मुख्यमंत्री विष्णुदेव की पहल पर सेवा सेतु से आसान हुई सरकारी सेवाओं की पहुंच, 36 विभागों की 520 से अधिक सेवाएं अब एक ही डिजिटल मंच पर…

मुख्यमंत्री विष्णुदेव की पहल पर सेवा सेतु से आसान हुई सरकारी सेवाओं की पहुंच, 36 विभागों की 520 से अधिक सेवाएं अब एक ही डिजिटल मंच पर…

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार प्रशासनिक सेवाओं को अधिक सरल, पारदर्शी और जनसुलभ बनाने के लिए लगातार डिजिटल पहल कर रही है। इसी दिशा में विकसित सेवा सेतु पोर्टल प्रदेश में डिजिटल सुशासन का मजबूत माध्यम बनकर उभरा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया विजन के अनुरूप तैयार इस पोर्टल के माध्यम से अब नागरिकों को अधिकांश शासकीय सेवाएं एक ही मंच पर ऑनलाइन उपलब्ध हो रही हैं। इससे लोगों को विभिन्न विभागों के कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही और सेवाएं अधिक पारदर्शी तथा समयबद्ध तरीके से मिल रही हैं।

ई-डिस्ट्रिक्ट से सेवा सेतु तक हुआ बड़ा विस्तार

पहले राज्य में ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से केवल 86 शासकीय सेवाएं उपलब्ध थीं। नागरिकों की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए इस व्यवस्था का विस्तार कर सेवा सेतु पोर्टल विकसित किया गया। वर्तमान में यह पोर्टल 36 विभागों की 520 से अधिक शासकीय सेवाओं का एकीकृत डिजिटल मंच बन चुका है। नागरिक अब अपने मोबाइल, लैपटॉप या कंप्यूटर के माध्यम से घर बैठे आवेदन कर सकते हैं, आवेदन की स्थिति देख सकते हैं और निर्धारित समय में सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इससे समय, श्रम और खर्च की बचत होने के साथ सरकारी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ी है। पोर्टल पर व्यवसाय एवं उद्योग से जुड़ी 106 सेवाएं, लाइसेंस एवं नियामकीय 85 सेवाएं, सामाजिक कल्याण और पेंशन की 65 सेवाएं, शिक्षा एवं छात्रवृत्ति की 58 सेवाएं, भूमि एवं राजस्व की 37 सेवाएं, पहचान और प्रमाण पत्र की 35 सेवाएं सहित कुल 520 से अधिक सेवाएं उपलब्ध हैं। इनमें जाति, आय, निवास और विवाह प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, पेंशन, नाम परिवर्तन, व्यापार लाइसेंस सहित अनेक नागरिक सेवाएं शामिल हैं।

गांव तक पहुंच रही डिजिटल सुविधाएं

राज्य सरकार सेवा सेतु को केवल ऑनलाइन पोर्टल तक सीमित नहीं रख रही है, बल्कि इसकी पहुंच ग्राम पंचायत स्तर तक सुनिश्चित की जा रही है। इसके लिए पंचायत सचिवों, सेवा केंद्र संचालकों और संबंधित विभागों के कर्मचारियों को चरणबद्ध प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उद्देश्य यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी समयबद्ध और आसान तरीके से डिजिटल सेवाओं का लाभ मिल सके। प्रदेशभर में पंचायत स्तर पर सेवा सेतु केंद्रों को जनसुविधा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिक भी बिना किसी कठिनाई के सरकारी सेवाओं का लाभ उठा सकें। सेवा सेतु पोर्टल की उपलब्धियां इसकी सफलता को स्पष्ट करती हैं। वर्तमान में 36 विभाग इस मंच से जुड़े हैं और 520 से अधिक सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

