CG Crime News: पत्नी ने की बेड पर पड़े लकवाग्रस्त पति की हत्या, जहर पिलाकर मार डाला, बच्चों ने किए हैरान कर देने वाले खुलासे

Kitnashak Pilakar Hatya: कोरबा। छत्तीसगढ़ कोरबा से एक भयावह घटना सामने आई है। लकवाग्रस्त और टीबी की बीमारी से मरणासन्न हालत में बिस्तर पर पड़े जिस पत्नी के सहारे अपने सांसे गिन रहा था,उसी ने उसकी सांसे छीन ली है। पति को जहर पिलाते किसी और ने नहीं उसकी बेटी ने अपनी आंखों से देखा और 13 साल के अपने बड़े भाई को मां की करतूत को बताया। भाई-बहन की मासूमियत और पुलिस के सामने किए खुलासे के बाद पत्नी ने पति की हत्या करने की बात स्वीकार की। बहरहाल पुलिस ने आरोपी पत्नी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। मामला कोरबा के दर्री थाना क्षेत्र का है।
बीते डेढ़ साल से अरुण सिंह जिसकी उम्र महज 38 साल था, पहले लकवाग्रस्त हुआ और बीच उसे बीमारी ने घेर लिया। वह टीबी का मरीज था। दो बड़ी बीमारियों के चलते वह बिस्तर से उठ नहीं पाया और पूरे समय बिस्तर पर पड़े रहता था। अरुण सिंह के दो बच्चे हैं। दोनों अभी छोटे हैं। अरुण सिंह पूरी तरह अपनी पत्नी के रहमोकरम पर ही जीवित था। पत्नी ही उसकी देखभाल किया करती थी। पत्नी के सेवाभाव को देखते हुए अरुण के घर वाले उसे आर्थिक मदद भी किया करते थे।सेवाभावी पत्नी को अचानक क्या हुआ कि जिसके दम पर अरुण की सांसे चला करती थी उसी ने उसकी धड़कनें बंद कर दी। नापाक इरादे से पत्नी बंटी देवी ने बेटा से फूल में छिड़काव के लिए दवाई मंगाई। 13 साल का बेटा समझ नहीं पाया कि मां जिस दवाई को फूलों में छिड़काव के बहाने मंगा रही है, वही दवा उसकी पिता की सांसे रोकने वाली है। बेटा सहजता के साथ दवा की शीशी घर में ला दिया।
पत्नी बंटी देवी जिस दिन इस घटना को अंजाम देने वाली थी, कमरे से भाई बहन को बहाने से बाहर निकाल दिया। कीटनाशक की शीशी लाई ओर उसे गिलास के पानी में मिलाने लगी। मां की इस करतूत को बेटी खिड़की के बाहर से सहमे-सहमे देख रही थी। बेटी से रहा नहीं गया, वह दौड़ते अपने भाई के पास गई और भाई को मां की करतूत के बारे में बताने लगी। भाई बहन बात कर ही रहे थे कि बंटी देवी ने अपने नापाक इरादे को अंजाम तक पहुंचा ही दिया। लकवाग्रस्त और टीबी की बीमारीर से मरणासन्न स्थिति में बेड में पड़े पति को जहर मिला पानी पिला दिया। रात में जब अरुण की तबियत बिगड़ने लगी तब भाई बहन ने मां से पिता को अस्पताल ले जाने की जिद करने लगे। मां टालमटोल करती रही। टालमटोले के पीछे पति की हत्या की साजिश जो थी। रातभर में अरुण की तबियत पूरी तरह बिगड़ गई। पत्नी सामने खड़ी पति के सांसों के थमने का इंतजार करती रही। सुबह के वक्त जब परिजनों काे अरुण की तबियत बिगड़ने की जानकारी लगी तब अस्पताल लेकर गए, इलाज के दौरान चंद घंटों में अरुण की सांसे थम गई।
भाई बहन की मासूमियत ने खोले राज
अरुण की मौत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। इस बीच भाई बहन ने पुलिस को बताया कि मां ने कीटनाशक दवा मंगाई थी। मां को गिलास में दवा को मिलाते देख लिया था। उसी गिलास का पानी पिता को मां ने पिलाई थी। भाई बहन की इस जानकारी के बाद पुलिस को आशंका हुई, पुलिस ने बंटी देवी से कड़ाई से पूछताछ शुरू की। पुलिस की सख्ती के आगे बंटी देवी टूट गई और पति को कीटनाशक पिलाने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने पत्नी बंटी देवी को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर ज्यूडिशियल रिमांड पर जेल भेज दिया है।
एडिशनल एसपी कोरबा लखन पटले ने बताया, बंटी देवी ने पूछताछ में अपने पति को जहर पिलाकर मारने की बात कबूल की है। वह घटना को दूसरा रूप देने की कोशिश कर रही थी, लेकिन बच्चों से पूछताछ के बाद सच्चाई सामने आ गई। हत्या के मामले में बंटी देवी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

