क्वालिटी एजुकेशन से समझौता नहीं, अटैचमेंट का खेल बंद होगा, सरकारी स्कूल के बच्चे भी अंग्रेजी बोले, NPG न्यूज से बोले, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव

क्वालिटी एजुकेशन से समझौता नहीं, अटैचमेंट का खेल बंद होगा, सरकारी स्कूल के बच्चे भी अंग्रेजी बोले, NPG न्यूज से बोले, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव

रायपुर। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव सौजन्य भेंट करने एनपीजी न्यूज कार्यालय आए थे। स्कूल शिक्षा पर औपचारिक चर्चा करते हुए उन्होंने कहा हमारी सरकार बच्चों का भविष्य बेहतर करने लगातार सुधार के कार्य कर रही है। पिछले ढाई साल में अनेक ऐसे कार्य हुए हैं, जो आगे चलकर मील का पत्थर साबित होंगे। उन्होंने कहा कि हमारे बच्चे राज्य के भविष्य हैं…मैं क्वालिटी एजुकेशन से कोई समझौता नहीं करूंगा।

स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि हमारी कोशिश है कि सरकारी स्कूलों के बच्चे भी पब्लिक स्कूलों की तरह अंग्रेेजी बोले। इसके लिए आत्मानंद अंग्रेजी स्कूलों को और संसाधनों से लैस किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों से अगर कंपिटिशन में बने रहना है तो अंग्रेजी के साथ कंप्यूटर और व्यवसायिक शिक्षा अति आवश्यक है। शिक्षकों के ऑनलाइन अटेंडेंस वीएसके ऐप्प के विरोध पर मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि शिक्षक भी हमारे प्रायरिटी में हैं, वे भी इसी राज्य के हैं। शिक्षक खुद चाहते हैं कि सरकारी स्कूलों में अनुशासन के साथ पठन-पाठन की स्थिति सुधरे। उन्होंने कहा कि हमारे सारे शिक्षक वीएसके ऐप्प से अब खुद से होकर हाजिरी लगा रहे हैं। अब तो अवकाश के लिए भी शिक्षकों को इधर-उधर भटकने की जरूरत नहीं। ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी शुरू हो गई है।

बड़ी संख्या में शिक्षकों के अटैचमेंट के प्रश्न पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि वे अटैचमेंट के पक्ष में बिल्कुल नहीं हैं। अगर किसी शिक्षक को किसी दूसरे विभाग में सेवा देना है तो वह नियमानुसार प्रतिनियुक्ति पर जाए। मगर ऐसा नहीं चलेगा कि इधर-उधर से जुगाड़ लगाकर वह अटैचमेंट करा ले। उन्होंने यह भी कहा कि अटैचमेंट को संरक्षण देने या जिन अधिकारियों की इसमें भूमिका पाई गई, उनके खिलाफ निश्चित तौर पर कार्रवाई होगी।

प्राचार्य, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय संवर्ग की पदोन्नति (ई एवं टी संवर्ग)

स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा, स्कूलों में अध्ययन अध्यापन व्यवस्था को सुदृढ़ और क्वालिटी बेस्ड एजुकेशन के लिए सबसे महत्वपूर्ण कड़ी शिक्षक हाेते हैं, लिहाजा पदोन्नति पर विशेष ध्यान दिया गया है। प्राचार्य, उ.मा.वि. “टी संवर्ग” में 1335 एवं “ई संवग में 1478 पदों पर पदोन्नति की गई है। पदोन्नत प्राचार्यों की पदस्थापना काउंसिलिंग के माध्यम से की गई है। बीते दो वर्ष में संभाग एवं जिला स्तर पर लगभग 7000 पदों पर प्रधान पाठक एवं शिक्षक पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी की गई है।

स्कूल शिक्षा मंत्री ने जोर देते हुए कहा, शिक्षकों की पदोन्नति के पश्चात् पदांकन के संबंध में हमेशा ही हमें पारदर्शिता हेतु प्रथम बार पदोन्नत प्राचार्यों एवं व्याख्याताओं के साथ सहायक शिक्षक विज्ञान पद पर समायोजित बी.एड. अभ्यर्थियों का पदांकन ऑनलाइन काउसंलिंग के माध्यम से की गई। काउसंलिंग के पूर्व ही रिक्त पदों को पोर्टल के माध्यम से सभी को प्रसारित कर दिया गया था। जिसके माध्यम से काउंसलिंग में भाग लेने वाली शिक्षकगण कभी भी रिक्त पदों एवं आंबटित पदों की जानकारी देख पा रहे थे। काउंसलिंग में शत- प्रतिशत पारदर्शिता हेतु वीडियोग्राफी भी की गई। ऑनलाइन काउन्सलिंग के माध्यम 2813 प्राचार्य, से 1798 व्याख्या एवं 2891 समायोजित बी.एड. अभ्यर्थियों ने अपने पदस्थापना हेतु शाला का चयन किया। विभाग ने 2621 बी.एड. योग्यताधारी सहायक शिक्षकों को सहायक शिक्षक (विज्ञान प्रयोगशाला) में समायोजित किया है।

