Chhattisgarh Bureaucracy: छत्तीसगढ़ की ब्यूरोक्रेसी में बड़े बदलाव का साल रहा 2025, डिरेल्ड हुई नौकरशाही ट्रेक पर आई, पोस्टिंग में परफॉर्मेंस को प्रायरिटी, E-ऑफिस से बढ़ी नौकरशाही की प्रतिष्ठा

Chhattisgarh Bureaucracy: छत्तीसगढ़ की ब्यूरोक्रेसी में बड़े बदलाव का साल रहा 2025, डिरेल्ड हुई नौकरशाही ट्रेक पर आई, पोस्टिंग में परफॉर्मेंस को प्रायरिटी, E-ऑफिस से बढ़ी नौकरशाही की प्रतिष्ठा

Chhattisgarh Bureaucracy: रायपुर। डीएमएफ, कोयला, भारतमाला लैंड स्कैम जैसे-जैसे भांति-भांति के घोटालों में बदनाम हो चुकी छत्तीसगढ़ की ब्यूरोक्रेसी अब पटरी पर आती दिख रही है। छत्तीसगढ़ में अब काम और छबि देखकर आईएएस अधिकारियों को पोस्टिंग मिल रही है। राज्य सरकार ऐसे अधिकारियों को फील्ड में भेज रही है, जो रिजल्ट देने के साथ साफ-सुथरी छबि का हो। यही वजह है कि कलेक्टरों की टीम इस समय काफी मजबूत हो गई है। दो-चार को छोड़ दें तो 25 से अधिक कलेक्टर रिजल्ट देने के साथ ही अच्छी छबि के हैं।

बता दें, इससे पहले 2022 से 2024 तक नौकरशाही के लिए बड़ा बुरा रहा। कई अफसर घपले-घोटाले में जेल गए। कइयों को तलब कर जांच एजेंसियों ने पूछताछ की। अभी भी कई आईएएस अधिकारी सस्पेंड हैं।

साल 2025 छत्तीसगढ़ की प्रशासनिक व्यवस्था के लिए निर्णायक रहा

साल 2025 में सबसे बड़ा प्रशासनिक बदलाव मुख्य सचिव के पद पर हुआ। लंबे इंतजार और अमिताभ जैन को एक एक्सटेंशन के बाद नए चीफ सेक्रेट्री की नियुक्ति हुई। 94 बैच के आईएएस अधिकारी विकास शील को मुख्य सचिव बनाया गया। उन्हें विदेश की पोस्टिंग से बुलाकर प्रशासनिक मुखिया के कुर्सी सौंपी गई। इससे पहले वे एशियन डेवलपमेंट बैंक में वे ईडी के पद पर कार्यरत थे।

सीएम सचिवालय मजबूत

साल 2025 में मुख्यमंत्री सचिवालय भी काफी मजबूत हो गया। हालांकि, आईएएस सुबोध सिंह साल 2024 के लास्ट में सेंट्रल डेपुटेशन से छत्तीसगढ़ लौटे, उन्होंने 2025 के आरंभ से सिस्टम को कसने का कार्य प्रारंभ किया। सुबोध सिंह के बाद 2005 बैच के मुकेश बंसल को सीएम का सिकेट्री और 2017 बैच के आईएएस डॉ0 रवि मित्तल को स्पेशल सिकेट्री बनाया गया। इससे सीएम सचिवालय में आईएएस अधिकारियों की संख्या ठीकठाक हुई, जिससे कामकाज में कसावट आई।

पोस्टिंग में हस्तक्षेप बंद

दिसंबर 2023 में बीजेपी की सरकार आने के बाद अधिकांश नियुक्तियां जोर-जुगाड़ और सिफारिशों के आधार पर हुई थीं। मगर साल 2025 के आते-आते ब्यूरोक्रेसी की पोस्टिंग में राजनीतिक हस्तक्षेप कम हो गया।

मंत्रालय में सचिवों की टीम

कलेक्टरों के साथ ही मंत्रालय में सचिवों की टीम भी इस समय अच्छी हो गई है। सरकार ने सभी अधिकारियों को कोई-न-कोई विभाग दिए हैं। अफसरों की पोस्टिंग में अब पूर्वाग्रह जैसी स्थिति भी नहीं रही।

ई-ऑफिस और बायोमेट्रिक अटेंडेंस

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एक जनवरी को मंत्रालय की मीटिंग में ऑनलाइन वर्किंग और ऑनलाइन अटेंडेंस प्रारंभ करने कहा था। साल आते-आते ये दोनों काम पूरे हो गए। ई-ऑफिस में छत्तीसगढ़ कई विकसित देशों से आगे निकल गया है। अनेक राज्यों के मंत्रालय में अभी ई-ऑफिस लागू है। छत्तीसगढ़ उनसे कई कदम आगे बढ़ अब विभागाध्यक्ष कार्यालयों में भी ई-ऑफिस चालू हो गया है तथा कल एक जनवरी से जिलों के ऑफिस में ऑनलाइन कार्य प्रारंभ हो जाएगा। इससे छत्तीसगढ़ की ब्यूरोक्रेसी की प्रतिष्ठा बढ़ी है।

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