389 दिन की देरी पड़ी भारी! CG हाईकोर्ट ने रोडवेज पर लगाया 38 हजार रुपये जुर्माना, जानें पूरा मामला

389 दिन की देरी पड़ी भारी! CG हाईकोर्ट ने रोडवेज पर लगाया 38 हजार रुपये जुर्माना, जानें पूरा मामला

बिलासपुर। 14 अक्टूबर 2026|  सड़क हादसे में मृत व्यक्ति के परिजनों को एक करोड़ 9 हजार 160 रुपये मुआवजा देने का आदेश ट्रिब्यूनल ने रोडवेज कंपनी को दी थी। ट्रिब्यूनल के फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील करने में रोडवेज कंपनी ने 389 दिन की देरी कर दी। हाई कोर्ट ने अपील पर सशर्त सुनवाई का निर्देश दिया है। ट्रिब्यूनल द्वारा तय मुआवजा राशि का 50 फीसदी हिस्सा पीड़ित परिवार के बैंक खाते में जमा करना होगा। इसके बाद ही शेष राशि के भुगतान पर फैसले तक रोक रहेगी।

कोर्ट ने पीड़ित परिवार को राशि खर्च करने के संबंध में सशर्त छूट दी है। कोर्ट के फैसले में अगर राशि रोडवेज कंपनी को वापस लौटाने का निर्देश दिया जाता है तो पीड़ित परिवार को यह राशि लौटानी होगी।

सड़क हादसे में मृत व्यक्ति के परिजनों को दिए गए एक करोड़ 9 हजार 160 रुपये के मुआवजे के खिलाफ अपील दायर करने में 389 दिन की देरी पर छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट के जस्टिस संजय कुमार जायसवाल के सिंगल बेंच ने पंजाब रोडवेज की बस प्रबंधन कंपनी पर 38 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। विलंब को माफ करते हुए अपील को सुनवाई के लिए कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है।

कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि कंपनी 30 दिन के भीतर मुआवजा राशि का 50 प्रतिशत जमा करे, तभी शेष राशि की वसूली पर रोक लागू होगी।

पढ़िए क्या है मामला?

मामला 14 अक्टूबर 2019 को हुए सड़क हादसे से जुड़ा है। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने 22 फरवरी 2025 को दावा प्रकरण में मृतक के परिजनों के पक्ष में एक करोड़ 9 हजार 160 रुपये का मुआवजा 6 प्रतिशत सालाना ब्याज के साथ भुगतान करने का आदेश दिया था। पंजाब बस रोडवेज के मालिक की ओर से यह अपील 22 जून 2026 को दायर की गई, जिसमें 389 दिन की देरी हुई।

पीड़ित परिवार को अब तक नहीं मिली राशि

सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने ध्यान दिया कि ट्रिब्यूनल द्वारा मुआवजा आदेश के बावजूद अब तक दावेदारों को तय राशि का भुगतान नहीं किया गया है। इसी तथ्य को देखते हुए कोर्ट ने देरी माफ करने की अनुमति तो दी, लेकिन इसके साथ आर्थिक दंड भी लगाया। बस कंपनी को 38 हजार रुपये का चेक 30 दिन के भीतर किसी एक दावेदार को अधिकरण के समक्ष देने की शर्त रख दी है।

कुल मुआवजे की आधी राशि जमा करने पर मिलेगी राहत

अपील स्वीकार करने के बाद कोर्ट ने अंतरिम राहत के आवेदन पर भी सुनवाई की। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को निर्देश दिया कि 30 दिन के भीतर कुल मुआवजे की 50 प्रतिशत राशि जमा करे। इसके बाद ही शेष मुआवजे की वसूली पर रोक रहेगी। दावेदार जमा की गई राशि निकाल सकेंगे, लेकिन इसके लिए उन्हें लिखित आश्वासन देना होगा कि कोर्ट के निर्देश पर राशि वापस करनी पड़े तो वे लौटाएंगे।

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