CG School News: 10538 मर्ज स्कूलों को नही मिली अनुदान राशि, टीचर्स एसोसिएशन ने उठाई मांग…

CG School News: 10538 मर्ज स्कूलों को नही मिली अनुदान राशि, टीचर्स एसोसिएशन ने उठाई मांग…

CG School News: रायपुर। छत्तीसगढ़ में मर्ज किए गए स्कूलों को अभी तक अनुदान राशि नहीं मिली है। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने सरकार और शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर मांग की है कि जल्द ही ऐसे स्कूलों के लिए अलग से शाला अनुदान राशि जारी की जाए।

छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने शिक्षा मंत्री स्कूल शिक्षा विभाग, सचिव स्कूल शिक्षा विभाग और राज्य सरकार को पत्र लिखकर मांग की है कि युक्तियुक्तकरण के अंतर्गत मर्ज किए गए विद्यालयों के लिए शाला अनुदान की राशि जारी की जाए। जिन शालाओं में अन्य स्कूल को मर्ज किया गया है वे मुख्य यू डाइस वाले शाला संलग्न शाला में कोई भी राशि नहीं दे रहे है, क्योकि उन्हें भी राशि जारी किया गया है, जिससे वे अपने शाला की व्यवस्था कर रहे है।

छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने कहा है कि समग्र शिक्षा राज्य कार्यालय रायपुर द्वारा वर्तमान सत्र 2025-26 हेतु शाला अनुदान की राशि जारी की गई है, जिसमें शाला अनुदान 1 से 30 दर्ज विद्यार्थी वाले विद्यालयों के लिए 10 हजार, 31 से 100 दर्ज विद्यार्थी वाले विद्यालयों के लिए 25 हजार, 100 से 250 दर्ज विद्यार्थी वाले विद्यालयों के लिए 50 हजार, 251 से अधिक दर्ज विद्यार्थी वाले विद्यालयों के लिए 75 हजार राशि जारी किया गया है। साथ ही प्रति मिडिल स्कूल, ईको क्लब 2500, प्रायमरी स्कूल 1000, प्रति विद्यालय 300 कम्युनिटी एवं 500 एसएमसी के लिए जारी किया गया है। लेकिन युक्तियुक्तकरण के अंतर्गत जिन विद्यालयों का आपस में विलय (मर्ज) किया गया है, मर्ज किए गए विद्यालयों के लिए पृथक से शाला अनुदान, इको क्लब , कम्यूनिटी, एसएमसी की राशि जारी नहीं की गई है और न ही जिस शाला में मर्ज किया गया है वहाँ अतिरिक्त राशि दिया गया है।

मालूम हो कि अनेक स्थानों पर हाई एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों में पूर्व माध्यमिक एवं प्राथमिक विद्यालयों का विलय (मर्ज) किया गया है, जिसके कारण पूर्व माध्यमिक एवं प्राथमिक विद्यालयों के लिए शाला अनुदान की राशि उपलब्ध नहीं हो पाया है। इसी प्रकार जिन पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में प्राथमिक विद्यालयों का विलय (मर्ज) किया गया है, वहां भी प्राथमिक शाला के लिए अनुदान राशि जारी नहीं की गई है। जिसके कारण संबंधित विद्यालयों में मरम्मत, रखरखाव, स्वच्छता, स्टेशनरी व आवश्यक शैक्षणिक सामग्री एवं अन्य जरूरी व्यवस्थाओं के संचालन में गंभीर कठिनाइयाँ उत्पन्न हो रही हैं। इस व्यवस्था से शालेय व्यवस्था, स्वच्छता, भवन सुरक्षा व छात्रों के कक्ष के जीर्ण शीर्ण होने का अंदेशा है।

एसोसिएशन की मांग है कि युक्तियुक्तकरण के अंतर्गत विलय (मर्ज) किए गए विद्यालयों के लिए भी छात्रहित व शालेय व्यवस्था हेतु प्राथमिक शाला एवं पूर्व माध्यमिक शाला के अनुसार पूर्ववत पृथक शाला अनुदान राशि शीघ्र जारी किया जाए, ताकि स्कूल व्यवस्थित व सुचारू संचालन हो। पढ़ें पत्र…

 

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