पीछे क्या है मुख्य वजह?
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की रेखा लगातार आगे की ओर खिसक रही है। इसके साथ ही बिहार, झारखंड और ओडिशा से होते हुए पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी तक फैली उत्तर-दक्षिण द्रोणिका (Trough) अब कमजोर पड़ चुकी है। इस सिस्टम के कमजोर होने के कारण ही हवा में नमी की मात्रा घटी है, जिससे छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियों में स्पष्ट रूप से कमी दर्ज की जा रही है।

