CG Teacher News: शिक्षकों ने की गड़बड़ी, गाज गिरेगी शिक्षा अफसरों पर, प्रदेशभर में नोटिस जारी

बिलासपुर। 06 जून 2026| छत्तीसगढ़ की शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए शिक्षा विभाग एड़ी-चोटी का जोर लगा रहा है। इसके विपरीत व्यवस्था बनाने के लिए जारी आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। लोक शिक्षण संचालनालय ने इसे काफी गंभीरता से लिया है। विभाग ने सभी स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक रखने और शिक्षकों की कमी दूर करने के उद्देश्य से एक साल पहले युक्तियुक्तकरण की सूची जारी की थी। इसमें काफी शिक्षकों के तबादले किए गए थे। हैरत की बात यह है कि अब भी प्रदेश में कई शिक्षकों ने इस आदेश का एक साल बाद भी पालन नहीं किया है। बिलासपुर जिले में भी 273 के करीब शिक्षक अपनी पुरानी पदस्थापना वाली जगह पर काम कर रहे हैं।
DPI ने तीन दिन के भीतर मांगा जवाब
इस तरह की गड़बड़ी सामने आने पर लोक शिक्षण संचालक ने जिले के अफसरों को कड़ी फटकार लगाई है और साथ ही तीन दिनों के भीतर लिखित में स्पष्टीकरण मांगा है। बिलासपुर के संभागीय संयुक्त संचालक और संभाग के जिला शिक्षाअधिकारियों से संचालनालय ने पूछा है कि नई पदस्थापना की जगह से नदारद शिक्षकों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है। संकेत है कि अधिकारियों को जिम्मेदार माने जाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
जीएडी के निर्देशों की उड़ाई धज्जियां
बता दें, पिछले साल जून माह में शासन के निर्देशानुसार सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के लिए लंबी सूची जारी की गई थी। इसके अनुसार कई शिक्षकों को नए स्कूलों में पदस्थ किया गया था। इसी आदेश में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा नई जगह पर पदभार संभालने के लिए एक निश्चित समय-सीमा भी तय की गई थी। हैरत की बात है कि प्रदेश के साथ बिलासपुर संभाग और जिले के कई शिक्षकों व व्याख्याताओं ने अपनी नई शालाओं में कार्यभार ग्रहण नहीं किया है। वे अब भी अनाधिकृत रूप से अपने कर्तव्य से अनुपस्थित चल रहे हैं।
DPI ने प्रदेशभर के JD और DEO को जारी किया कारण बताओ नोटिस
इस बात पर भी आश्चर्य है कि इन शिक्षकों पर कड़ा एक्शन लेने और संचालनालय को इसकी रिपोर्ट भेजने की जगह संभाग व जिले के अफसर चुप्पी साधे बैठे हुए हैं। इस पर लोक शिक्षण संचालक ने जेडी आरपी आदित्य और डीईओ विजय टांडे को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसमें संचालनालय ने साफ कहा है कि आदेश के बावजूद कर्तव्य से गायब शिक्षकों पर प्रभावी कार्रवाई न करना अफसरों की कार्यप्रणाली में लापरवाही और ढिलाई को दशार्ता है। यह नोटिस प्रदेश के सभी जेडी और डीईओ को भी जारी किया गया है। डीपीआई के इस कड़े नोटिस के बाद बिलासपुर के शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। अब उन शिक्षकों की सूची आनन-फानन में तैयार की जा रही है जो युक्तियुक्तकरण के आदेश को ठेंगा दिखाकर ड्यूटी से नदारद हैं। डीपीआई ने पहले भी आदेश जारी कर उनको निलंबित करने को कहा था। इसके बाद भी उनको निलंबित नहीं किया गया। जो अब शिक्षा अधिकारियों को भारी पड़ेगा।
जवाब के बाद होगा फैसला
बताया गया है कि लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी इस कड़े पत्र में बिलासपुर शिक्षा संभाग के संयुक्त संचालक और जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि अनाधिकृत रूप से गायब शिक्षकों के खिलाफ की गई प्रभावी कार्रवाई की रिपोर्ट 3 दिनों के भीतर संचालनालय को भेजें। जिन मामलों में राज्य स्तर से कार्रवाई होनी है, उनके तथ्यात्मक प्रस्ताव, स्पष्ट अभिमत, आरोप पत्र और साक्ष्यों की सूची भी तत्काल उपलब्ध कराएं। साथ ही अधिकारियों को अपना पक्ष रखने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। यदि समय पर जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया, तो यह माना जाएगा कि उनके पास कहने को कुछ नहीं है और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए मामला सीधे राज्य शासन को भेज दिया जाएगा।

