CG Crime News: ऐसा भी होता है: काउंसलिंग रजिस्टर में फर्जीवाड़ा, हेराफेरी के आरोप में काउंसलर और महिला के खिलाफ एफआईआर, पढ़िए क्या है मामला?

बिलासपुर। 20 सितंबर 2026| महिला थाना स्थित परिवार परामर्श केंद्र के काउंसलिंग रजिस्टर में हेरफेर कर एक युवक के खिलाफ कार्रवाई कराने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता पति ने अपनी पत्नी और परिवार परामर्श केंद्र की काउंसलर पर दस्तावेज में कूटरचना और हेरफेर का गंभीर है आरोप लगाया।
कोर्ट के आदेश पर सिविल लाइन पुलिस ने शिकायतकर्ता की पत्नी व कांउसलर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला स्मृति नगर भिलाई निवासी सुधांशु मिश्रा (34) और लिंगियाडीह निवासी उनकी पनी रितु मिश्रा (33) से जुड़ा है। शिकायत में परिवार परामर्श केंद्र की काउंसलर आशा सिंह को आरोपी बनाया गया है।
आईजी और एसपी से की थी शिकायत
गड़बड़ी सामने आने के बाद युवक ने दस्तावेजी प्रमाण के साथ आईजी, एसपी और महिला थाना में शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की थी। विभागीय स्तर पर कार्रवाई ना होने पर उसने कोर्ट में मामला दायर किया। कोर्ट के आदेश पर सिविल लाइन पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रजिस्टर में पत्नी ने केस खारिज कराने पर दी थी सहमति
सुधांशु मिश्रा ने कोर्ट में परिवाद पेश कर बताया, उसकी पत्नी ने महिला थाना स्थित परिवार परामर्श केंद्र में शिकायत की थी। 12 जून 2023 को अंतिम काउंसलिंग के दौरान दोनों की काउंसलिंग आशा सिंह ने की। काउंसलिंग रजिस्टर में पत्नी की ओर से लिखा गया था कि आवेदिका इस केस को खारिज करवाना चाहती है। इसमें उसके अलावा उसकी पत्नी और काउंसलर के हस्ताक्षर भी लिया गया था। बाद में उसने इस कार्यवाही की प्रमाणित प्रति हासिल की थी। इसके आधार पर उसे लगा कि मामला समाप्त हो गया है।
0 कोर्ट में पेश हुआ चालान तब सामने आई गड़बड़ी
युवक ने अपने परिवाद में कोर्ट को बताया, काउंसलिंग की कार्रवाई समाप्त होने के कुछ साल बाद, पत्नी ने सरकंडा थाने में पति और परिवार के सदस्यों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का अपराध दर्ज करा दिया। शिकायत के आधार पर सरकंडा पुलिस ने शिकायकर्ता के पति और ससुराल वालों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश कर दिया।
0 पुलिस कार्रवाई के दौरान सामने आई गड़बड़ी
परिवाद में बताया है,पुलिस कार्रवाई के दौरान उसे पता चला, पुराने काउंसलिंग रजिस्टर में ‘आवेदिका इस केस को खारिज करवाना चाहती हूं’ के ऊपर बाद में ‘आवेदिका कार्यवाही चाहती है।’ लिख दिया गया है। सुधांशु ने आरोप लगाया कि उसकी जानकारी और अनुपस्थिति में रजिस्टर में हेरफेर कर दस्तावेज तैयार किया गया और उसका इस्तेमाल आगे की पुलिस कार्रवाई में किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इसे गंभीर मामला मानते हुए परिवादी की पत्नी की और काउंसलर के खिलाफ एफआईआर का निर्देश पुलिस को दिया। कोर्ट के आदेश पर सिविल लाइन पुलिस ने एफआईआर कर जांच शुरू कर दी है।