अब तक 39 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें 95.9 प्रतिशत का सफल निराकरण किया जा चुका है। प्रदेशभर में 16,700 से अधिक सेवा केंद्र नागरिकों की सुविधा के लिए संचालित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सेवा सेतु डिजिटल सुशासन का प्रभावी मॉडल बनकर उभरा है। यह पहल शासन और नागरिकों के बीच की दूरी कम करने के साथ सरकारी सेवाओं को अधिक तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक बना रही है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का प्रत्येक नागरिक बिना अनावश्यक परेशानी के समयबद्ध तरीके से शासकीय सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सके और डिजिटल शासन का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

धमतरी में घर बैठे मिली शासकीय सेवा की सुविधा

छत्तीसगढ़ शासन की सेवाओं को आम नागरिकों तक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू किया गया सेवा सेतु पोर्टल आज हजारों लोगों के लिए सुविधा का सशक्त माध्यम बन गया है। इस डिजिटल मंच के जरिए नागरिक घर बैठे विभिन्न प्रमाण पत्रों एवं अन्य शासकीय सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं तथा निर्धारित समय में सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

कुरूद तहसील के ग्राम करेली निवासी कु. लोमेश्वरी साहू उन लाभार्थियों में शामिल हैं, जिन्होंने सेवा सेतु के माध्यम से शासकीय सेवाओं का लाभ लेकर अपने अनुभव साझा किए हैं। उन्होंने बताया कि पहले किसी प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने हेतु तहसील कार्यालय के कई चक्कर लगाने पड़ते थे। आवेदन प्रक्रिया में समय के साथ-साथ अतिरिक्त खर्च भी होता था। कई बार आवश्यक दस्तावेजों और जानकारी के अभाव में प्रक्रिया और अधिक जटिल हो जाती थी।

सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से उन्होंने घर बैठे जाति प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन किया, आवश्यक दस्तावेज अपलोड किए तथा आवेदन की स्थिति को नियमित रूप से ट्रैक किया। निर्धारित समयावधि में उन्हें जाति प्रमाण पत्र प्राप्त हो गया। एसडीएम कुरूद श्री नभ सिंह ने सौपा । इससे न केवल उनका समय बचा, बल्कि कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने और आवागमन पर होने वाले खर्च से भी मुक्ति मिली।

कु. लोमेश्वरी साहू बताती हैं कि सेवा सेतु ने शासकीय सेवाओं को नागरिकों के लिए अधिक सुलभ और सुविधाजनक बनाया है। ऑनलाइन व्यवस्था के कारण आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी बनी रहती है तथा नागरिकों को अपने आवेदन की स्थिति की जानकारी भी आसानी से मिलती रहती है। इससे लोगों का विश्वास शासन की सेवाओं के प्रति और अधिक मजबूत हुआ है।

दुर्ग में हितग्राहियों को मिल रहा जाति प्रमाण-पत्र

छत्तीसगढ़ सरकार की डिजिटल सुशासन पहल ‘सेवा सेतु’ प्रदेश के नागरिकों तक सीधे सरकारी सुविधाएं पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण जरिया बन चुकी है, जिससे आमजन को अब छोटे-छोटे कार्यों के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इसी तारतम्य में, डिजिटल सशक्तिकरण की एक प्रभावी झलक दुर्ग जिले के ग्राम बोरई में देखने को मिली, जहाँ विगत 3 जुलाई 2026 को आवेदित दो हितग्राहियों, जय ठाकुर और यमुना ठाकुर का सामाजिक प्रास्थिति (अनुसूचित जनजाति-गोंड) प्रमाण-पत्र अनुविभागीय अधिकारी हरवंश सिंह मिरी द्वारा त्वरित रूप से स्वीकृत कर ऑनलाइन जारी किया गया। बिना किसी दफ्तर जाए, घर बैठे आईटी नियमों के तहत प्राप्त हुए ये डिजिटल दस्तावेज़ यह पुख्ता प्रमाण हैं कि ’सेवा सेतु’ व्यवस्था दूर-दराज के इलाकों में भी बेहद पारदर्शी, त्वरित और जन-अनुकूल तरीके से काम कर रही है। 

