CG School News: CG के प्राइवेट स्कूल पर मनमानी और नियमों के उल्लंघन का आरोप, बीईओ ने जारी किया कारण बताओ नोटिस

CG School News: CG के प्राइवेट स्कूल पर मनमानी और नियमों के उल्लंघन का आरोप, बीईओ ने जारी किया कारण बताओ नोटिस

बिलासपुर। 14 जुलाई 2026| छत्तीसगढ़ बिलासपुर जिले के अंतर्गत राजेन्द्र नगर स्थित महर्षि विद्या मंदिर प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला के खिलाफ एक अभिभावक द्वारा मनमानी और नियमों की अनदेखी के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायत को संज्ञान में लेते हुए कार्यालय विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी BEO बिल्हा ने विद्यालय प्रबंधन को एक कारण बताओ नोटिस जारी कर बिंदुवार स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। विभाग ने सख्त लहजे में कहा है कि यदि निर्धारित समय के भीतर संस्थान द्वारा संतोषजनक जवाब और संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाते हैं, तो नियमों के तहत विद्यालय के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी।

​शिकायतकर्ता ने बताया है, स्कूल प्रबंधन ने उन दो बच्चों को वार्षिक परीक्षा में शामिल होने नहीं दिया, जिनके पालकों ने आर्थिक तंगी के चलते शुल्क जमा नहीं कर पाए थे। पीड़ित पालकों का कहना है कि उनकी एक बेटी नर्सरी और दूसरी कक्षा 6वीं में अध्ययनरत थीं, जिन्हें सत्र के अंत में परीक्षा में बैठने नहीं दिया गया और किस्तों में फीस जमा करने के आग्रह को प्रबंधन ने अमान्य कर दिया। बच्चों का शैक्षणिक सत्र बचाने के उद्देश्य से जब परिजनों ने 27 जून 2026 को स्थानांतरण प्रमाण पत्र TC के लिए आवेदन किया, तो बकाया राशि का हवाला देकर टीसी को भी रोक दिया गया, जिससे बच्चों का नए स्कूल में प्रवेश अधर में लटक गया है और उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

अभिभावक ने अपनी शिकायत में विद्यालय की शैक्षणिक संबद्धता और व्यावसायिक गतिविधियों पर भी कई संगीन आरोप लगाए हैं। आरोप के मुताबिक, विद्यालय को छत्तीसगढ़ शासन से मान्यता प्राप्त है, लेकिन प्रबंधन द्वारा पालकों को सीबीएसई CBSE पैटर्न’ का झांसा देकर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इसके अलावा, पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा सरकारी स्तर पर नि:शुल्क किताबें उपलब्ध होने के बावजूद पालकों पर निजी प्रकाशकों की महंगी पुस्तकें खरीदने का दबाव बनाने का आरोप है, जिससे नर्सरी और छठवीं कक्षा के बच्चों की किताबों का कुल खर्च ही 16 से 17 हजार रुपये तक पहुंच जाता है।

शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि पालकों को नागोराव शेष स्कूल के समीप एक निश्चित दुकान से ही पुस्तकें और लवली ड्रेसेस से ही यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य किया जाता है, जो सीधे तौर पर फीस नियमों का उल्लंघन और पालकों से ठगी है।

नोटिस और हिदायत भी

​इस पूरे मामले पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी बिल्हा ने महर्षि विद्या मंदिर प्रबंधन को नोटिस जारी कर चेतावनी दी है कि यदि उनका जवाब वैधानिक और संतोषजनक नहीं पाया गया, तो बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने तथा नियमों की अवहेलना के मामले में शिक्षा का अधिकार RTE अधिनियम की मान्यता और फीस अधिनियम 2020 के कड़े प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए मामला उच्च कार्यालय को अग्रेषित करने की बात कही गई है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संस्था की होगी। इसके साथ ही, संकुल प्राचार्य एवं समन्वयक केंद्र राजेंद्र नगर को भी निर्देशित किया गया है कि वे इस शिकायत की जमीनी हकीकत का परीक्षण करें और दो दिनों के भीतर अपने स्पष्ट अभिमत तथा आवश्यक दस्तावेजों के साथ वस्तुस्थिति का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करें ताकि मामले का त्वरित निराकरण किया जा सके। वर्तमान में इन सभी आरोपों की विभागीय स्तर पर निष्पक्ष जांच की जा रही है।

पढ़िए क्या लिखा है BEO की नोटिस में

बीईओ ने जारी नोटिस में लिखा है, आपके विद्यालय द्वारा प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला में अध्ययनरत विद्यार्थियों को समय पर स्थानांतरण प्रमाण पत्र नहीं दिया जा रहा है। नर्सरी में नित्या लक्ष्मे एवं कक्षा 6वीं में अन्या लक्ष्में आवेदक के 2 बालिकाओं का स्थानांतरण प्रमाण पत्र 27 जून 2026 से आवेदन लंबित शुल्क पटाने के हवाले से नहीं देने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। दूरभाष से संपर्क किये जाने पर आवेदक ने शिकायत विवरण में बताया कि विगत सत्र में आर्थिक स्थिति के कारण शुल्क बकाया रहने से आवेदक के दोनों बच्चों को वार्षिक परीक्षा से वंचित रखा गया किस्त में देने का निवेदन भी अमान्य कर दिया गया जिसके कारण उनका पूरा साल खराब हो गया। नये स्कूल के एडमिशन के लिये TC भी नहीं दिया जा रहा है। स्कूल को छ.ग. से मान्यता प्राप्त है लेकिन वहां CBSE पैटर्न बताकर पालकों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।

छ.ग. पाठ्य पुस्तक निगम से निःशुल्क किताबें मिलने के बाद भी प्राइवेट प्रकाशकों की किताबें लेने के लिये पालकों को मजबूर किया जाता है। नर्सरी एवं 6वीं के बच्चे की किताबों का खर्च 16-17 हजार हो जाता है। नागोराव शेष स्कूल के पास फिक्स दुकान से ही पुस्तक लेनी पड़ती है। लवली डेसेस में ही डेस मिलता है। फीस नियम का पालन नहीं हो रहा है. पालक ठगे जा रहे है एवं बच्चों के भविष्य संकट में हैं। ऐसे स्कूल की जांच कर कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाये। उक्त शिकायत एवं सम्पर्क से प्राप्त विवरण के संबंध में निराकरण कर बिंदुवार वस्तुस्थित के संबंध में समस्त आवश्यक दस्तावेजों के साथ सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अपना स्पष्टीकरण तत्काल देना सुनिश्चित करें। जवाब संतोष जनक नहीं होने पर RTE मान्यता, फीस अधिनियम 2020 संबंधी प्रावधानों के अनुसार नियमानुसार कार्यवाही हेतु उच्च कार्यालय प्रेषित किया जाएगा जिसके लिये आप स्वयं जिम्मेदार होंगे।

देखें आदेश 


 


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