छत्तीसगढ़ में अगले 3 दिन भारी बारिश की चेतावनी: मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट, जानिए मौसम का ताजा मिजाज

फोटो सोर्स- गूगल, एडिटेड बाय- NPG न्यूज़
CG Weather Update Today (26 July 2026): छत्तीसगढ़ में मानसून ने फिर एक बार रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग की मानें तो आज प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मानसूनी हवाएं पूरी तरह सक्रिय हैं। इसका मतलब है कि आने वाले घंटों में कई जगह हल्की से मध्यम हो सकती है। वहीं, कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश हो सकती है। अचानक बदलते मौसम को देखते हुए विभाग ने गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है और लोगों से अपील की है कि खराब मौसम में बेवजह बाहर न निकलें।
बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी
बारिश का यह नया दौर अचानक शुरू नहीं हुआ है। इसके पीछे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना एक लो-प्रेशर एरिया (निम्न दबाव का क्षेत्र) है। इस सिस्टम की वजह से समुद्र की तरफ से काफी नमी छत्तीसगढ़ में दाखिल हो रही है, जिससे घने बादल छाए हुए हैं। मौसम के जानकारों का कहना है कि यह सिस्टम इतना मजबूत है कि अगले 2 से 3 दिनों तक प्रदेश में अच्छी-खासी बारिश कराएगा।
जानिए 3 दिनों का पूरा हाल
मौसम विभाग का अनुमान है कि 26, 27 और 28 जुलाई को बारिश की रफ्तार धीमी नहीं पड़ने वाली। खासकर 26 और 27 जुलाई को कुछ जिलों में मूसलाधार बारिश होने के आसार हैं। वहीं 28 जुलाई को भी प्रदेश के कई कोनों में बादलों की गड़गड़ाहट और बिजली कड़कने के साथ ठीक-ठाक बारिश होगी। लगातार बारिश होने से दिन और रात के तापमान में भी गिरावट आएगी, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।
पिछले 24 घंटों का रिपोर्ट कार्ड
अगर बीते 24 घंटों की बात करें तो प्रदेश के कई इलाकों में रुक-रुक कर रिमझिम और मध्यम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि, इतने बरसने के बाद भी आंकड़ों में इस साल मानसून सामान्य से 19% पीछे चल रहा है। तापमान पर नजर डालें तो रायपुर और दुर्ग में दिन का पारा 30.8 डिग्री सेल्सियस रहा, वहीं पेंड्रारोड रात के वक्त सबसे ठंडा रहा जहां न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री रिकॉर्ड हुआ।
बिजली कड़कने पर क्या करें?
खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने एडवाइजरी जारी की है। जब भी बादल गरजें या बिजली चमके, तो किसी भी सूरत में खुले मैदान, पानी के पास या पेड़ के नीचे खड़े न हों। बेहतर होगा कि आप किसी पक्के मकान के अंदर रहें और घर के बिजली वाले उपकरणों को बंद कर दें। इसके साथ ही किसानों को अपनी कटी फसल या अनाज को सुरक्षित सूखी जगह पर ढककर रखने की सलाह दी गई है।