कोरबा में आसान हुई शासकीय सेवाओं की राह

शासन की महत्वाकांक्षी पहल सेवा सेतु पोर्टल नागरिकों को शासकीय सेवाएं सरल, सुलभ एवं पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने में प्रभावी साबित हो रहा है। पोर्टल के माध्यम से विभिन्न प्रमाण-पत्रों एवं अन्य शासकीय सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन कर निर्धारित समय-सीमा में लाभ प्राप्त किया जा रहा है। इससे नागरिकों का समय और धन दोनों बच रहे हैं तथा कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने की आवश्यकता भी नहीं पड़ रही है।

कोरबा जिले की पोड़ी उपरोड़ा तहसील अंतर्गत ग्राम सुतर्रा निवासी कुमारी निधि सेन ने सेवा सेतु के माध्यम से समयबद्ध सेवा का लाभ प्राप्त किया। उन्होंने निवास प्रमाण पत्र के लिए ग्राम सुतर्रा स्थित लोक सेवा केंद्र में आवेदन किया। पटवारी प्रतिवेदन सहित सभी आवश्यक दस्तावेजों की पूर्ति के उपरांत उनका आवेदन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समयबद्ध रूप से निराकृत किया गया और उन्हें मात्र एक सप्ताह के भीतर निवास प्रमाण पत्र प्राप्त हो गया।

निधि ने बताया कि आवेदन से लेकर प्रमाण-पत्र प्राप्त होने तक पूरी प्रक्रिया सहज, पारदर्शी और सुविधाजनक रही। उन्हें किसी भी कार्यालय के अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़े, जिससे समय और आर्थिक व्यय दोनों की बचत हुई। उन्होंने कहा कि सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से शासकीय सेवाओं तक आम नागरिकों की पहुंच पहले की तुलना में अधिक सरल और सुगम हुई है। 

सक्ती में शासन की योजनाओं का लाभ पाने का रास्ता हुआ आसान

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुसार आमजन की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी निराकरण के लिए संचालित सेवा सेतु केंद्र जनसेवा और सुशासन का सशक्त माध्यम बनकर लोगों को राहत पहुंचा रही है। कलेक्टर अमृत विकास तोपनो के निर्देशन में जिले में प्राप्त शिकायतों एवं आवेदनों का संवेदनशीलता और तत्परता के साथ निराकरण किया जा रहा है, जिससे नागरिकों को समय पर शासकीय सेवाओं का लाभ मिल रहा है।

इसी क्रम में ग्राम कुम्हारीपठान निवासी राज कुमार सिदार ने अपनी पुत्री गीतांजली के लिए जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र एवं आय प्रमाण पत्र बनवाने हेतु सेवा सेतु केंद्र के माध्यम से आवेदन प्रस्तुत किया। सेवा सेतु केंद्र द्वारा आवेदन का सफलतापूर्वक ऑनलाइन पंजीयन कर संबंधित विभाग को अग्रेषित किया गया। निर्धारित प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात हितग्राही को सभी आवश्यक प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए। समय पर प्रमाण पत्र प्राप्त होने से राज कुमार सिदार की लंबे समय से चली आ रही परेशानी दूर हो गई। साथ ही उनकी पुत्री के लिए विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने का मार्ग भी सुगम हो गया।

सेवा सेतु केंद्र के माध्यम से उन्हें सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक तरीके से शासकीय सेवाओं का लाभ मिला, जिससे शासन की जनहितकारी व्यवस्था के प्रति उनका विश्वास और मजबूत हुआ। राज कुमार सिदार ने बताया कि उन्हें अपनी समस्या के समाधान की उम्मीद थी, लेकिन इतनी शीघ्र कार्रवाई होने से वे बेहद प्रसन्न हैं। उन्होंने कहा कि सेवा सेतु केंद्र आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम बन रही है और इसके माध्यम से लोगों को समय पर राहत मिल रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की संवेदनशील और जनहितैषी कार्यप्रणाली से आम नागरिकों को वास्तविक लाभ मिल रहा है। जरूरतमंद लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान कर उन्हें समय पर राहत प्रदान की जा रही है, जो सुशासन की दिशा में एक सराहनीय पहल है।

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