ऑनलाइन अवकाश और डिजिटाइजेशन

स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा, अवकाश प्रक्रिया का सरलीकरण एवं डिजिटाइजेशन हेतु किए जाने हेतु एन. आई.सी. के सहयोग से अवकाश प्रबंधन पोर्टल का निर्माण किया गया है। ऑनलाइन अवकाश हेतु शिक्षक, कर्मचारी को स्वयं अपने मोबाइल फोन के माध्यम से आवेदन एवं किए गए आवेदन का अनुसरण किए जाने की सुविधा प्रदान की गई है।

कर्मचारियो को अब अवकाश हेतु कार्यालयों के चककर लगाने नहीं पड़ते है। उनके अवकाश प्रकरण का निराकरण समय पर हो जाने का प्रावधान भी पोर्टल में किया गया है तथा स्वीकृकर्ता अधिकारी की जवाबदेही भी तय की गई है।

युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया हमने सफलतापूर्वक पूरी की

मंत्री गजेंद्र यादव का कहना है, प्रदेश में शासकीय शालाओं शिक्षकों के असामान वितरण राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 तथा शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 में उल्लेखित प्रावधनों के अनुसार विद्यालयों का समायोजन एवं शिक्षकों की उन विद्यालयों में समुचित व्यवस्था किया जाना है, जिससमें शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, विद्यालयों की अधोसरंजना का विकास, प्रत्येक विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता एवं छात्रो की दर्ज संख्या में वृद्धि, शाला त्यागी छात्रों की संख्या में कमी के साथ-साथ प्रशासनिक दक्षता को भी सुनिश्ििचत किया जा सकेगा।

प्रदेश में युक्तियुक्तकरण के पूर्व शून्य दर्ज संख्या वाली 211 शालाएं (जिनमें कई शालाओं में शिक्षक पदस्थ थे), 453 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हाई स्कूल तथा हायर सेकण्डरी शालाएं शिक्षक विहीन तथा 5936 शालाएं एकल शिक्षकीय थी, जिनमें प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हाईस्कूल तथा हायर सेकेण्डरी शालाएं सम्मिलित हैं, जिसमें शिक्षा व्यवस्था निःसंदेह प्रभावित हो रही थी।

युक्तियुक्तकरण के द्वारा 15165 शिक्षकों एवं प्राचार्यों का सामायोजन किया गया है। जिनके फलस्वरूप प्रदेश में 453 में से कोई भी शाला शिक्षक नहीं विहीन रह गई है तथा 5936 एकल शिक्षकीय शालाओं में से मात्र 1207 प्राथमिक शालाएं शिक्षकों की अनुपलब्धता के कारण शेष रह गई है।

स्पेशल एजुकेटर की सीधी भर्ती

मंत्री गजेंद्र यादव का कहना है, राज्य की शासकीय शालाओं में दिव्यांग बालक-बालिकाओं को शिक्षा की मुख्यधारा में लाने के लिये शासन द्वारा स्पेशल एजुकेटर के कुल 848 पद स्वीकृत किये गये है। वर्ष 2025 में स्पेशल एजुकेटर के कुल 62 पदों पर सीधी भर्ती से नियुक्ति की गई है। वर्तमान में समग्र शिक्षा अंतर्गत संविदा में कार्यरत बी.आर.पी. और स्पेशल एजुकेटर को निर्धारित शैक्षणिक अर्हता रखने की स्थिति में नियमित पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है।

शिक्षकों की सीधी भर्ती

मंत्री का कहना है, बीते दो वर्षों में 2104 शैक्षणिक पदों पर सीधी भर्ती की गयी है। शासन द्वारा 5000 शिक्षकीय पदों पर सीधी भर्ती की अनुमति स्कूल शिक्षा विभाग को प्रदान की गई है। इसके अंतर्गत सहायक शिक्षक, शिक्षक एवं व्याख्याता के रिक्त पदों पर सीधी भर्ती की जायेगी। भर्ती परीक्षा का आयोजन छ.ग. कर्मचारी चयन मण्डल द्वारा किया जा रहा है। परीक्षा की संभावित तिथियां अक्टूबर एवं नवंबर 2026 में घोषित की गई है।

मंत्री ने कहा, शालाओं में शिक्षकों की कमी शीघ्रता से पूर्ण हो इस दृष्टि से आत्मानंद एवं विवेकानंद स्कूलों तथा अन्य स्कूलों में शिक्षकों की केन्द्रीकृत भर्ती किये जाने के संबंध में कार्यवाही प्रारंभ कर दी गयी है। शिक्षक विहीन एवं एकल शिक्षकीय विद्यालयों में सबसे पहले शिक्षकों की नियुक्ति की जायेगी।

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