CG Teacher News: DEO का एक और करतूत: महिला शिक्षिका को गांव से लाकर अब शहर में कर दिया अटैच

रायपुर। कोरबा डीईओ को लेकर NPG ने कल ही यह खुलासा किया था कि वह लगातार शासन के नियम विरुद्ध आदेश पारित कर चहेतो को लाभ पहुंचाने का खेल रहे है और युक्तियुक्तकरण से प्रभावित शिक्षक को पहले निलंबित करने और फिर उसकी मनचाही जगह में पदस्थ करने के खेल का भंडाफोड़ होते ही स्कूल शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया और उसके बाद आनन फानन में जिला शिक्षा अधिकारी को अपने ही आदेश को निरस्त करना पड़ा।
अब हम जिला शिक्षा अधिकारी की एक और करतूत को उजागर कर रहे हैं जिसमें उन्होंने महिला शिक्षिका को कटघोरा के जंगलों से लाकर कोरबा शहर में संलग्न कर दिया है जबकि सलग्नीकरण को लेकर राज्य सरकार पहले ही कैबिनेट में प्रस्ताव पास कर पूरी तरह से बैन लगा चुकी हैं जिसका उल्लेख बाकायदा ट्रांसफर नीति में भी किया गया था यही नहीं स्कूल शिक्षा विभाग की तरफ से कलेक्टरों को भी स्पष्ट पत्र जारी किया गया था कि किसी भी प्रकार के शिक्षकों का संलग्नीकरण न किया जाए।
महिला शिक्षक ने किया निवेदन तो डीईओ ने तोड़ दिया नियम!
दरअसल महिला शिक्षिका ज्योति श्रीवास जो कि सहायक शिक्षक के पद पर कटघोरा विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला चोरभट्टी में पदस्थ थी उसे जिला शिक्षा अधिकारी ने 28 नवंबर को आदेश जारी कर विकासखंड कोरबा जो कि शहरी इलाका है के शासकीय प्राथमिक शाला पाड़ीगार में पदस्थ कर दिया है और जारी आदेश के अनुसार कलेक्टर ने इसका अनुमोदन भी किया है।
आदेश में महिला शिक्षिका द्वारा स्वास्थ्यगत कारणों से लेकर किए गए आवेदन का जिक्र है लेकिन ताज्जुब का विषय है कि आज से तीन माह पहले इसी जिला शिक्षा अधिकारी और कलेक्टर ने दिव्यांग महिला और पुरुषों तक को युक्तियुक्तकरण के नाम पर दूरस्थ शालाओं में पदस्थ किया था तो क्या उस समय इन अधिकारियों का दिल नहीं पसीजा था जब वह अपने दिव्यांगता के सर्टिफिकेट के साथ उनकी चौखट पर सर झुका रहे थे और उस समय इसी डीईओ और कलेक्टर ने नियमों का हवाला देकर ऐसे अभ्यावेदनों को अमान्य किया है और अब एक महज एप्लीकेशन में किए गए निवेदन को मान्य करते हुए शासन के समस्त आदेशों को धत्ता बताते हुए महिला शिक्षिका को कटघोरा के जंगलों से कोरबा के शहरी इलाके में ला दिया गया है जिसे लेकर युक्तियुक्तकरण से पीड़ित शिक्षकों में जबरदस्त नाराजगी है ।
शिक्षक ही कर रहे DEO की करतूतों का भंडाफोड़
एनपीजी की एक्सक्लूसिव खबर प्रकाशित होते ही प्रदेश भर के शिक्षक अलग-अलग प्रकार के मामले एनपीजी तक भेज रहे हैं और अपने जिला शिक्षा अधिकारियों की करतूतों का खुलासा कर रहे हैं।
