Raigarh News: 1.10 करोड़ की ठगी का "मास्टरमाइंड" गिरफ्तार, ऐसे बनाता था शिकार, स्कॉर्पियो और बोलेरो जब्त

Raigarh News: रायगढ़। वाहन खरीदी-बिक्री व जमीन दलाली के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। शुरूआती जांच में अब तक पीड़ितों से 1.10 करोड़ की धोखाधड़ी की गई थी। इसके आलावा अन्य पीड़ितों से भी धोखाधड़ी की शिकायतें पुलिस को मिली है। फिलहाल मामले में आगे की जाँच जारी है।
जानिए पूरा मामला
मामले में शिकायतकर्ता सद्दाम हुसैन 32 वर्ष व उसके साथी सुरेश मानिकपुरी ने थाना तमनार में लिखित शिकायत दर्ज कराई कि ग्राम पणिगांव निवासी कृष्ण कुमार साहू, जो वाहन खरीदी-बिक्री का कारोबार करता है। आरोपी ने पहले वाहन खरीदने-बेचने के नाम पर उनसे लगातार रुपये लिए। पीड़ितों ने जब अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी ने अपनी जमीन बेचकर भुगतान करने का झांसा दिया और इस बहाने और रकम ले ली। बाद में आरोपी ने अपनी भूमि खसरा नंबर 428/4, रकबा 0.049 हेक्टेयर का 14 अप्रैल 2026 को बिक्री का सौदा भी उनसे लिया, लेकिन बाद में पता चला कि उसी जमीन की रजिस्ट्री किसी अन्य महिला के नाम कर कर दिया है।
44 लाख की ठगी
आरोपी ने इसी तरह सद्दाम हुसैन से 22 लाख, सुरेश मानिकपुरी से 22.40 लाख की धोखाधड़ी की। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी ने पुरुषोत्तम सिदार, दिनेश शर्मा, संतोष साहू, मनोज सारथी सहित कई अन्य लोगों के साथ भी वाहन खरीदी-बिक्री के नाम पर लाखों रुपये की ठगी की थी।
शिकायत पर थाना तमनार में धारा 318(4) भारतीय न्याय संहिता (BNS) में अपराध पंजीबद्ध किया गया। थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत राव ने आरोपी कृष्ण कुमार साहू पिता कामता साहू 38 साल निवासी पड़िगांव थाना तमनार को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपराध स्वीकार किया। आरोपी के मेमोरेंडम के आधार पर धोखाधड़ी की रकम से खरीदी गई एक स्कॉर्पियो एवं एक बोलेरो वाहन (20 लाख रूपये) जब्त किए गए है।
10-15 पीड़ितों से 1.10 करोड़ की ठगी
पुलिस जांच में अब तक 10-15 पीड़ितों से लगभग 1 करोड़ 10 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की पुष्टि हुई है। मामले में अन्य पीड़ितों की शिकायतें भी प्राप्त हो रही हैं तथा पुलिस आरोपी के आर्थिक लेन-देन, संपत्तियों और अन्य संभावित पीड़ितों के संबंध में जांच कर रही है।
इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में थाना प्रभारी तमनार निरीक्षक प्रशांत राव, प्रशिक्षु उप निरीक्षक युगल यादव, सहायक उप निरीक्षक सुरति लाल सिदार और थाना तमनार स्टाफ की सराहनीय भूमिका रही, जिनकी सतर्क विवेचना से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के मामले का खुलासा संभव हो सका।

