CG News: गाली-ग्लौज का ऑडियो वायरल: सिंहदेव समर्थक जिला अध्यक्ष गाली गलौज पर उतरे, मंडल अध्यक्ष से जमकर विवाद

CG News: गाली-ग्लौज का ऑडियो वायरल: सिंहदेव समर्थक जिला अध्यक्ष गाली गलौज पर उतरे, मंडल अध्यक्ष से जमकर विवाद

रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में मतभेद किसी से छिपा नहीं है। अब दिग्गज नेताओं के बाद निचले स्तर के पदाधिकारियों के बीच जमकर विवाद होने लगे हैं। ऐसा ही एक ऑडियो एनजीपी के हाथ लगा है, जिसमें एक- दूसरे को देख लेने की धमकी के साथ गालियों की बौछार की गई है। चर्चा है कि वायरल ऑडियो मुंगेली के जिला अध्यक्ष घनश्याम वर्मा और पथरिया के मंडल अध्यक्ष पवित साहू के बीच फोन पर बातचीत का है। एनपीजी इन दोनों नेताओं की बातचीत होने की पुष्टि नहीं करता, लेकिन ऑडियो के आखिरी में घनश्याम वर्मा का नाम लिया गया है।

ऑडियो की शुरुआत एक- दूसरे को तमीज सिखाने से होती है और फिर एक- दूसरे को देख लेने की बात तक होने लगती है। इसमें एक आवाज में कहा जा रहा है कि वह गुलाम है, तो दूसरी ओर से आवाज में चैलेंज भी किया जा रहा है कि उसे जो करना है करके दिखा दे। संभवत: जिला अध्यक्ष की ओर से कार्रवाई की धमकी दी जाती है, तो मंडल अध्यक्ष ने उसे चुनौती दी। इसके बाद आधे से ज्यादा वक्त तक ऑडियो में गालियों की बौछार है, जिसे लिखा या सुनाया नहीं जा सकता।

सिंहदेव का आशीर्वाद प्राप्त

पार्टी नेताओं का कहना है कि वर्तमान अध्यक्ष घनश्याम वर्मा को पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव का आशीर्वाद प्राप्त है। उनके जिला अध्यक्ष बनने के बाद से जिले में कई नेताओं के बीच मतभेद होने की बात सामने आ रही है। वहीं पथरिया मंडल अध्यक्ष पवित साहू के बारे में कहा जा रहा है वे ब्लॉक अध्यक्ष के दावेदार थे। बताया जाता है कि घनश्याम वर्मा छत्तीसगढ़ लोधी समाज के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं, ऐसे में राजनीतिक के साथ सामाजिक क्षेत्र में भी इस ऑडियो को लेकर काफी चर्चा की जा रही है। ऑडियो पर अभी तक दोनों नेताओं ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

कांग्रेसी भी आहत

मुंगेली जिले के ही कुछ कांग्रेसी इस ऑडियो को सुन कर बुरी तरह आहत हैं और पार्टी के शीष नेताओं से इस पर सीधी कार्रवाई की अपेक्षा कर रहे हैं। उनका कहना है कि पार्टी ऑडियो की जांच करवाए। ऑडियो में जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया गया है, उस पर पार्टी जनों को ज्यादा आपत्ति है।

पीसीसी अभी मौन

ऑडियो मामले में अभी छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी है। पार्टी नेताओं का कहना है कि आमतौर पर शिकायत आने पर किसी मामले की जांच की जाती है। अब देखना है कि इस पर पार्टी नेता स्वत: संज्ञान लेते हैँ या नहीं।

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