संजय वाटिका में हिरणों की मौत: पूर्व मंत्री की अगुवाई में पीसीसी ने बनाई 8 सदस्यीय जांच कमेटी

संजय वाटिका में हिरणों की मौत: पूर्व मंत्री की अगुवाई में पीसीसी ने बनाई 8 सदस्यीय जांच कमेटी

इमेज सोर्स-  NPG News

सरगुजा। 25 मार्च 2026| उत्तर छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर स्थित संजय वाटिका में 15 हिरणों की मौत के कारणों की जांच के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री संगठन व प्रशासन मलकित सिंह गैंदू ने पूर्व मंत्री अमरजीत भगत की अगुवाई में 6 सदस्यीय जांच दल का गठन किया है।

अमरजीत भगत की अगुवाई में बनी जांच कमेटी, ये हैं शामिल

अमरजीत भगत पूर्व मंत्री, संयोजक, बालकृष्ण पाठक अध्यक्ष-जिला कांग्रेस कमेटी सदस्य, सफी अहमद पूर्व अध्यक्ष-श्रम कल्याण सदस्य, द्वितेन्द्र मिश्रा महामंत्री-प्रदेश कांग्रेस कमेटी सदस्य, अनूप मेहता महामंत्री-जिला कांग्रेस कमेटी सदस्य, हेमंत तिवारी महामंत्री-जिला कांग्रेस कमेटी सदस्य।

पीसीसी को देना होगा प्रतिवेदन

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी महामंत्री संगठन एवं प्रशासन मलकीत सिंह गैंदू ने जांच कमेटी से कहा है, अविलंब प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर स्थानीय वन प्रशासन एवं क्षेत्रवासियों से भेंट व चर्चा करने, घटना की वस्तुस्थिति से अवगत होने के बाद अपना प्रतिवेदन प्रदेश कांग्रेस कमेटी को प्रेषित करें।

पढ़िए कैसे ही हिरणों की मौत

सरगुजा संभाग मुख्यालय अंबिकापुर में वन विभाग का संजय पार्क है। पार्क में वन्य प्राणियों को रखा गया है। पार्क में हिरण को सुरक्षित रखने के लिए बाड़ा बनाया गया है। बीते दिनों बाड़े में आवारा कुत्तों का झुंड घुस आया। इसके चलते बाड़े में हिरणों के बीच भगदड़ की स्थिति बन गई। आवारा कुत्तों ने 15 हिरणों को दौड़ा-दौड़ाकर काटा। कुत्तों के काटने से जख्मी होने के साथ ही हार्ट फेल होने के कारण 15 हिरणों की मौत हो गई है। हिरणों के मौत की पुष्टि वन मंडल अधिकारी अभिषेक जोगावत ने कर दी थी। इनमें संरक्षित प्रजाति के 2 चोसिंगा, 7 चीतल और 6 बार्किंग डिअर शामिल है।

संरक्षित वन्यजीवों की सुरक्षा में बड़ी चूक

छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश महासचिव परवेज़ आलम गांधी ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा, यह अत्यंत गंभीर मामला है। रेस्क्यू सेंटर जैसे स्थान, जहां घायल और संरक्षित वन्यजीवों को सुरक्षा प्रदान की जाती है, वहां इस प्रकार की घटना होना कई सवाल खड़े करता है। यह स्पष्ट करता है कि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे या फिर उनकी सही तरीके से निगरानी नहीं हो रही थी, आखिर इतनी बड़ी चूक कैसे हुई? क्या रेस्क्यू सेंटर की सुरक्षा व्यवस्था की नियमित समीक्षा नहीं की जाती थी? यदि की जाती थी, तो फिर इस प्रकार की घटना को रोका क्यों नहीं जा सका? यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि वन्यजीव संरक्षण के प्रति उदासीनता को भी दर्शाता है।

पीसीसी महामंत्री ने जांच कमेटी की इनको दी जानकारी

  • सचिन पायलट, महासचिव एवं छ.ग. प्रभारी एआईसीसी, नई दिल्ली।
  • डॉ. चरणदास महंत, नेता प्रतिपक्ष छ.ग. विधानसभा।
  • भूपेश बघेल, महासचिव एआईसीसी एवं पूर्व मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़।
  • टीएस. सिंहदेव, पूर्व उपमुख्यमंत्री छत्तीसगढ।
  • एस.ए. सम्पत कुमार, एआईसीसी सचिव एवं छ.ग. सह-प्रभारी।
  • जरिता लैतफलांग, एआईसीसी सचिव एवं छ.ग. सह-प्रभारी।
  • विजय जांगिड, एआईसीसी सह-सचिव एवं छ.ग. सह-प्रभारी।
  • सुशील आनंद शुक्ला, अध्यक्ष-संचार विभाग।
  • अध्यक्ष-जिला कांग्रेस कमेटी, सरगुजा।

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