CG Politics News: छत्तीसगढ़ की सियासत में तल्खी इतनी……. विवाद अब राक्षस से लेकर बंदर तक जा पहुँचा, संतरी भी आ गए सामने

CG Politics News: छत्तीसगढ़ की सियासत में तल्खी इतनी……. विवाद अब राक्षस से लेकर बंदर तक जा पहुँचा, संतरी भी आ गए सामने

CG Politics News: रायपुर। मौजूदा दौर में छत्तीसगढ़ देश के सियासत में सबसे टॉप पर है। बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री, अयोध्या के संत और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राजनीति के केंद्र पर बने हुए हैं। तल्ख बयानबाजी अब राक्षस और जानवर तक जा पहुंचा है। इन शब्दों का खुलकर प्रयोग हो रहा है। पूर्व सीएम बघेल बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री और कथा वाचक प्रदीप मिश्रा पर सीधा हमला बोल रहे हैं। अंध विश्वास फैलाने और कथा के लिए चंदा लेने की बात कह रहे हैं। पूर्व सीएम ने बिलासपुर की सभा में कहानी के जरिए डिप्टी सीएम अरुण साव पर तल्ख टिप्पणी कर दी। अमरअग्रवाल,धरमलाल कौशिक पर जमकर निशाना साधा।

छत्तीसगढ़ में इन दिनों बयानों के तीर चल रहे हैं। शब्दों में तल्खी और बयानों में कटुता साफतौर पर उभरकर सामने आ रही है। बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री व कथा वाचक प्रदीप मिश्रा पर अंधविश्वास फैलाने का आरोप लगाकर छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल अयोध्या के संतों पर सीधे निशाने पर आ गए हैं। सोमवार को पूर्व सीएम बघेल ने धीरेंद्र शास्त्री को भाजपा का एजेंट बता दिया। पूर्व सीएम का इतना कहना था कि अयोध्या के संत राजू दास का गुस्सा फूट पड़ा। संत की जुबान से जो कुछ निकला, सब हक्के बक्के रह गए। संत की जुबानी देखिए, बघेल कहते हैं उनके घर में पांच संत हुए। राजू दास ने सवाल उछाला, रावण किसका बेटा था। जवाब भी खुद ही दिए, संत का बेटा था रावण। जुबान पर तल्खी ऐसी कि उन्होंने पूर्व सीएम को रावण का दूसरा रूप बता दिया।

बिलासपुर में पूर्व सीएम ने सुनाई कहानी और डिप्टी सीएम पर साधा निशाना

बिलासपुर के लिंगयाडीह में पूर्व सीएम भूपेश बघेल आंदोलनकारियों के बीच पहुंचे। सभा में लोगों की भारी भीड़ मौजूद थी। राज्य सरकार की मौजूदा व्यवस्था और भाजपा के भीतर चल रहे अंतरविरोध को रोचक कहानी के जरिए लोगों को सुनाया। पूर्व सीएम ने हिरण और बंदर की कहानी सुनाई। कहानी की शुरुआत रोचक अंदाज में की। ठेठ छत्तीसगढ़िया अंदाज में लोगों को कहानी सुनाते हुए कहा कि जंगल में एक बार सभी जंगली जानवरों ने मिलकर एक बंदर को राजा बना दिया। कुछ दिन बाद शेर ने हिरण के बच्चे को पकड़ लिया। हिरण मदद मांगता रहा। बंदर राजा अपनी आदत के मुताबिक एक पेड़ से दूसरे पेड़ पर कूदता रहा। बंदर राजा हिरण से बोला, मेरे प्रयास में कोई कमी है क्या? बंदर राजा फिर बोले, बच्चा बचे या न बचे, मेरे प्रयास में कमी नहीं है। कहानी सुनाने के बाद अपने अंदाज में कहा, साव की भी यही स्थिति है। फिर उन्होंने अमर व धरम पर निशाना साधा। अमर अग्रवाल तो अब घर से निकलना बंद कर दिया है। मंत्री नहीं बनने का मलाल है। धरमलाल का भी यही हाल है। दोनों मंत्री से संत्री हो गए हैं।

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