CG विधानसभा बजट सत्र 2026: सदन में गरमाया पदोन्नति में आरक्षण का मुद्दा, सभापति को करना पड़ा हस्तक्षेप, पढ़िए किस मुद्दे पर घिरी रहीं महिला एवं बाल विकास मंत्री राजवाड़े

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रायपुर।09 मार्च 2026| विधानसभा बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल में आज पदाेन्नति में आरक्षण का मुद्दा छाया रहा। विधायक प्रबोध मिंज के सवालों को लेकर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े पूरे समय घिरी रहीं। आरक्षण के मुद्दे पर केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों की विभागीय अफसरों को जानकारी ना होने के कारण मंत्री को जवाब देते नहीं बना। सभापति धरमलाल कौशिक को हस्तक्षेप करना पड़ा, तब कहीं जाकर बात बनी।
विधायक प्रबोध मिंज का ये था सवाल
क्या यह सही है कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 की धारा 34 एवं छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन अधिकार नियम, 2023 की धारा 27 के अनुसार 2016 से पदोन्नति में न्यूनतम 4 प्रतिशत आरक्षण का लाभदिव्यांगजन शासकीय सेवकों को दिया जाना है? (ख) यदि हां तो इसे छत्तीसगढ़ में कब से लागू किया जावेगा ? (ग) वर्ष 2022 से अब तक दिव्यांगजन को पदोन्नति में 4% आरक्षण का लाभ दिये जाने के संबंध में कब-कब, किन-किन के आवदेन विभाग को प्राप्त हुयें हैं एवं इस पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाहियां की गई हैं?
इन सवालों के साथ ही विधायक मिंज ने पूछा कि आरक्षण को लेकर समाज कल्याण विभाग को नोडल बनाया गया है। विधायक ने भर्ती नियमों व पदोन्नति के संबंध में केंद्र सरकार व सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा, नियम छह में भर्ती नियम को लेकर स्पष्ट प्रावधान किया गया है। इसमें प्रतियोगी परीक्षा या चयन के माध्यम से सीधी भर्ती , सेवा के सदस्यों से पदोन्नति के द्वारा, सभी विभागों में यह नियम है। विधायक ने केंद्र सरकार के नियमों का हवाला देते हुए कहा, सीधी भर्ती में चार फीसदी का प्रावधान है। केंद्र सरकार के नियम व सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी दिव्यांगजनों को पदोन्नति नहीं मिल रही है। विधायक ने कहा, विभाग को हर विभाग में समन्वय कर पता लगाया जाना चाहिए, पदोन्नति हुई है या नहीं। विधायक ने मंत्री राजवाड़े से पूछा, पदोन्नति से भर्ती कब तक किया जाएगा।
मंत्री राजवाड़े ने दिया ऐसा जवाब
महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने दिव्यांग जन अधिकार अधिनियम 2016 में दिए गए नियमों व शर्तों का हवाला देते हुए कहा, पदोन्नति, आरक्षण सीधी भर्ती में केंद्र सरकार द्वारा चार फीसदी आरक्षण का प्रावधान है, लेकिन छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 की धारा 27 में तीन फीसदी आरक्षण प्रावधान हैत्र मंत्री को टोकते हुए विधायक ने कहा, मैं पदोन्नति के संबंध में जानना चाहता हूं। इस पर
सभापति ने विधायक से कहा, भर्ती प्रक्रिया नियम के बारे में पूछ लीजिए। सीधी भर्ती या पदोन्नति का नियम है क्या। यह भी पूछ लीजिए, नियम के अनुसार भर्ती का प्रावधान है उसमें सीधी भर्ती है या पदोन्नति का प्रावधान है।
मंत्री राजवाड़े ने कहा छग में पदोन्नति में तीन फीसदी आरक्षण का प्रावधान किया गया है। विधायक ने पूछा केंद्र के नियमानुसार और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत चार फीसदी पदोन्नति करना है, यह छत्तीसगढ़ में कब तक होना है। मंत्री ने कहा राज्य सरकार ने तीन फीसदी का प्रावधान किया है। पदोन्नति अब तक विभाग से नहीं किया गया है।
सभापति को करना पड़ा हस्तक्षेप
सवाल और जवाबों के बीच उलझी मंत्री के जवाब के बीच सभापति धरमलाल कौशिक ने हस्तक्षेप करते हुए मंत्री से कहा, केंद्र सरकार के नियम और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद छत्तीसगढ़ में दिव्यांगजनों को इसका लाभ मिल रहा है या नहीं मिल रहा है यही विधायक का मूल प्रश्न है। सभापति ने मंत्री से कहा, आपकी जानकारी में हो या ना हो अलग बात है, नियम, शर्तों के संबंध में आप अधिकारियों को निर्देशित कर दीजिए, जांच कराने के बाद विधिवत पालन करें। इस पर विधायक मिंज ने कहा, सुप्रीम कोर्ट का गाइड लाइन है कि पदोन्नति में तीन के बजाय चार प्रतिशत करना है। अगर मंत्री को जानकारी नहीं है तो मैं सुप्रीम कोर्ट का आदेश उपलब्ध करा देता हूं। विधायक ने कहा, चीफ सिकरेट्री ने भी इस संंबंध में पत्र लिखा था विधायक प्रमोद मिंज ने कहा, विभागीय अधिकारी मंत्री को गलत जानकारी दे रहे हैं। सदन में एक साल पहले भी सवाल पूछा था, अब तक कार्रवाई नहीं हो पाई है।
