Bilaspur High Court: कर्मचारियों की खबर: हाई कोर्ट का महत्वपूर्ण आदेश, सेवाकाल के दौरान शासकीय कर्मियों से नहीं की जा सकती रिकवरी

Bilaspur High Court: कर्मचारियों की खबर: हाई कोर्ट का महत्वपूर्ण आदेश, सेवाकाल के दौरान शासकीय कर्मियों से नहीं की जा सकती रिकवरी

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Bilaspur High Court: बिलासपुर। हाई कोर्ट के सिंगल बेंच ने अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि सेवाकाल के दौरान अधिकारी व कर्मचारियों से वसूली नहीं की जा सकती। इस फैसले के साथ ही जस्टिस पीपी साहू के सिंगल बेंच ने याचिकाकर्ता पुलिस इंस्पेक्टर के खिलाफ जारी वसूली आदेश को रद्द कर दिया है।

राजनांदगांव निवासी देवप्रकाश दादर पुलिस दूरसंचार केन्द्र, राजनांदगांव में पुलिस निरीक्षक (इंस्पेक्टर) दूरसंचार के पद पर पदस्थ है। सेवाकाल के दौरान पुलिस अधीक्षक, दूरसंचार, भिलाई जोन ने देवप्रकाश के पूर्व सेवाकाल के दौरान उन्हें वेतनवृद्धि की गणना गलत तरीके से किये जाने के आधार पर अधिक वेतन भुगतान का हवाला देकर वसूली आदेश जारी कर दिया। जारी वसूली आदेश को चुनौती देते हुए अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय एवं ऋषभदेव साहू के जरिए हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका की सुनवाई जस्टिस पीपी साहू के सिंगल बेंच में हुई। याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता अभिषेक पांडेय ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्टेट ऑफ पंजाब विरूद्ध रफीक मसीह के वाद, सुप्रीम कोर्ट द्वारा थॉमस डेनियल विरूद्ध स्टेट ऑफ केरला, सुप्रीम कोर्ट द्वारा जोगेश्वर साहू की याचिका में दिए गए फैसले का हवाला दिया। अधिवक्ता पांडेय ने बिलासपुर हाई कोर्ट के डिवीजन बेंच द्वारा छत्तीसगढ़ शासन एवं अन्य विरूद्ध एलआर ध्रुव की याचिका पर दिए गए फैसले का हवाला दिया है। हाई कोर्ट के डिवीजन बेंच ने आदेश पारित किया है, किसी भी तृतीय श्रेणी शासकीय अधिकारी, कर्मचारी से अधिक वेतन भुगतान का हवाला देकर वसूली नहीं की जा सकती है। डिवीजन बेंच ने यह भी आदेश पारित किया है, किसी शासकीय अधिकारी, कर्मचारी को वसूली दिनांक से यदि 5 वर्षों पूर्व गलत तरीके से वेतनवृद्धि जोड़कर अधिक वेतन भुगतान कर दिया गया है, इसके बाद भी उक्त शासकीय अधिकारी, कर्मचारी से अधिक भुगतान की राशि की वसूली नहीं की जा सकती है।

हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता को दी राहत, रिकवरी आदेश को किया रद्द

मामले की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट के सिंगल बेंच ने सुप्रीम कोर्ट और बिलासपुर हाई कोर्ट के डिवीजन बेंच के फैसले के मद्देनजर याचिकाकर्ता पुलिस इंस्पेक्टर की याचिका को स्वीकार करते हुए रिवकरी आदेश को रद्द कर दिया है। हाई कोर्ट ने एसपी दूरसंचार, भिलाई जोन को निर्देशित किया है, याचिकाकर्ता से वसूल की गई राशि का तत्काल भुगतान करें।

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